जम्मू कश्मीर: मतदान न होने देने के लिए कहीं पत्थरबाजी तो कहीं फेंका ग्रेनेड

ये पहला मौक़ा था जब चुनाव के चलते आतंकवादियों ने ऐसा कोई हमला किया हो। हालाँकि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई है।

जम्मू कश्मीर की अनंतनाग लोकसभा सीट में शामिल शोपियाँ और पुलवामा से भारी हिंसा की खबरे आ रही हैं। इन दोनों जगहों के मतदान केंद्रों पर मतदानकर्मियों के पहुँचते ही पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस दौरान कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई, साथ ही पंचायत घर और एक स्कूल में आग तक लगा दी गई। परिस्थितियाँ इतनी अधिक तनावपूर्ण हो गईं कि मतदानकर्मियों को जेनापोरा इलाके से विमान द्वारा दूर ले जाना पड़ा।

शोपियाँ और पुलवामा में हिंसा की घटनाएँ रात से ही खबरों की सुर्खियाँ बनी हुई थीं लेकिन सुबह होते-होते हालात और भी बिगड़ गए। पथराव रोकने के लिए सेना ने आँसू गैस के गोले भी छोड़े, लेकिन बिगड़ी स्थितियों पर काबू पाना बहुत मुश्किल था।

जी न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक कल जैसे ही पोलिंग स्टाफ़ को पोलिंग का सामान देने की प्रक्रिया शुरू हुई वैसे ही कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन होने लगे जिसमें कई लोग घायल हुए। तनावपूर्ण स्थितियों के कारण शोपियाँ से जेनापुरा इलाके के लिए 38 पोलिंग स्टॉफ को एयरलिफ्ट करना पड़ा।

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इतना ही नहीं जम्मू कश्मीर की अनंतनाग लोकसभा सीट के लिए चल रहे मतदान के बीच आतंकवादियों ने पुलवामा जिले में रोहमू मतदान केन्द्र को निशाना बनाकर वहाँ ग्रेनेड भी फेंका। ये पहला मौक़ा था जब चुनाव के चलते आतंकवादियों ने ऐसा कोई हमला किया हो। हालाँकि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई है। ग्रेनेड हमले के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर ली है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले दक्षिण कश्मीर के नौगाम में आतंकवादियों ने भाजपा के जिला उपाध्यक्ष गुल मोहम्मद मीर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। शनिवार (4 मई) को हुए इस हत्याकांड को उन्हीं के घर में अंजाम दिया गया। सीने और पेट में गोलियाँ लगने के बाद मीर को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया जहाँ उन्हें मृत घोषित किया गया। यह हत्याकांड ठीक उसी समय हुआ था, जब कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने दहशतगर्दों से रमजान के महीने में दहशतगर्दी और हिंसा न करने की अपील की थी। 

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अमित शाह, राज्यसभा
गृहमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष इस वक़्त तक 802 पत्थरबाजी की घटनाएँ हुई थीं लेकिन इस साल ये आँकड़ा उससे कम होकर 544 पर जा पहुँचा है। उन्होंने बताया कि सभी 20,400 स्कूल खुले हैं। उन्होंने कहा कि 50,000 से भी अधिक (99.48%) छात्रों ने 11वीं की परीक्षा दी है।

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