Tuesday, January 18, 2022
Homeदेश-समाजरिफलिंग स्टेशन सील, ऑक्सीजन सिलेंडर जब्त: सप्लाई दुरुस्त करने के नाम पर दिल्ली में...

रिफलिंग स्टेशन सील, ऑक्सीजन सिलेंडर जब्त: सप्लाई दुरुस्त करने के नाम पर दिल्ली में ये क्या हो रहा

“उन्होंने मेरा रिफ़िलिंग स्टेशन बंद कर दिया है। लोग मुझे बुला रहे हैं। अब बताइए कि मैं उनके लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था कहाँ से करूँ? उन्होंने मेरी टीम के सदस्यों को उठाया और उन्हें परेशान किया। यह टॉर्चर था। उन्होंने मेरा सिलेंडर भी छीन लिया।"

देश में कोविड-19 के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसकी वजह से दिल्ली में मेडिकल ऑक्सीजन की कमी की कई खबरें आ रही हैं। इस बीच यह आरोप सामने आ रहा है कि ऑक्सीजन रिफिलर्स को सरकार से उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह से आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जो ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए इन पर निर्भर थे। अब उनके लिए ऑक्सीजन मिलना काफी मुश्किल हो रहा है।

NGO HUM के संस्थापक एडवोकेट अमित कुमार सिंह ने एक वीडियो संदेश पोस्ट किया जिसमें उन्होंने दिल्ली सरकार द्वारा शहर में ऑक्सीजन रिफिलरों पर कार्रवाई के बाद की स्थिति का वर्णन किया है। कुमार के अनुसार, कोविड -19 मरीजों के परिचारक जो रिफिलरों से मेडिकल ऑक्सीजन की व्यवस्था कर रहे थे, अब उनकी व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि सरकार ने उनके परिचालन को बंद कर दिया है। केवल 13 रिफिलर्स को मेडिकल ऑक्सीजन प्रदान करने की अनुमति है, लेकिन सरकार द्वारा जारी किए गए नंबर या तो बंद हो रहे हैं या फिर कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है।

अमित कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार ने वेस्ट विनोद नगर के एक ऑक्सीजन रिफिलर एजेंसी को सील कर उनके सिलेंडर जब्त कर लिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उसके बाद सरकार ने 6 ऑक्सीजन एजेंसियों के नंबर जारी किए, लेकिन उनमें से कोई भी फोन नहीं उठा रहा है। सिंह ने सुझाव दिया कि दिल्ली सरकार को अपने अधिकारियों को तैनात कर वेस्ट विनोद नगर के इस एजेंसी को कार्य करने देना चाहिए और निजी रिफाइनरी को चालू रखने की अनुमति देनी चाहिए।

रिफिलर स्टेशन के मालिक का प्रताड़ित किए जाने का दावा

अमित कुमार सिंह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, ऑपइंडिया वेस्ट विनोद नगर के उस एजेंसी के पास पहुँचा, जिसका सिंह ने उल्लेख किया कि वे किन कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर, रिफिलिंग एजेंसी के मालिक ने हमें बताया कि चूँकि दिल्ली सरकार द्वारा मेडिकल ऑक्सीजन रिफिलिंग स्टेशनों पर टीमों को तैनात करने के आदेश दिए गए थे, इसलिए अधिकारियों द्वारा उनके स्टेशन को बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सरकारी अधिकारियों ने उनके सिलेंडर जब्त कर लिए और परिसर को बंद कर दिया। उन्होंने आगे कहा कि उनकी टीम के सदस्यों को सरकारी अधिकारियों ने डीएम के कार्यालय में पेश करने के उठा कर ले गए।

ऑपइंडिया से बात करने के दौरान मालिक लगभग टूट सा गया और कहा, “उन्होंने मेरा रिफ़िलिंग स्टेशन बंद कर दिया है। लोग मुझे बुला रहे हैं। अब बताइए कि मैं उनके लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था कहाँ से करूँ? उन्होंने मेरी टीम के सदस्यों को उठाया और उन्हें परेशान किया। यह टॉर्चर था। उन्होंने मेरा सिलेंडर भी छीन लिया। मेरे पास मदद माँगने वालों को देने के लिए कोई जवाब नहीं है।”

जब हमने सोशल मीडिया पर सर्च किया तो पाया कि उसके रिफिलिंग स्टेशन का पता अभी भी व्यापक रूप से सोशल मीडिया पर मेडिकल ऑक्सीजन के लिए एक प्रामाणिक सोर्स के रूप में शेयर किया जा रहा है।

28 अप्रैल को दिल्ली सरकार ने एक आदेश जारी किया था, जिसमें जिला मजिस्ट्रेटों को लाइसेंस शर्तों के अनुसार मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करवाने के लिए टीम की तैनाती का निर्देश दिया था। यह आदेश राष्ट्रीय राजधानी में मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति को सुचारू करने के लिए था। लेकिन ऐसा लगता है कि इससे रिफाइनरी केंद्र मालिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘अमानतुल्लाह खान यहाँ नमाज पढ़ सकते हैं तो हिंदू हनुमान चालीसा क्यों नहीं?’: इंद्रप्रस्थ किले पर गरमाया विवाद, अंदर मस्जिद बनाने के भी आरोप

अमानतुल्लाह खान की एक वीडियो के विरोध में आज फिरोज शाह कोटला किले के बाहर हिंदूवादी लोगों ने इकट्ठा होकर हनुमान चालीसा का पाठ किया।

जब 5 मिनट तक फ्लाइंग किस देते रहे थे भगवंत मान, बार-बार गिर रहे थे: AAP ने बनाया चेहरा तो बोले लोग – ‘उड़ते...

ट्विटर पर यूजर्स उन्हें 'पेगवंत मान' कहकर संबोधित कर रहे हैं और केजरीवाल के फैसले को गलत ठहरा रहे हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
151,996FollowersFollow
413,000SubscribersSubscribe