Thursday, April 15, 2021
Home देश-समाज रिक्शा दुकान की छत से हुआ था कारतूस का इस्तेमाल: कॉन्स्टेबल रतन लाल की...

रिक्शा दुकान की छत से हुआ था कारतूस का इस्तेमाल: कॉन्स्टेबल रतन लाल की हत्या में दायर चार्जशीट से खुलासा

साफ है कि दिल्ली में हुई व्यापक हिंसा एक साजिश थी जिसमें इस्लामिक भीड़ ने रतन लाल को मौत के घाट उतारा। मगर वामपंथियों ने ऐसा नैरेटिव बनाया कि ऐसा लगे पूरे दंगे बहुत स्वभाविक थे और मुस्लिम समुदाय के विरोध का इससे कोई लेना-देना नहीं है।

इस्लामिक भीड़ के उन्माद के कारण 24 से 26 फरवरी 2020 तक दिल्ली का एक हिस्सा साम्प्रदायिक दंगों की आग में बुरी तरह झुलसा। हर साम्प्रदायिक दंगों की तरह इसमें भी हिंदू और मुस्लिम, दोनों समुदाय के लोग हताहत हुए।

लेकिन, इन दंगों के बाद दायर चार्जशीट ने यह साफ कर दिया है कि ये इस्लामिक भीड़ द्वारा सुनियोजित थे। मुख्यत: हिंदुओं को निशाना बनाया गया था। इन्हीं हिंदू विरोधी दंगों में सबसे पहले कॉन्स्टेबल रतन लाल की निर्मम हत्या को अंजाम दिया गया, जिसने पूरे राष्ट्र को झकझोर दिया।

रतन लाल की हत्या मामले में दायर चार्जशीट भयावह योजना की ओर इशारा करती है। अभी हाल में हमने आपको अपनी रिपोर्ट में बताया था कि डीएस बिंद्रा, जिसे मीडिया ने इंसानियत का मसीहा बताकर दिखाया, उसे चार्जशीट में वो षड्यंत्रकारी बताया गया है जिसने उन दंगो को उकसाया जिसमें रतन लाल की हत्या हुई।

ये चार्जशीट दिल्ली पुलिस की स्पेशल जाँच टीम ने रतन लाल की हत्या मामले में और आईपीएस अमित शर्मा व आईपीएस अनुज शर्मा पर हमले के संबंध में दायर की है। इस चार्जशीट में कुल 17 लोगों को आरोपित बनाया गया है।

पूरे मामले में लगभग 4 से 5 प्रमुख षड्यंत्रकारी हैं। इनमें सलीम खान, सलीम मुन्ना और शादाब का नाम शामिल है। पुलिस का कहना है कि दिल्ली में हुए दंगे देश की छवि को खराब करने की एक बड़ी साजिश थे।

हमने हाल में इसी चार्जशीट के कुछ भागों को एक्सेस किया। अपनी पड़ताल में हमें कुछ बेहद परेशान करने वाले बिंदु मिले जिनका उल्लेख चार्जशीट में है। दरअसल चार्जशीट में जाँच टीम ने कुछ नमूनों और सबूतों का जिक्र किया है, जो रतन लाल की हत्या मामले में जुटाया गए।

इनकी सूची इस प्रकार है-

  1. 40 ईंट और पत्थर
  2. पेट्रोल और केमिकल से भरी हुई 3 बोतलें
  3. 1 जिंदा कारतूस
  4. 5 पेट्रोल बम
  5. 2 इस्तेमाल की गई कारतूस
  6. कारतूस की गोलियाँ

यहाँ गौर करने वाली बात है कि उक्त सभी चीजें उस घटनास्थल से बरामद हुई हैं, जहाँ रतन लाल की हत्या को अंजाम दिया गया। इनमें से कुछ चीजें एक ऑटोरिक्शा दुकान की छत से भी मिली हैं।

चार्जशीट के अनुसार, केमिकल से भरी बोतलें, जिंदा कारतूस, पेट्रोल बम स्काईराइड ई-शॉप की छत से मिले। दिलचस्प यह है कि इसी छत से 2 इस्तेमाल हुई कारतूस भी मिली। जो यह सबूत हैं कि रतन लाल को मारने वाली भीड़ न केवल पूरी तरह हिंसा के लिए तैयार थी, बल्कि उन्होंने छत से कारतूसों का इस्तेमाल भी किया था।

गौरतलब हो कि दिल्ली दंगों में कुछ और ऐसे मामले हैं जहाँ छतों से हिंदुओं पर हमला हुआ। शिव विहार के राजधानी स्कूल, जिसका मालिक मुस्लिम है, उसे भी हिंदुओं पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा चांद बाग में ताहिर हुसैन की घर की छत से भी कई हथियार बरामद हुए थे। इस बिल्डिंग का इस्तेमाल भी हिंदुओं को निशाना बनाने के लिए किया गया और इसी में मौजूद भीड़ ने आईबी के अंकित शर्मा की निर्मम हत्या को अंजाम दिया।

मगर, फिर भी ये बात ज्ञात रहे कि रतनलाल की हत्या मामले में दायर चार्जशीट में कहीं भी अनिश्चित शब्दों में भी ये उल्लेख नहीं किया है कि पूरा दंगा पूर्व नियोजित था। चार्जशीट में तो लिखा है, “आरोपितों ने संयुक्त रूप से खुलासा किया है कि डीएस बिंद्रा, डॉ. रिजवान, अतहर, उपासना, तबस्सुम, रवीश और अन्य चांद बाग दंगों के पीछे साजिश में शामिल थे।”

