Homeदेश-समाजजहाँ दर्द, वहीं सुई: फ़र्ज़ी डॉक्टर खलील अहमद गिरफ़्तार, 5वीं फेल लगा रखा था...

जहाँ दर्द, वहीं सुई: फ़र्ज़ी डॉक्टर खलील अहमद गिरफ़्तार, 5वीं फेल लगा रखा था MBBS/MS का बोर्ड

मरीज को शरीर के जिस भाग में दर्द होता था, वह उसे उसी स्थान पर इंजेक्शन लगा दिया करता था। फ़र्ज़ी डॉक्टर खलील अहमद द्वारा तंत्र-मन्त्र और झाड़-फूँक करने की बात भी सामने आई है।

मध्य प्रदेश में एक ऐसे फ़र्ज़ी डॉक्टर को गिरफ़्तार किया गया है, जो पाँचवीं फेल है। यहाँ तक कि उसे एमबीबीएस का फुल फॉर्म तक नहीं पता। जबकि, वह ख़ुद को एमबीबीएस और एमएस डिग्री होल्डर बताता फिरता था। मामला इंदौर के गौतमपुरा का है, जहाँ खलील अहमद नामक फ़र्ज़ी डॉक्टर आर्थोपेडिक क्लिनिक चलाया करता था। वहाँ उसने बाँझपन से लेकर कैंसर तक का इलाज करने जैसे दावों के साथ एक बोर्ड भी लगा रखा था।

शनिवार (अगस्त 31, 2019) को उसके ख़िलाफ़ पुलिस को शिकायत मिली थी। इसके बाद पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की एक टीम के साथ आरोपित डॉक्टर के क्लिनिक पर छापेमारी की। पुलिस को अपनी पड़ताल में पता लगा कि खलील के पास मेडिकल काउंसिल का रजिस्ट्रेशन तक नहीं था। यहाँ तक कि जब उससे उसकी डिग्री के बारे में पूछा गया तो वह अचानक से हड़बड़ा गया और उससे कोई जवाब देते नहीं बना।

आरोपित फ़र्ज़ी डॉक्टर के क्लिनिक से कई दवाइयाँ भी बरामद की गईं। हालाँकि, खलील इसका जवाब देने में भी विफल रहा कि कौन सी दवा किस बीमारी में दी जाती है। बाद में जब पुलिस ने उसकी शिक्षा-दीक्षा के बारे में पता लगाया तो खुलासा हुआ कि वह 5वीं फेल है। स्वास्थ्य विभाग की टीम से उससे अंग्रेजी में ‘डॉक्टर’ शब्द लिखने को कहा लेकिन खलील इतना भी नहीं कर सका।

आरोपित खलील पहले बंगाल में किसी डॉक्टर की क्लिनिक पर काम किया करता था। वहीं उसके शैतानी दिमाग में ये आईडिया आया कि ऐसा ही कोई क्लिनिक खोल कर लोगों को बेवकूफ बनाते हुए पैसा कमाया जा सकता है। तब उसने गौतमपुरा में क्लिनिक खोला। एक और अजीबोगरीब बात यह सामने आई है कि मरीज को शरीर के जिस भाग में दर्द होता था, वह उसे उसी स्थान पर इंजेक्शन लगा दिया करता था।

फ़र्ज़ी डॉक्टर खलील अहमद द्वारा तंत्र-मन्त्र और झाड़-फूँक करने की बात भी सामने आई है। उनके ख़िलाफ़ धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उसके क्लिनिक को भी सील कर दिया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या है आइसोब्यूटेनॉल जो 15% डीजल में मिलाने की तैयारी, E20 पर चल रहे विवाद के बीच शुरू हुई चर्चा: जानिए सबकुछ

नितिन गडकरी ने बताया कि एथेनॉल को सीधे डीजल के साथ नहीं मिलाया जा सकता इसीलिए सरकार अब एथेनॉल से आइसोब्यूटेनॉल बनाने की तकनीक पर काम कर रही है। यह सफल हो चुकी है।

‘डिटेंशन कैंप में एक भी बंगाली हिंदू नहीं’: CM हिमंता बोले- CAA से मिला संरक्षण, समझें- इस नेता ने कैसे पाट दी असमिया-गैर असमिया...

CM हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि असम के डिटेंशन सेंटर में एक भी बंगाली हिंदू नहीं है। CAA, NRC और घुसपैठियों-शरणार्थियों के अंतर पर रखा पक्ष।
- विज्ञापन -