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कॉन्गो में भारतीय मृतक के गरीब परिजनों की सहायता के लिए सुषमा स्वराज ने बढ़ाया हाथ

सुनील शर्मा के परिवार के पास पैसे नहीं हैं कि वो उनके शव को भारत ला सकें। हमेशा की तरह इस बार भी सुषमा स्वराज ने मदद का आश्वासन दिया और कहा कि हम अपने खर्च पर शव को कांगो से भारत लाएँगे।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज विदेश में रह रहे भारतीयों की कई बार मदद कर चुकी हैं। ऐसे कई मौके सामने आ चुके हैं जब विदेश में रह रहे भारतीयों ने ट्वीट कर उनसे मदद माँगी है और सुषमा स्वराज ने उनकी मदद की है। ऐसा ही एक मामला फिर सामने आया है। इस बार अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो से एक भारतीय डॉ प्रीती यादव ने मुश्किल में फंसे दूसरे भारतीय परिवार की मदद की माँग की है

प्रीती यादव ने अपने ट्वीट में लिखा कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो के किन्शासा शहर में एक भारतीय सुनील शर्मा की दो दिन पहले ही मौत हो गई। सुनील Du Cinquantanaire अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के तौर पर काम करते थे। प्रीती ने कहा कि सुनील शर्मा के परिवार के पास पैसे नहीं हैं कि वो उनके शव को भारत ला सकें। क्या वो इस मामले में उनकी तरफ से मदद की उम्मीद कर सकती हैं? हमेशा की तरह इस बार भी सुषमा स्वराज ने मदद का आश्वासन दिया और कहा कि हम अपने खर्च पर शव को कांगो से भारत लाएँगे। इसके साथ ही उन्होंने वहाँ के भारतीय दूतावास से भी संज्ञान लेने को कहा है।

इससे पहले शनिवार (अप्रैल 13, 2019) को जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला ने सुषमा स्वराज से एक कश्मीरी छात्रा के शव को बांग्लादेश से वापस भारत लाने के लिए मदद की अपील की थी। जिसके बाद सुषमा स्वराज ने इस मामले में ढाका में भारतीय उच्चायुक्त को मामले में पीड़ित परिवार की मदद के लिए कहा था और भारतीय उच्चायोग ने कहा था कि हमारे अधिकारी छात्रा के परिवार के संपर्क में है और ढाका और बांग्लादेश के अधिकारियों के साथ मिलकर छात्रा के शव को भारत भेजने की कोशिश में है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सुषमा स्वराज से मदद माँगी थी। दरअसल, 16 मार्च 2019 को न्यूज़ीलैंड में हुए हमले में जो लोग घायल हुए, उसमें हैदराबाद निवासी इक़बाल जहाँगीर के भाई अहमद जहाँगीर भी शामिल थे। हमले की खबर सुनने के बाद इकबाल अपने भाई के परिवार को सहारा देने के लिए न्यूज़ीलैंड जाना चाहते थे। इसके लिए ओवैसी ने ट्वीटर के ज़रिए सुषमा स्वराज से माँग की थी कि इकबाल के न्यूजीलैंड जाने के लिए जरूरी प्रबंधन करा दें। इस ट्वीट के कुछ देर बाद ही, इस मामले का अपडेट देने के लिए ओवैसी ने एक और ट्वीट किया। इसमें उन्होंने कहा कि वो सुषमा स्वराज का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने खुद उन्हें अहमद के परिवार वालों को समय से न्यूज़ीलैंड पहुँचाने संबंधी प्रयासों से अवगत कराया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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