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बंगाल: माँ सरस्वती की मूर्ति तोड़ने वाला जलाल गिरफ्तार, सड़कों पर हिन्दुओं ने की नारेबाजी, भारी पुलिस बल तैनात

जलाल नाम के एक व्यक्ति को सरस्वती की मूर्ति को तोड़ते हुए देखा गया था। देवी सरस्वती की मूर्ति तोड़े जाने की खबर फैलते ही हावड़ा के कटलिया झोतला इलाके में हिंदूवादी कार्यकर्त्ता सड़कों पर जमा हो गए और घटना के विरोध में नारेबाजी करने लगे।

पश्चिम बंगाल के हावड़ा में जलाल नाम के युवक को देवी सरस्वती की एक मूर्ति तोड़ने के आरोप में पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मूर्ति तोड़ने की यह घटना राज्य के हावड़ा जिले के डोमजूर शहर की बताई गई है।

मंगलवार (फरवरी 16, 2021) को जब पूरा देश हिन्दुओं की आराध्य सरस्वती की पूजा का उत्सव बसंत पंचमी मना रहा था, उसके ठीक एक दिन बाद ही जलाल ने सरस्वती की मूर्ति को खंडित कर दिया। पुलिस ने इस मामले में जलाल नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है और केस की छानबीन की जा रही है।

दरअसल, हावड़ा शहर के कटलिया बाजार में सरस्वती पूजा का आयोजन किया गया था। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जलाल नाम के एक व्यक्ति को सरस्वती की मूर्ति को तोड़ते हुए देखा गया था। देवी सरस्वती की मूर्ति तोड़े जाने की खबर फैलते ही हावड़ा के कटलिया झोतला इलाके में हिंदूवादी कार्यकर्त्ता सड़कों पर जमा हो गए और घटना के विरोध में नारेबाजी करने लगे।

स्थानीय हिंदुओं ने सड़क को अवरुद्ध करते हुए घटना का विरोध किया। उन्होंने माँग की कि गिरफ्तार व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके बाद पुलिस ने बताया कि मूर्ति तोड़ने के आरोप में जलाल को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे जाँच की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फ़ौरन वहाँ पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए।

बंगाल भाजपा के ही कार्यकर्ता अक्षय सिंह ने अपने ट्विटर अकाउंट पर कुछ तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा है, “ममता के बंगाल में हिन्दुओं के त्योहारों मनाने की इजाजत नहीं है।”

गौरतलब है कि बंगाल में हिंदूवादी कार्यकर्ताओं से लेकर हिन्दू मंदिरों पर हमले की घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार देर रात भी भाजपा नेताओं पर पत्थरबाजी और हमला किया गया, जिसमें शिबाजी रॉय को गंभीर चोट आई हैं और उन्हें अस्पताल भारती किया गया। भाजपा ने इसके पीछे टीएमसी के गुंडों का हाथ बताया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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