Tuesday, September 21, 2021
Homeदेश-समाजहवा पर करो FIR: युवती की मौत पर नेता का शर्मनाक बयान

हवा पर करो FIR: युवती की मौत पर नेता का शर्मनाक बयान

अपने बेटे की शादी के लिए अवैध होर्डिंग लगाने वाले सोशल मीडिया पर घटना को लेकर बवाल के बाद भी अन्नाद्रमुक नेता सी राजगोपाल को गिरफ़्तार करने में पुलिस को 15 दिन लग गए।

एक स्थानीय चैनल से बात करते हुए अन्नाद्रमुक नेता सी पोन्नैयन ने मानवीयता के सभी तक़ाज़ों को ताक पर रखते हुए एक इंजीनियर की मौत पर शर्मनाक बयान दिया है। पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक पोन्नैयन का कहना है कि होर्डिंग अपने ऊपर गिरने से हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुभाश्री रवि की मौत के लिए होर्डिंग अवैध रूप से लगाने वाला नहीं, बल्कि गिराने वाली हवा ज़िम्मेदार है। अगर FIR करनी है, तो हवा पर की जानी चाहिए। चार बार विधायक रह चुके पोन्नैयन ने कहा, “सुभाश्री की मौत इसलिए हुई क्योंकि बैनर हवा से गिर पड़ा। बैनर लगाने वाले व्यक्ति ने उसे गिरा कर सुभाश्री को नहीं मार डाला। अगर किसी के ख़िलाफ़ FIR करनी है तो हवा के खिलाफ होनी चाहिए।”

उल्लेखनीय है कि मद्रास हाई कोर्ट ने राज्य में सार्वजनिक स्थलों पर बैनर-होर्डिंग लगाने को प्रतिबंधित कर दिया है।

गिरी होर्डिंग, चढ़ा टैंकर

23-वर्षीया सुभाश्री की गत 12 सितंबर को टैंकर अपने ऊपर चढ़ जाने से दर्दनाक मौत हो गई थी। वह टैंकर के आगे सड़क पर तब गिर पड़ीं जब सड़क किनारे लगा अवैध बैनर उनकी स्कूटी पर अचानक गिर गया और उनका संतुलन बिगड़ गया। अपने बेटे की शादी के लिए अवैध होर्डिंग लगाने वाले सोशल मीडिया पर घटना को लेकर बवाल के बाद भी अन्नाद्रमुक नेता सी राजगोपाल को गिरफ़्तार करने में पुलिस को 15 दिन लग गए। उन पर, मीडिया खबरों के अनुसार, अवैध होर्डिंग लगाने के लिए IPC की दफ़ा 326 और Tamil Nadu Open Places Act के दफ़ा 3 के अलावा लापरवाही से किसी की मौत का कारण बनने की धारा 304A भी लगाई गई है।

द्रमुक नेता: होर्डिंग लगाओगे तो मैं नहीं आऊँगा

इस मामले में जनता की नाराज़गी को देखते हुए द्रमुक प्रमुख एमके स्टालिन ने ऐलान कर दिया था कि अगर किसी समारोह में अवैध होर्डिंग या बैनर लगे होंगे तो वे उसमें हिस्सा नहीं लेंगे। वे जनता को तक़लीफ़ पहुँचाने के सख्त खिलाफ हैं, और उनकी पार्टी में ऐसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई वे खुद करेंगे।

यही नहीं, मद्रास उच्च न्यायालय ने भी सुभाश्री के परिवार को ₹5,00,000 मुआवजा देने के आदेश के अलावा राज्य सरकार के अमले को भी आड़े हाथों लिया। अदालत ने पूछा, “अभी सड़कों को कितने और खून से रंगा जाना बाकी है?” इसके अलावा राज्य के मुख्यमंत्री पलानिस्वामी और उप-मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने भी संयुक्त बयान जारी कर पार्टी सदस्यों से होर्डिंग-बैनर न लगाने सहित जनता को तकलीफ़ देने वाले कदम उठाने से बाज आने की सलाह दी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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