Tuesday, July 23, 2024
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लवजिहाद के लिए पाकिस्तानी संगठन दावत-ए-इस्लामी कर रहा करोड़ों की फंडिंग: कानपुर SIT जाँच में खुलासा

एजेंसी की जाँच में 50 हज़ार से अधिक फॉलोवर्स वाले पाकिस्तानी संगठन दावत-ए-इस्लामी का पता चला है। ये फॉलोवर्स पूरे शहर में घूम घूम कर एजेंडे के तहत भोली-भाली हिन्दू लड़कियों को फँसाने, इस्लाम कबूल करवाने के साथ ही कई हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा हैं।

कानपुर शहर में हिन्दू लड़कियों को प्रेम संबंधों में फँसाकर जबरन धर्मपरिवर्तन कराने के खेल में पाकिस्तानी संगठनों का हाथ सामने आया है। एसआईटी (SIT) जाँच में मजहबी फरेब के इन मामलों में पाकिस्तानी कनेक्शन को लेकर कई चौकाने वाले खुलासे हुए है। खबरों के अनुसार, हिंदू लड़कियों को प्रेमजाल में फँसाने और उनके धर्मांतरण के लिए पाकिस्तानी संगठन फंडिग कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि मस्जिद से पूरी साजिश रची जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कानपुर में बढ़ते लव जिहाद के मामलों को देखते हुए मोहित अग्रवाल द्वारा जाँच पड़ताल के लिए एसआईटी की एक टीम का गठन किया गया था। एजेंसी की जाँच में 50 हज़ार से अधिक फॉलोवर्स वाले पाकिस्तानी संगठन दावत-ए-इस्लामी का पता चला है। ये फॉलोवर्स पूरे शहर में घूम घूम कर अपने समुदाय के लोगों को इस्लाम धर्म के प्रति कट्टर बनाने और हिंदुओं के प्रति नफरत भरने और उन्हें बरगलाने का काम कर रहे है। एजेंडे के तहत उनके द्वारा भोली-भाली हिन्दू लड़कियों को फँसाने, इस्लाम कबूल करवाने के साथ ही कई हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा हैं।

एसआईटी के प्रभारी सीओ विकास पांडेय ने बताया कि सभी मामलों की जाँच करने के बाद पता चला कि सभी आरोपितों का जुड़ाव शहर की ऐसी मस्जिदों से है, जहाँ पाकिस्तान कट्टरपंथी विचारधारा के संगठन दावते इस्लामी का कब्जा है। संगठन के अनुयायी शहर का हेडक्वार्टर कही जाने वाली डिप्टी पड़ाव स्थित एक मस्जिद से संगठन का संचालन कर जबरन धर्मपरिवर्तन कराने की सोच का प्रचार प्रसार करते हैं।

लव जिहाद के पीछे के घिनौने सच को उजागर करते हुए उन्होंने आगे बताया कि हेडक्वार्टर से जुड़ी करीब दो दर्जन अन्य मस्जिदों में भी दावत ए इस्लामी का ही हस्तक्षेप होने की जानकारी मिली। जूही लाल कॉलोनी के सभी मामलों में आरोपितों और उनके परिजनों का जुड़ाव भी एक ही मस्जिद से होने की बात सामने आने के बाद एसआईटी ने अपनी जाँच का रुख इस ओर मोड़ दिया है। पहले भी इस संगठन का विरोधी घटनाओं से ताल्लुक पता लगने के बाद इसी जाँच में एटीएस जुटी हुई थी।

फंडिंग को लेकर SIT प्रभारी ने बताया कि थोड़े बहुत नहीं बल्कि इस्लामिक संगठन को देश से करोड़ों रुपयों का चंदा दिए जाने की बात का भी पता चला है। यह सारा पैसा SBI के एक एकाउंट में इकठ्ठा किया जाता है। जिसके जरिए शिकार बनाने वाले मजहबी युवकों को हिन्दू लड़कियों को जबर्दस्ती इस्लाम धर्म कबूल करवाने के लिए दबाव दिया जाता है। एसआईटी शहर से इस संगठन को दिए जाने वाले चंदे का भी डाटा खंगालने में जुटी है।

वहीं इस मामले में एसआईटी के एक और अधिकारी चीफ एसपी साउथ दीपक भूकर ने बताया कि सिर्फ दावत ए इस्लामी ही नहीं, लव जिहाद के खेल में कई संगठनों के विषय में जानकारी मिली है। जिनका पता लगाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी इन संगठनों की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। चौकाने वाली बात यह है कि इन संगठनों के विषय में जानकारी यू-ट्यूब पर भी उपलब्ध है। यूट्यूब के वीडियो में चंदे के लिए एकाउंट समेत कई जानकारी बताई गई है। शहर की मस्जिदों में मुखबिरों को सतर्क कर दिया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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