Thursday, December 3, 2020
Home देश-समाज ग्लोबल हंगर इंडेक्स: रैंक में सुधार के साथ 102 से 94वें स्थान पर पहुँचा...

ग्लोबल हंगर इंडेक्स: रैंक में सुधार के साथ 102 से 94वें स्थान पर पहुँचा भारत, 14% जनसंख्या है कुपोषित

ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI) में भारत की रैंकिंग में सुधार हुआ है। पिछली बार 117 देशों में भारत की रैंकिंग 102 थी।

ग्लोबल हंगर इंडेक्स (Global Hunger Index) GHI-2020 की रिपोर्ट जारी हो गई है और भारत ने सूचकाँक में पिछले वर्ष की तुलना में बड़ा सुधार दिखाया है। पिछली बार, यानी वर्ष 2019 में ग्लोबल हंगर इंडेक्स में शामिल 117 देशों में से भारत की रैंकिंग 102 थी। वहीं वर्ष 2020 में भारत को 107 देशों में से 94 वाँ स्थान दिया गया है। हालाँकि, अभी भी सिर्फ 13 देश ही ऐसे हैं, जिनसे भारत आगे है। ये देश – रवांडा, नाइजीरिया, अफगानिस्तान, लीबिया, मोजाम्बिक और चाड आदि हैं।

‘कंसर्न वर्ल्डवाइड’ और ‘Welthungerhilfe’ संयुक्त रूप से मिलकर ग्लोबल हंगर इंडेक्स रिपोर्ट हर साल जारी करते हैं। इसे वैश्विक, क्षेत्रीय और विभिन्न देशों में भूख को मापने और ट्रैक करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, भारत में भूख का स्तर अभी भी गंभीर स्थिति में है। हालाँकि पिछले एक साल में भारत ने पर्याप्त प्रगति भी की है। भारत ने अपने GHI स्कोर (ग्लोबल हंगर इंडेक्स स्कोर) में भी सुधार किया है।

2019 में भारत का GHI स्कोर 30.3 था, 2020 में भारत ने अपने स्कोर को 27.2 तक सुधार लिया है।

GHI score 2019 में

हालाँकि वर्ष 2020 में, GHI स्कोर 27.2 हो गया है।

GHI score 2020 में

गौरतलब है कि जिस पैमाने को ‘गंभीर’ माना जाएगा, वह दोनों वर्षों में एक जैसा है। दोनों पैमानों का कहना है कि 20.0 से 34.9 के बीच का स्कोर देश को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाएगा।

बता दें कि भारत में काफी वर्षों के बाद इसमें सुधार देखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत की करीब 14% जनसंख्या कुपोषण की शिकार है। वहीं, भारत के बच्चों में ‘स्टंटिंग रेट’ 37.4% है। ‘स्टन्ड’ बच्चे वो कहलाते हैं जिनकी लंबाई उनकी उम्र की तुलना में कम होती है और जिनमें भयानक कुपोषण दिखता है।

कैसे तय होती है रैंकिंग

ग्लोबल हंगर इंडेक्स में दुनिया के तमाम देशों में खानपान की स्थिति का विस्तृत ब्योरा होता है। जैसे- लोगों को किस तरह का खाद्य पदार्थ मिल रहा है, उसकी गुणवत्ता और मात्रा कितनी है और उसमें कमियाँ क्या हैं। हर साल अक्टूबर में ये रिपोर्ट जारी की जाती है।

GHI रिपोर्ट में भूख की स्थिति के आधार पर देशों को 0 से 100 के बीच अंक दिए गए हैं। इस रिपोर्ट में 0 अंक होने का अर्थ ‘सबसे अच्छा’ और भूख की स्थिति का नहीं होना है। रिपोर्ट में 10 से कम अंक का मतलब है कि देश में भूख की बहुत कम समस्या है। इसी प्रकार से रिपोर्ट में 20 से 34.9 अंक का मतलब भूख का गंभीर संकट है। रिपोर्ट में 35 से 49.9 अंक का मतलब हालत बहुत ही चुनौतीपूर्ण है और 50 या इससे ज्यादा अंक का मतलब है कि देश में भूख की बहुत ही भयावह स्थिति है। इस रिपोर्ट में भारत को 27.2 मिले हैं जबकि 2019 में 30.3 अंक मिले थे। 