बाद में गिरफ्तार शहनवाज और इब्राहिम ने भी यह खुलासा किया कि ये दंगे उसी साजिश का हिस्सा थे, जिसका आयोजन डीएस बिंद्रा, डॉ. रिजवान, सुलेमान, सलीम खान, सलीम मुन्ना और दूसरों की मदद से किया गया था।

सबसे महत्वपूर्ण बात, इस चार्जशीट में यह भी स्पष्ट रूप से कहा गया है कि साजिशकर्ता इस बात को अच्छे से जानते थे कि दंगे हो सकते हैं। इसलिए उन्होंने प्रदर्शनकारियों को हथियारबद्ध रहने का निर्देश दिया था।

इस प्रकार यह साफ होता है कि दिल्ली में हुई व्यापक हिंसा एक साजिश थी जिसमें इस्लामिक भीड़ ने रतन लाल को मौत के घाट उतारा। मगर वामपंथियों ने ऐसा नैरेटिव बनाया कि ऐसा लगे पूरे दंगे बहुत स्वभाविक थे और मुस्लिम समुदाय के विरोध का इससे कोई लेना-देना नहीं है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Nupur J Sharma
Editor, OpIndia.com since October 2017

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘वीडियो और तस्वीरों ने कोर्ट की अंतरात्मा को हिला दिया है…’: दिल्ली दंगों में पिस्टल लहराने वाले शाहरुख को जमानत नहीं

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली दंगों के आरोपित शाहरुख पठान को जमानत देने से इनकार कर दिया है।

ESPN की क्रांति, धार्मिक-जातिगत पहचान खत्म: दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के मैच की कॉमेंट्री में रिकॉर्ड

ESPN के द्वारा ‘बैट्समैन’ के स्थान पर ‘बैटर’ और ‘मैन ऑफ द मैच’ के स्थान पर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ जैसे शब्दों का उपयोग होगा।

‘बेड दीजिए, नहीं तो इंजेक्शन देकर उन्हें मार डालिए’: महाराष्ट्र में कोरोना+ पिता को लेकर 3 दिन से भटक रहा बेटा

किशोर 13 अप्रैल की दोपहर से ही अपने कोरोना पॉजिटिव पिता का इलाज कराने के लिए भटक रहे हैं।

बाबा बैद्यनाथ मंदिर में ‘गौमांस’ वाले कॉन्ग्रेसी MLA इरफान अंसारी ने की पूजा, BJP सांसद ने उठाई गिरफ्तारी की माँग

"जिस तरह काबा में गैर मुस्लिम नहीं जा सकते, उसी तरह द्वादश ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ मंदिर में गैर हिंदू का प्रवेश नहीं। इरफान अंसारी ने..."

‘मुहर्रम के कारण दुर्गा विसर्जन को रोका’ – कॉन्ग्रेस के साथी मौलाना सिद्दीकी का ममता पर आरोप

भाईचारे का राग अलाप रहे मौलाना फुरफुरा शरीफ के वही पीरजादा हैं, जिन्होंने अप्रैल 2020 में वायरस से 50 करोड़ हिंदुओं के मरने की दुआ माँगी थी।

‘जब गैर मजहबी मरते हैं तो खुशी…’ – नाइजीरिया का मंत्री, जिसके अलकायदा-तालिबान समर्थन को लेकर विदेशी मीडिया में बवाल

“यह जिहाद हर एक आस्तिक के लिए एक दायित्व है, विशेष रूप से नाइजीरिया में... या अल्लाह, तालिबान और अलकायदा को जीत दिलाओ।”

प्रचलित ख़बरें

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

‘कल के कायर आज के मुस्लिम’: यति नरसिंहानंद को गाली देती भीड़ को हिन्दुओं ने ऐसे दिया जवाब

यमुनानगर में माइक लेकर भड़काऊ बयानबाजी करती भीड़ को पीछे हटना पड़ा। जानिए हिन्दू कार्यकर्ताओं ने कैसे किया प्रतिकार?

थूको और उसी को चाटो… बिहार में दलित के साथ सवर्ण का अत्याचार: NDTV पत्रकार और साक्षी जोशी ने ऐसे फैलाई फेक न्यूज

सोशल मीडिया पर इस वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि बिहार में नीतीश कुमार के राज में एक दलित के साथ सवर्ण अत्याचार कर रहे।

जानी-मानी सिंगर की नाबालिग बेटी का 8 सालों तक यौन उत्पीड़न, 4 आरोपितों में से एक पादरी

हैदराबाद की एक नामी प्लेबैक सिंगर ने अपनी बेटी के यौन उत्पीड़न को लेकर चेन्नई में शिकायत दर्ज कराई है। चार आरोपितों में एक पादरी है।

बेटी के साथ रेप का बदला? पीड़ित पिता ने एक ही परिवार के 6 लोगों की लाश बिछा दी, 6 महीने के बच्चे को...

मृतकों के परिवार के जिस व्यक्ति पर रेप का आरोप है वह फरार है। पुलिस ने हत्या के आरोपित को हिरासत में ले लिया है।

पहले कमल के साथ चाकूबाजी, अगले दिन मुस्लिम इलाके में एक और हिंदू पर हमला: छबड़ा में गुर्जर थे निशाने पर

राजस्थान के छबड़ा में हिंसा क्यों? कमल के साथ फरीद, आबिद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन क्या हुआ? बैंसला ने ऑपइंडिया को सब कुछ बताया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,215FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe