Homeदेश-समाजयूरोपीय देश ग्रीस ने जानवरों को हलाल करने पर लगाई रोक, प्रक्रिया को बताया...

यूरोपीय देश ग्रीस ने जानवरों को हलाल करने पर लगाई रोक, प्रक्रिया को बताया ‘अमानवीय’

भारत में भी हलाल को बैन करने माँग लम्बे समय से की जा रही है। दिल्ली के ऐसे होटल या मीट की दुकान, जो SDMC (दक्षिण दिल्ली नगर निगम) के अंतर्गत आते हैं, उन्हें अब हलाल या झटका बोर्ड टाँग कर रखना जरूरी होगा।

यूरोपीय देश ग्रीस की सर्वोच्च अदालत ने हलाल वध को देश में प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही कोशेर पर भी रोक लगाई है। अदालत ने पशु वध की इस प्रकिया को अमानवीय बताया है। हलाल मुख्यतः इस्लामी परम्परा और कोशेर यहूदी परम्परा से संबंधित है। अदालत ने यह आदेेश वहाँ के पर्यावरण और पशु प्रेमी संगठनों की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया है।

हलाल और कोशेर दोनों प्रक्रियाओं में पशुओं को बिना बेहोश किए, धीरे-धीरे मारा जाता है। यह पशु वध का सबसे पीड़ादायक तरीका माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अदालत में याचिका लगाने वाले समूह पाइनहेलनिक एनिमल वेलफेयर और एन्वॉयरमेंटल फेडरेशन ने अपनी माँग में वध से पहले पशुओं को एनेस्थीसिया देने की माँग की थी। यह दवा बेहोश करने के काम आती है।

अपने आँकलन में ग्रीस की सर्वोच्च प्रशासनिक न्यायालय हेलेनिक काउंसिल ऑफ़ स्टेट ने पशु अधिकारों के समर्थन में दलीलों को सही पाया। न्यायालय ने भी माना कि किसी की धार्मिक मान्यताएँ पशु अधिकारों को नजरअंदाज़ नहीं कर सकतीं। न्यायालय ने सरकार से देश भर में पशु अधिकारों और धार्मिक मान्यताओं के बीच सामंजस्य बनाने को कहा। इसी के साथ ग्रीस के स्लॉटर हाऊस में होने वाली गतिविधियों पर नजर भी रखी जाएगी। न्यायालय के आदेशानुसार, अब किसी भी जानवर को मारने से पहले उसको बेहोश करना जरूरी होगा।

ग्रीस की अदालत के इस फैसले का वहाँ के कुछ धार्मिक संगठनों ने विरोध किया है। यहूदियों के यूरोपियन एसोसिएशन के चेयरमैन रब्बी मर्गोलिन ने इस आदेश को यहूदियों की धार्मिक स्वतंत्रता में न्यायिक हस्तक्षेप बताया है। उनके अनुसार, पूरे यूरोप में यहूदियों की धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला हो रहा है।

इससे पहले 17 दिसम्बर 2020 में बेल्जियम की अदालत ने भी इसी से मिलता-जुलता फैसला सुनाया था। बेल्जियम के फ्लेमिश (Flemish) क्षेत्र में एक नियम लागू किया गया था, जिसके अंतर्गत पशुओं की हत्या करने के लिए उनकी स्टनिंग (बेहोश/बेसुध) अनिवार्य होगी। पशु अधिकारों के आधार पर स्टनिंग के बिना पशुओं की हत्या पर पाबंदी होगी। यूरोपियन यूनियन की सबसे बड़ी अदालत ने इस नियम का समर्थन किया था।

भारत में भी हलाल को बैन करने माँग लम्बे समय से की जा रही है। दिल्ली के ऐसे होटल या मीट की दुकान, जो SDMC (दक्षिण दिल्ली नगर निगम) के अंतर्गत आते हैं, उन्हें अब हलाल या झटका बोर्ड टाँग कर रखना जरूरी होगा। SDMC की सिविक बॉडी की स्टैंडिंग कमिटी ने यह प्रस्ताव 24 दिसंबर 2020 को पास किया था। इस प्रस्ताव में यह भी लिखा है कि हिंदू और सिख के लिए हलाल मीट खाना वर्जित है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

न आरोपों की राजनीति, न EVM का रोना… बदली रणनीति के दम पर प्रशांत किशोर ने जीता बांकीपुर उपचुनाव

EVM विवाद से दूरी, जमीनी मुद्दों पर फोकस, घर-घर संपर्क और सटीक चुनावी रणनीति ने बांकीपुर में प्रशांत किशोर को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

‘जेल जाएँगे, 3-4 घंटे चक्की पीसेंगे, उम्रकैद होगी’ : दंगाइयों की वकालत करने वाले जिस महमूद प्राचा ने PM मोदी और अमित शाह के...

एक इंटरव्यू में महमूद प्राचा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर विवादित टिप्पणियाँ करते हुए उन्हें जेल भेजने की बात कही।
- विज्ञापन -