ग्लोबल हंगर इंडेक्स एक ऐसा मामला रहा है, जो भारत में हर साल मीडिया की सुर्खियाँ और राजनीतिक पार्टियों को मुद्दा बनाने में मदद करता है। कॉन्ग्रेस ने वर्ष 2019 में दावा किया था कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को तब बर्बाद कर दिया। जब कॉन्ग्रेस पार्टी सत्ता में थी तब भारत ग्लोबल हंगर इंडेक्स में ‘उदारवादी’ श्रेणी में था, जबकि 2014 के बाद से ही भारत को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा गया।

हालाँकि यह दावा पूरी तरह से निराधार था। ग्लोबल हंगर इंडेक्स स्पष्ट रूप से बताता है कि जीएचआई स्कोर की तुलना एक वर्ष में अन्य देशों के साथ की जा सकती है, लेकिन उनकी तुलना अन्य वर्षों के साथ नहीं की जा सकती है। जीएचआई वेबसाइट का कहना है कि “वर्तमान और ऐतिहासिक डेटा जिस पर जीएचआई स्कोर आधारित हैं, को संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों द्वारा लगातार संशोधित और उनका सुधार किया जा रहा है, और प्रत्येक वर्ष की जीएचआई रिपोर्ट इन परिवर्तनों को दर्शाती है। रिपोर्ट के बीच स्कोर की तुलना करने से यह धारणा बन सकती है कि भूख किसी विशिष्ट देश में साल-दर-साल सकारात्मक या नकारात्मक रूप से बदल गई है, जबकि कुछ मामलों में परिवर्तन आंशिक रूप से या पूरी तरह से डेटा संशोधन का प्रतिबिंब हो सकता है। ”

गौरतलब है कि अगर देखा जाए तो 2014 में हंगर इंडेक्स का पैमाना पूरी तरह से अलग था और 2020 का पैमाना अलग है। उदाहरण के लिए 2014 में, 10.0 से 19.9 के पैमाने को ‘गंभीर’ माना जाता था और 2020 में, 20.0 से 34.9 के पैमाने को गंभीर माना जाता है। भारत को 2014 में, 17.8 का स्कोर मिला, जबकि 2020 में भारत को 27.2 का स्कोर मिला।

प्रोपेगेंडा आधारित मीडिया और राजनेताओं के लिए इसका अर्थ यह होगा कि भारत अपने स्कोर में पीछे चला गया जबकि उन्होंने सच्चाई को किनारे रख लोगों को गुमराह करने की कोशिश की। क्योंकि लगातार इसके पैमाने बदलते रहते हैं। 2014 और 2020 दोनों साल भारत ‘गंभीर स्थिति’ की श्रेणी में था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कैसा दिखता है वैज्ञानिक कृषि वाला खेत: अजीत भारती का वीडियो | Raj Narayan’s farm and training centre, Keshabe

इस दौरान हमने जानने की कोशिश की कि ये किस तरह से कृषि, गौपालन आदि करते हैं और इसे समाज में भी ले जाने की कोशिश करते हैं।

चिंतित मत होइए, यहाँ से कुछ ले नहीं जा रहे, नया फिल्म सिटी बना रहे हैं: CM योगी का संजय राउत को करारा जवाब

सीएम योगी ने कहा कि मुंबई फिल्म उद्योग वहीं बना रहेगा और एक नई फिल्म सिटी को उत्तर प्रदेश में नए परिवेश में नई आवश्यकताओं के अनुसार विकसित किया जाएगा।

‘अब्बा कहीं जाते थे तो मैं बीमार हो जाती थी’ से ‘अब्बा घरेलू हिंसा करते हैं’: शेहला रशीद की आपबीती

शेहला का एक पुराने ट्वीट का स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है। इसमें शेहला ने लिखा है कि बचपन में जब कभी उनके अब्बा कहीं बाहर जाते थे तो वह बीमार हो जाती थी।

‘अवार्ड वापसी’ की घरवापसी: किसानों के प्रदर्शन के बीच पंजाब के पूर्व खिलाड़ियों ने पुरस्कार लौटने की दी धमकी

पद्म श्री और अर्जुन अवार्डी पहलवान करतार सिंह, अर्जुन अवार्डी बास्केटबॉल खिलाड़ी सज्जन सिंह चीमा और अर्जुन अवार्डी हॉकी खिलाड़ी राजबीर कौर उन लोगों में से हैं जो अपने पुरस्कार वापस करना चाहते हैं।

‘किसी भी केंद्रीय मंत्री को महाराष्ट्र में घुसने नहीं देंगे’: उद्धव के पार्टनर ने दी धमकी, ‘किसान आंदोलन’ का किया समर्थन

उन्होंने आरोप लगाया कि सुधार के नाम पर केंद्र कॉर्पोरेट और बड़े औद्योगिक संस्थानों को शक्तियाँ देना चाहती है।

‘बॉलीवुड को कहीं और ले जाना आसान नहीं’: मुंबई पहुँचे CM योगी अक्षय से मिले, महाराष्ट्र की तीनों सत्ताधारी पार्टियों ने किया विरोध

योगी आदित्यनाथ इसी सिलसिले में मुंबई भी पहुँचे हुए हैं, इसीलिए शिवसेना और ज्यादा चिढ़ी हुई है। वहाँ अभिनेता अक्षय कुमार ने उनसे मुलाकात की।

प्रचलित ख़बरें

‘दिल्ली और जालंधर किसके साथ गई थी?’ – सवाल सुनते ही लाइव शो से भागी शेहला रशीद, कहा – ‘मेरा अब्बा लालची है’

'ABP न्यूज़' पर शेहला रशीद अपने पिता अब्दुल शोरा के आरोपों पर सफाई देने आईं, लेकिन कठिन सवालों का जवाब देने के बजाए फोन रख कर भाग खड़ी हुईं।

‘गुजराती कसम खा कर पलट जाते हैं, औरंगजेब की तरह BJP नेताओं की कब्रों पर थूकेंगे लोग’: क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता की धमकी

जब उनसे पूछा गया कि इस 'किसान आंदोलन' में इंदिरा गाँधी की हत्या को याद कराते हुए पीएम मोदी को भी धमकी दी गई है, तो उन्होंने कहा कि जिसने जो बोया है, वो वही काटेगा।

‘जो ट्विटर पर आलोचना करेंगे, उन सब पर कार्रवाई करोगे?’ बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र की उद्धव सरकार पर दागा सवाल

बॉम्बे हाई कोर्ट ने ट्विटर यूजर सुनैना होली की गिरफ़्तारी के मामले में सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार से कड़े सवाल पूछे हैं।

दुर्घटना में घायल पिता के लिए ‘नजदीकी’ अखिलेश यादव से मदद की गुहार… लेकिन आगे आई योगी सरकार

उत्तर प्रदेश में दुर्घटनाग्रस्त एक व्यक्ति की बेटी ने मदद के लिए गुहार तो लगाई अखिलेश यादव से, लेकिन मदद के लिए योगी सरकार आगे आई।

‘हिंदू लड़की को गर्भवती करने से 10 बार मदीना जाने का सवाब मिलता है’: कुणाल बन ताहिर ने की शादी, फिर लात मार गर्भ...

“मुझे तुमसे शादी नहीं करनी थी। मेरा मजहब लव जिहाद में विश्वास रखता है, शादी में नहीं। एक हिंदू को गर्भवती करने से हमें दस बार मदीना शरीफ जाने का सवाब मिलता है।”

राजनीतिक के कारण किसान यूनियन ने लिया बड़ा यू-टर्न: पिछले साल खुद ही उठाई थी नए कानून में शामिल सभी माँग

हैरान होने वाली बात तो है कि आखिर एक साल में बीकेयू इतना बड़ा यूटर्न कैसे ले सकती है। वह लगातार कृषि क्षेत्र में किसानों के हित के लिए बिचौलियों को हटाना चाहते थे।
00:30:45

कैसा दिखता है वैज्ञानिक कृषि वाला खेत: अजीत भारती का वीडियो | Raj Narayan’s farm and training centre, Keshabe

इस दौरान हमने जानने की कोशिश की कि ये किस तरह से कृषि, गौपालन आदि करते हैं और इसे समाज में भी ले जाने की कोशिश करते हैं।

