Homeदेश-समाजCAB पास होते ही खुशी से उछल पड़े पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थी, लगाए...

CAB पास होते ही खुशी से उछल पड़े पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थी, लगाए मोदी जिंदाबाद के नारे

लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल पास होने के बाद पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई। दिल्ली में बसे पाकिस्तान से आए हिन्दू शरणार्थियों ने जमकर जश्न मनाया। इन लोगों ने पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह जिंदाबाद के नारे लगाए। ‘जय श्री राम’ के नारे भी लगाए।

लोकसभा से नागरिकता संशोधन विधेयक पास हो चुका है। इसके साथ ही दिल्ली के मजनू का टीला इलाके में रह रहे पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों में खुशी की लहर है। हिंदू शरणार्थियों को उम्मीद है कि बिल जल्द ही राज्यसभा से भी पास हो जाएगा और लंबे संघर्ष के बाद उन्हें नागरिकता मिल जाएगी। हिंदू शरणार्थियों ने नाच-गाकर और ढोल बजाकर जश्न मनाया।

मजनू का टीला में पाकिस्तान से आए हिन्दू शरणार्थियों की बस्ती है। सोमवार (दिसंबर 9, 2019) को लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल पास होने के बाद पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई। दिल्ली में बसे पाकिस्तान से आए हिन्दू शरणार्थियों ने जमकर जश्न मनाया। इन लोगों ने पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह जिंदाबाद के नारे लगाए। ‘जय श्री राम’ के नारे भी लगाए।

इस दौरान शरणार्थियों की खुशी देखते ही बन रही थी। मजनू का टीला की शरणार्थियों की बस्ती में मिठाइयाँ बाँटी गई। घरों की दीवारों पर पीएम मोदी की तस्वीर लगी है। महिला,बच्चे और पुरुष सभी खासे उत्साह में नज़र आ रहे थे। पाकिस्तान में धार्मिक आधार पर भेदभाव का शिकार हुए ये पीड़ित शरणार्थी भारत के नागरिक बनने के लिए उत्सुक हैं।

पाकिस्तान से आए इन हिंदुओं को उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें भारत की नागरिकता मिल जाएगी और उनकी शरणार्थी पहचान खत्म हो जाएगी। इनमें से ज्यादातर शरणार्थियों का कहना है कि पाकिस्तान में अपना घर छोड़ने का फैसला इनके लिए आसान नहीं था। लेकिन उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं था। धार्मिक उन्माद के कारण इन पाकिस्तानी हिंदुओं को अपना देश छोड़ना पड़ा।

गौरतलब है कि लोकसभा में गहन चर्चा के बाद 80 के मुकाबले 311 मतों से नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से शरणार्थी के तौर पर 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए उन गैर-मुस्लिमों को नागरिकता देने का प्रावधान है, जिन्हें धार्मिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा हो। विधेयक के कानून बन जाने पर ऐसे शरणार्थियों को अवैध प्रवासी नहीं माना जाएगा।

नागरिकता विधेयक पर वामपंथी फैला रहे प्रपंच, ये रहे आपके कुछ सवालों के जवाब

भोला जहाँ 8-70 साल की 200 हिंदू महिलाओं का रेप हुआ, अमित शाह को क्यूँ याद आई वह बर्बरता

‘इंदिरा ने बांग्लादेशियों को नागरिकता दी तो Pak प्रताड़ितों को क्यों नहीं?’ – 311 Vs 80 से पास हुआ बिल

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

प्रेस फ्रीडम का पीटता है ढोल, लेकिन जर्नलिस्ट की कब्रगाह बना पाकिस्तान: बलूचिस्तान में 42 पत्रकारों की मौत, POK में जुल्म दिखाने पर मीडिया...

पाकिस्तान का प्रेस फ्रीडम क्या दिखाता है? वहाँ के पत्रकारों की हत्या, सच्चाई बोलने पर पाबंदी और विदेशी मीडिया के लिए अपने अनुसार बनाए गए नियम।

कैसी दोगलई है रवीश कुमार? CJP से लेकर ईरान-गाजा पर स्टूडियो में बैठकर चलाई जुबान, झारखंड पेपर लीक पर बोलना पड़ा तो कहा- हम...

रवीश कुमार अपना प्रोपेगेंडा चमकाने से बाज तो आएँगे नहीं, 1 हफ्ते बाद झारखंड पेपर लीक मुद्दे की याद आई, उसमें भी मोदी सरकार की गलती बता रहे।
- विज्ञापन -