Wednesday, July 17, 2024
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GST कलेक्शन ने सारे रिकॉर्ड तोड़ रचा इतिहास: अप्रैल 2023 में सरकार की झोली में आए ₹1.87 लाख करोड़, आर्थिक मंदी की भविष्यवाणी करने वालों को मिला जवाब

मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि 20 अप्रैल, 2023 को एक दिन में 9.8 लाख ट्रांजैक्शन हुए। इससे एक ही दिन में 68,228 करोड़ रुपए का जीएसटी कलेक्शन हुआ है।

वित्तीय वर्ष के पहले ही महीने में जीएसटी कलेक्शन (GST Collection) से सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। दरअसल, केंद्र सरकार ने अप्रैल 2023 के जीएसटी कलेक्शन के आँकड़े जारी किए हैं। इसके मुताबिक अप्रैल में सरकार को जीएसटी से 1.87 लाख करोड़ रुपए हासिल हुए हैं। यह अब तक का ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, अप्रैल में जीएसटी का कुल कलेक्शन 187035 करोड़ रुपए रहा। इसमें से सीजीएसटी कलेक्शन 38440 करोड़ रुपये, एसजीएसटी कलेक्शन 47412 करोड़ रुपए, आईजीएसटी 89158 करोड़ रुपए तथा शेष अन्य टैक्स का कलेक्शन 12025 करोड़ रुपए रहा। जीएसटी का यह कलेक्शन अप्रैल 2022 की तुलना में 12% अधिक है। तब सरकार ने जीएसटी से 1.68 लाख करोड़ रुपए जुटाए थे। सीधे तौर पर देखें तो बीते एक साल में जीएसटी कलेक्शन में बम्पर उछाल हुआ है।

मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि 20 अप्रैल, 2023 को एक दिन में 9.8 लाख ट्रांजैक्शन हुए। इससे एक ही दिन में 68,228 करोड़ रुपए का जीएसटी कलेक्शन हुआ है। बता दें कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में सरकार को जीएसटी से 18.10 लाख करोड़ रुपए मिले थे। वित्तीय वर्ष 2021-2022 की तुलना में जीएसटी का यह कलेक्शन 22% अधिक था। यदि बात बीते पिछले वित्तीय वर्ष से अब तक की करें तो बीते 13 महीनों से लगातार जीएसटी का कलेक्शन 1.40 लाख करोड़ रुपए के स्तर के पार ही रहा है। यही नहीं, जीएसटी लागू होने के बाद से अब तक तीसरी बार ऐसा हुआ है कि जीएसटी का कलेक्शन 1.60 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा।

जीएसटी कलेक्शन के यह आँकड़े इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ है जब जीएसटी का कलेक्शन 1.75 लाख करोड़ रुपए के पार पहुँचा है। साथ ही इससे उन तथाकथित अर्थशास्त्रियों को भी करारा जवाब मिल गया है जो भारत में आर्थिक मंदी की आहट और अर्थव्यवस्था ध्वस्त होने के दावे करते थे। वास्तव में, यह सरकार की नीतियों का परिणाम है कि वैश्विक मंदी की आहट और अमेरिका जैसी वैश्विक महाशक्ति के बैंकों के डूबने के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार शिखर की ओर बढ़ रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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