Monday, December 6, 2021
Homeदेश-समाजजम्मू कश्मीर: मतदान न होने देने के लिए कहीं पत्थरबाजी तो कहीं फेंका ग्रेनेड

जम्मू कश्मीर: मतदान न होने देने के लिए कहीं पत्थरबाजी तो कहीं फेंका ग्रेनेड

ये पहला मौक़ा था जब चुनाव के चलते आतंकवादियों ने ऐसा कोई हमला किया हो। हालाँकि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई है।

जम्मू कश्मीर की अनंतनाग लोकसभा सीट में शामिल शोपियाँ और पुलवामा से भारी हिंसा की खबरे आ रही हैं। इन दोनों जगहों के मतदान केंद्रों पर मतदानकर्मियों के पहुँचते ही पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस दौरान कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई, साथ ही पंचायत घर और एक स्कूल में आग तक लगा दी गई। परिस्थितियाँ इतनी अधिक तनावपूर्ण हो गईं कि मतदानकर्मियों को जेनापोरा इलाके से विमान द्वारा दूर ले जाना पड़ा।

शोपियाँ और पुलवामा में हिंसा की घटनाएँ रात से ही खबरों की सुर्खियाँ बनी हुई थीं लेकिन सुबह होते-होते हालात और भी बिगड़ गए। पथराव रोकने के लिए सेना ने आँसू गैस के गोले भी छोड़े, लेकिन बिगड़ी स्थितियों पर काबू पाना बहुत मुश्किल था।

जी न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक कल जैसे ही पोलिंग स्टाफ़ को पोलिंग का सामान देने की प्रक्रिया शुरू हुई वैसे ही कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन होने लगे जिसमें कई लोग घायल हुए। तनावपूर्ण स्थितियों के कारण शोपियाँ से जेनापुरा इलाके के लिए 38 पोलिंग स्टॉफ को एयरलिफ्ट करना पड़ा।

इतना ही नहीं जम्मू कश्मीर की अनंतनाग लोकसभा सीट के लिए चल रहे मतदान के बीच आतंकवादियों ने पुलवामा जिले में रोहमू मतदान केन्द्र को निशाना बनाकर वहाँ ग्रेनेड भी फेंका। ये पहला मौक़ा था जब चुनाव के चलते आतंकवादियों ने ऐसा कोई हमला किया हो। हालाँकि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई है। ग्रेनेड हमले के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर ली है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले दक्षिण कश्मीर के नौगाम में आतंकवादियों ने भाजपा के जिला उपाध्यक्ष गुल मोहम्मद मीर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। शनिवार (4 मई) को हुए इस हत्याकांड को उन्हीं के घर में अंजाम दिया गया। सीने और पेट में गोलियाँ लगने के बाद मीर को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया जहाँ उन्हें मृत घोषित किया गया। यह हत्याकांड ठीक उसी समय हुआ था, जब कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने दहशतगर्दों से रमजान के महीने में दहशतगर्दी और हिंसा न करने की अपील की थी। 

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मुस्लिम बाबरी विध्वंस को नहीं भूलेंगे, फिर से बनेगी मस्जिद’: केरल के स्कूल में बाँटा गया ‘मैं बाबरी हूँ’ का बैज

केरल के एक 'सेंट जॉर्ज स्कूल' की कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिसमें एक SDPI कार्यकर्ता बच्चों की शर्ट पर बाबरी वाला बैज लगाता हुआ दिख रहा।

‘लड़ाई जीत ली, पर युद्ध जारी रहना चाहिए’: ISI सरगना और खालिस्तानी के साथ राकेश टिकैत का वीडियो कॉल, PM मोदी को कहा गया...

कथित किसान नेता राकेश टिकैत एक अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का हिस्सा बने, जिसमें खालिस्तानी से लेकर ISI से जुड़े लोग भी शामिल हुए।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
141,998FollowersFollow
412,000SubscribersSubscribe