Homeदेश-समाजहिंदू युवा वाहिनी के UP अध्यक्ष पर हमला, घात लगाकर बैठे 4-5 अराजक तत्वों...

हिंदू युवा वाहिनी के UP अध्यक्ष पर हमला, घात लगाकर बैठे 4-5 अराजक तत्वों ने काफिले पर किया पथराव

मामले की जाँच में जुटे एसपी प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह ने बताया कि मौक़े उन्हें पत्थर और चप्पलें मिली हैं। फिलहाल पुलिस इनकी जाँच कर रही है।

उत्तर प्रदेश में हिंदूवादी नेताओं पर हमले की घटनाएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। पिछले साल कमलेश तिवारी की निर्मम हत्या ने सबको झकझोर दिया था और अभी हाल में रणजीत बच्चन की हत्या से प्रदेश सकते में आ गया था। अब ऐसे ही हमले का एक और मामला सामने आया है। घटना आजमगढ़ की है। यहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संगठन हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश राय के काफिले पर कल रात मेंहनगर में पथराव किया गया।

पथराव की इस घटना में बैठे प्रदेशाध्यक्ष सहित उनके समर्थक बाल-बाल बचे। हालाँकि इस पत्थरबाजी के कारण उनका वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के फौरन बाद प्रदेश अध्यक्ष ने पुलिस को इस संबंध में सूचना दी और पुलिस बिना कोई देरी किए छानबीन में जुट गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राकेश राय जौनपुर जिले के केकरात स्थित सेनपुर गाँव में एक कार्यक्रम में भाग लेने गए थे। मगर कार्यक्रम के बाद लौटते हुए उनके काफिले पर ये हमला हो गया। बताया जा रहा है कि देर रात जब राकेश राय अपने काफिले के साथ मेंहनगर थाना क्षेत्र पहुँचे, तभी गौरा गाँव में मौजूद कुछ अराजक तत्वों ने उन पर हमला कर दिया।

न्यूज 18 की खबर के अनुसार, हिंदू युवा वाहिनी नेता राकेश राय ने बताया कि नहर के किनारे करीब 4 से 5 की संख्या में अराजक तत्वों ने उनके काफिले पर पथराव किया। इस हमले में वे और उनके कार्यकर्ता बाल-बाल बच गए, लेकिन उनकी गाड़ी का शीशा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया।

इस मामले की जाँच में जुटे एसपी प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह ने बताया कि मौक़े उन्हें पत्थर और चप्पलें मिली हैं। फिलहाल पुलिस इनकी जाँच कर रही है। इस घटना को अंजाम देने के पीछे जिसका भी हाथ होगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -