Saturday, June 15, 2024
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सुखराम का दोस्त था सद्दाम, पैसे ऐंठे-रेप केस करवाया, इस्लाम कबूलने का दबाव: एयरफोर्स कर्मी के सुसाइड में नया मोड़, पीड़ित पिता ने बताया सब कुछ

शिकायत में पीड़ित पिता ने राजस्थान पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल मोहम्मद सईद, उसके बेटे सद्दाम हुसैन और उसकी बहू साजिदा पर अपने बेटे को ब्लैकमेल करने और धर्मांतरण का दबाव डालने का आरोप लगाया है।

एयरफोर्स में कार्यरत सुखराम जाट की आत्महत्या ने नया मोड़ ले लिया है। पीड़ित पिता के अनुसार उनके बेटे पर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने अपने बेटे को प्रताड़ित करने का आरोप उसके दोस्त सद्दाम हुसैन और उसके परिजनों पर लगाया है। पीड़ित पिता की शिकायत पर पुलिस ने जाँच के लिए SIT गठित करने का फैसला किया है।

हैदराबाद में तैनात सुखराम जाट ने मंगलवार (20 फरवरी 2024) को ड्यूटी के दौरान सुसाइड कर लिया था। मूलतः राजस्थान के डीडवाना कुचामन निवासी सुखराम ने अपने कमरे में फाँसी लगा ली थी। उनके पिता आशाराम जाट ने गुरुवार (22 फरवरी 2024) को इस मामले में पुलिस से शिकायत की।

शिकायत में उन्होंने राजस्थान पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल मोहम्मद सईद, उसके बेटे सद्दाम हुसैन और उसकी बहू साजिदा पर अपने बेटे को ब्लैकमेल करने और धर्मांतरण का दबाव डालने का आरोप लगाया है। कहा है कि उनके बेटे को झूठे केस में फँसाने की भी धमकी दी गई थी। आशाराम जाट ने गच्छीपुरा थाने में शिकायत दी है।

उन्होंने शिकायत में बताया है कि उनके बेटे की दोस्ती सद्दाम हुसैन से थी। सद्दाम हुसैन का अब्बा मोहमद सईद फिलहाल राजस्थान पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल हैं। साल 2017 में सुखराम को एयरफोर्स में नौकरी मिली थी। पीड़ित पिता के अनुसार जब भी सुखराम छुट्टी पर आता तब वह सद्दाम हुसैन के ही साथ घूमता-फिरता था। आशाराम जाट का आरोप है कि सद्दाम हुसैन बेहद शातिर है और वह उनके बेटे को पैसे ऐंठने के लिए अपने घर ले जाया करता था।

नौकरी पाने के बाद सुखराम की शादी पूजा से हुई थी। शिकायत के अनुसार अगस्त 2023 में सुखराम जाट छुट्टी पर अपने गाँव आए थे। तब सद्दाम हुसैन अपनी बीवी साजिदा के साथ सुखराम के घर आया और पूरी रात वहीं रुका। बाद में सद्दाम ने सुखराम को अपने घर मकराना बुलाया। सुखराम भी अपनी पत्नी पूजा के साथ उसके घर गए थे और रात को वहीं रुके थे। आरोप है कि इसके थोड़े समय बाद सद्दाम हुसैन, उसकी बीवी साजिदा और अब्बा मोहम्मद सईद मिल कर सुखराम को हिन्दू धर्म के खिलाफ भड़काने लगे।

शिकायत में बताया गया है कि सुखराम जाट का ब्रेनवाश कर साजिदा, सद्दाम हुसैन और मोहम्मद सईद ने उसकी पूरी सैलरी भी हड़पने लगे थे। उस पर हिन्दू धर्म छोड़ इस्लाम कबूलने का दबाव बनाने लगे थे। जब सुखराम ने धर्मान्तरण से इनकार किया तो उसे झूठे केस में फँसा कर नौकरी से बर्खास्त करवाने की धमकी देने लगे। सुखराम इन धमकियों से काफी तनाव में रहने लगे थे।

पीड़ित पिता के अनुसार उनके परिचित मोतीराम जाट हैदराबाद में बिजनेस करते हैं। लगभग 2 माह पहले सुखराम हैदराबाद में मोतीराम से मिले थे। तब सुखराम ने मोतीराज को बताया था कि सद्दाम साल 2020 से लगातार उनसे पैसे ऐंठ रहा है। सुखराम ने यह भी कहा था कि पैसे न देने पर उनको झूठे केस में फँसाने की भी धमकी दी जाती है। मोतीराम ने इस मामले में बातचीत की पेशकश की तो सुखराम ने अपनी सामाजिक बदनामी का हवाला देकर उन्हें मना कर दिया था। 19 फरवरी 2024 को सद्दाम हुसैन, साजिदा बानो और मोहमद सईद ने मिल कर सुखराम के खिलाफ परबतसर थाने में FIR दर्ज करवा दी।

इस FIR में सुखराम जाट पर साजिदा बानो से बलात्कार करने का आरोप लगाया गया था। खुद पर हुए FIR की जानकारी जब सुखराम जाट को हुई तब वो अत्यधिक तनाव से आ गए। 20 फरवरी 2024 को सुखराम ने हैदराबाद स्थित अपने किराए के मकान में फाँसी लगा कर जान दे दी। अपने बेटे को मरने पर मजबूर करने का आरोप लगाते हुए आशाराम जाट ने सद्दाम हुसैन, साजिदा बानो और मोहम्मद सईद पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। ऑपइंडिया के पास शिकायत की कॉपी मौजूद है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तीनों आरोपितों पर कार्रवाई की माँग को लेकर सुखराम जाट के परिजनों ने 23 फरवरी को धरना भी दिया था। धरना सुखराम के शव के साथ दिया गया था। आरोप है कि सुखराम के परिजनों ने किशन सिंह नाम के कॉन्स्टेबल पर भी दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। पुलिस ने सुखराम के परिजनों को SIT गठित कर जाँच करवाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है। इस भरोसे के बाद सुखराम का अंतिम संस्कार हुआ। सुखराम के परिजनों से अभद्रता करने वाले सिपाही किशन सिंह को सस्पेंड कर दिया दिया गया है। वहीं मकराना थाने में तैनात आरोपित हेड कॉन्टेबल मोहम्मद सईद को APO कर दिया गया है। मामले की जाँच जारी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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