चिंतित मत होइए, यहाँ से कुछ ले नहीं जा रहे, नया फिल्म सिटी बना रहे हैं: CM योगी का संजय राउत को करारा जवाब

सीएम योगी ने कहा कि मुंबई फिल्म उद्योग वहीं बना रहेगा और एक नई फिल्म सिटी को उत्तर प्रदेश में नए परिवेश में नई आवश्यकताओं के अनुसार विकसित किया जाएगा।

NGT ने क्रिसमस और न्यू ईयर पर दी पटाखे चलाने की छूट, दिवाली में लागू था पूर्ण प्रतिबंध

एनजीटी ने कहा है कि क्रिसमस और न्यू ईयर के मद्देनजर देश के उन इलाकों में जहाँ एयर क्वालिटी मॉडरेट स्तर पर है, वहाँ पटाखे रात को 11:55 बजे से 12.30 तक यानी 35 मिनट के लिए चलाने की अनुमित होगी।

बब्बू और छब्बू मियाँ: दर्जी और पेंटर भाई कैसे बन गए भूमाफिया?

खजराना थाना क्षेत्र में बब्बू और छब्बू ने अवैध रूप से तीन आलीशान मकान बना लिया था। जिसको नगर निगम और पुलिस ने पहले नोटिस जारी करके खाली करवाया। फिर जेसीबी और पोकलेन की मदद से जमीदोंज कर दिया।

‘अब्बा कहीं जाते थे तो मैं बीमार हो जाती थी’ से ‘अब्बा घरेलू हिंसा करते हैं’: शेहला रशीद की आपबीती

शेहला का एक पुराने ट्वीट का स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है। इसमें शेहला ने लिखा है कि बचपन में जब कभी उनके अब्बा कहीं बाहर जाते थे तो वह बीमार हो जाती थी।

‘अवार्ड वापसी’ की घरवापसी: किसानों के प्रदर्शन के बीच पंजाब के पूर्व खिलाड़ियों ने पुरस्कार लौटने की दी धमकी

पद्म श्री और अर्जुन अवार्डी पहलवान करतार सिंह, अर्जुन अवार्डी बास्केटबॉल खिलाड़ी सज्जन सिंह चीमा और अर्जुन अवार्डी हॉकी खिलाड़ी राजबीर कौर उन लोगों में से हैं जो अपने पुरस्कार वापस करना चाहते हैं।

‘जो इस्लाम में प्रतिबंधित, जिन्ना ने वह सब कुछ किया’: उनके नाम पर बनी शराब की बोतल गिन्ना वायरल, लोगों ने जमकर लिए मजे

लेबल पर लिखा गया है कि एमए जिन्ना को कभी भी यह मंजूर नहीं होगा जबकि उन्होंने पूल बिलियर्ड्स, सिगार, पोर्क सॉसेज के साथ-साथ बढ़िया स्कॉच व्हिस्की और शराब का आनंद लिया।

‘शिहाब ने मेरे शौहर को मुझसे दूर किया, अश्लील संदेश भेजे, जान से मारने की धमकी दी’: कर्नाटक में असिया बनी शांति की पीड़ा

आसिया का कहना है कि उसके पति को कहीं छुपा दिया गया है और उसका मोबाइल बंद कर दिया गया है। जब वह अपने पति के परिवार के घर गई, तो उसे शिहाब ने हत्या की धमकी दी थी।

सड़क से अतिक्रमण हटाने को कहा तो कॉन्ग्रेस नेता के भाई अब्बास सिद्दीकी ने पुलिसकर्मी से की मारपीट, गिरफ्तार

स्थानीय लोगों का कहना है कि अब्बास और उसके साथी सड़क पर कुर्सी लगाकर बैठे हुए थे, जिसे हटाने की बात को लेकर व्यापारियों ने पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता और मारपीट की।

2 कॉन्ग्रेस नेताओं की हत्या, घिर गई केरल की वामपंथी सरकार: सुप्रीम कोर्ट ने दिया CBI जाँच का आदेश

मृतक के परिजन और पार्टी कार्यकर्ताओं की माँग को देखते हुए हाइकोर्ट ने मामले में CBI जाँच के आदेश दिए थे। राज्य सरकार ने हाइकोर्ट के खिलाफ...

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,518FollowersFollow
359,000SubscribersSubscribe