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नाबालिग दूल्हे, बाल-बच्चेदार दुल्हनें… 500+ महिलाओं की फर्जी शादी करा के सरकारी योजना में बंदरबाँट की थी साजिश, वीडियो के बाद एक्शन में प्रशासन

घटना मनियार नगर पंचायत की है। शादी में आई कई महिलाएँ बाल-बच्चेदार भी थीं। इस समारोह को देखने आए कुछ नाबालिग लड़कों को भी दूल्हा बना कर बिठा दिया गया।

उत्तर प्रदेश के बलिया से एक ऐसा मामला सामने आया, जिसके बाद राज्य सरकार को कार्रवाई करनी पड़ी। असल में ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ से गुरुवार (25 जनवरी, 2024) को 568 जोड़ों की शादी हुई। लेकिन, इसमें कुछ ऐसा हो गया जिस पर प्रशासन को हरकत में आना पड़ा। दूल्हे का अता-पता भी नहीं था और बड़ी संख्या में दुल्हनों को माला पहना दिया गया। इनमें से कई ऐसी महिलाएँ भी हैं, जिनकी शादी वर्षों पूर्व भी हो चुकी है।

वहीं इनमें कुछ ऐसी जोड़ियाँ भी थीं, जो आपस में भाई-बहन भी हैं। दिखावे के लिए उनकी भी फर्जी शादी करा दी गई। ये सब इसीलिए किया गया, ताकि फोटो-वीडियो के जरिए सिर्फ कागज पर दिखाया जा सके कि शादी हुई है और सरकार योजना के तहत आने वाले पैसों का बँटाधार हो। इस मामले में स्थानीय ADO समेत 9 लोगों पर FIR दर्ज कराई गई है। बता दें कि इस योजना के तहत गरीब कन्या को शादी के लिए राज्य सरकार की तरफ से 51,000 रुपए दिए जाते हैं।

इसी राशि में बंदरबाँट के लिए ये सब किया गया। इसके जो वीडियो सामने आए हैं, उसमें देखा जा सकता है कि जहाँ कुछ पुरुष कुछ महिलाओं को माला पहना रहे हैं वहीं कई ऐसी हैं जिनके गले में माला डली हुई है लेकिन उनके दूल्हे का कोई अता-पता नहीं है। नकली दूल्हे-दुल्हन वाले इस फैसले के बाद एक्शन में आए प्रशासन ने मामला दर्ज कर करवाया। घटना मनियार नगर पंचायत की है। शादी में आई कई महिलाएँ बाल-बच्चेदार भी थीं।

इस समारोह को देखने आए कुछ नाबालिग लड़कों को भी दूल्हा बना कर बिठा दिया गया। उन्हें इसके लिए 2-3 हजार रुपयों का लालच दिया गया था। इन नाबालिग फर्जी दूल्हों को अपना चेहरा गमछे से छिपाते हुए भी देखा जा सकता है। बलिया के CDO ओजस्वी राज ने बताया कि लाभार्थियों के लिए भेजी गई राशि रोक दी गई है। जाँच के लिए 20 सदस्यीय टीम गठित की गई है। बाँसडीह के भाजपा विधायक केतकी सिंह ने भी कार्रवाई की माँग की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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