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जिस फैक्ट्री में 12 की मौत, उसका मालिक दिलशाद… लेकिन चलाता था वसीम: लाइसेंस बिजली के सामान का, पुलिस को मिला ‘प्लास्टिक कारतूस’

इस फैक्ट्री का लाइसेंस साल 2021 में बिजली के सामान बनाने के लिए लिया गया था। लेकिन लाइसेंस लेने वाले दिलशाद ने इसे खुद चलाने के बजाय वसीम को चलाने के लिए दे दिया।

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में 4 जून 2022 (शनिवार) को केमिकल फैक्ट्री में ब्लास्ट हुआ। इस ब्लास्ट में 12 लोगों की मौत हो गई और 21 मजदूर घायल हो गए। घायलों में कइयों की हालत गंभीर है। अब जाँच में सामने आया है कि फैक्ट्री के मालिक का नाम दिलशाद है और उसने वसीम को किराए पर चलाने के लिए दी थी यह फैक्ट्री। फिलहाल दोनों फरार हैं। पुलिस ने फैक्ट्री के अंदर प्लास्टिक के कारतूस जैसी चीजें बरामद की हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फैक्ट्री का लाइसेंस साल 2021 में बिजली के सामान बनाने के लिए लिया गया था। लेकिन लाइसेंस लेने वाले ने इसे खुद चलाने के बजाय वसीम को चलाने के लिए दे दिया। DM हापुड़ के मुताबिक इसकी जाँच करवाई जा रही है कि फैक्ट्री में विस्फोटक जैसा पदार्थ कैसे आया।

तलाशी में फैक्ट्री के अंदर कारतूस जैसी प्लास्टिक से बनी कुछ चीजें बरामद की गई हैं। पुलिस को शक है कि ये प्लास्टिक टॉय गन में प्रयोग होते होंगे। लेकिन संभावना ये भी जताई जा रही है कि इन कारतूसों में बारूद भरा जा रहा था। यही बारूद धमाके की वजह बना। इस घटना में हुए ब्लास्ट का CCTV फुटेज सामने आया है।

पुलिस ने पूरे प्रभावित क्षेत्र की ड्रोन से मैपिंग करवाई है। फरार चल रहा फैक्ट्री का मालिक दिलशाद मेरठ का निवासी बताया जा रहा है। फैक्ट्री को चला रहा वसीम भी इस हादसे में घायल बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि उसका इलाज किसी अस्पताल में चल रहा है। पुलिस उसकी तलाश में है।

घटनास्थल हापुड़ के धौलाना में आने वाला इंडस्ट्रीयल एरिया में है, जिसे यूपीसीडा ने बसाया है। सैकड़ों फैक्ट्रियों वाली इस जगह को UP स्टेट इंडस्ट्रियल अथॉरिटी के नाम से भी जाना जाता है। हादसे की शिकार फैक्ट्री प्लॉट नंबर F 128 पर चल रही थी, जिसका नाम रूही इंडस्ट्री था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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