Sunday, October 17, 2021
Homeदेश-समाजप्यार, धोखा और लालच: कृष्णा का हत्यारा निकला ज्योति का तीसरा आशिक मुख़्तार, शर्ट...

प्यार, धोखा और लालच: कृष्णा का हत्यारा निकला ज्योति का तीसरा आशिक मुख़्तार, शर्ट के 4 बटन ने सुलझाई गुत्थी

मुख़्तार ने सोते हुए कृष्णा के चेहरे पर हथौड़े से तगड़ा वार किया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद ज्योति और अपने एक दोस्त सूरज के साथ मिल कर उसकी लाश नाले में फेंक दी।

एक हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस को काफ़ी मशक्कत करनी पड़ी और राज़ खुला भी तो शर्ट के बटन से। मामला मुंबई से सटे नालासोपारा के तुलिंज पुलिस स्टेशन का है। पुलिस को एक व्यक्ति की लाश मिली। उसकी पहचान के लिए पुलिस ने उसकी शर्ट का इस्तेमाल किया, जिस पर टेलर का पता लिखा हुआ था। पुलिस जब दुकान पर पहुँची, तब टेलर ने शर्ट देखते ही बता दिया कि उक्त व्यक्ति का नाम कृष्णा है। हालाँकि, वह पूरा नाम नहीं बता पाया लेकिन उसे इतना पता था कि कृष्णा किसी मुस्लिम के होटल में काम करता है।

शर्ट देख टेलर कृष्णा की पहचान इसलिए कर पाया क्योंकि वह कॉलर के नीचे के 3-4 बटन हमेशा अलग रंग के लगाता था। जब पुलिस हत्या के तह तक पहुँची तो उसे प्यार, धोखा और लालच से भरी एक कहानी मिली। इस दौरान पुलिस को ज्योति नामक युवती का पता चला, जो उत्तर प्रदेश के महराजगंज के किसी पुलिस वाली की बहन है। उसका किसी लड़के के साथ अफेयर था। दोनों भाग कर लखनऊ आए लेकिन उस लड़के को लगा कि ज्योति का भाई उसे छोड़ेगा नहीं।

ज्योति का बॉयफ्रेंड डर के मारे लखनऊ से भाग खड़ा हुआ। इसके बाद फूट-फूट कर रो रही ज्योति को कृष्णा साहनी का साथ मिला। ज्योति को कृष्णा से भी प्यार हो गया। दोनों आकर मुंबई रहने लगे। एक दिन अचानक से कृष्णा को पता चला कि ज्योति के ऊपर यूपी में 30,000 रुपए का इनाम रखा गया है। उसके मन में लालच घर कर गया और उसने यूपी पुलिस को फोन कर ज्योति का पता बता दिया। उसने पुलिस को कहा कि वो रुपए लेकर आए और ज्योति को ले जाए। नशे की हालत में उसने ये बात ज्योति को भी बताई।

ज्योति अपने साथ हुए धोखे के कारण गुस्से से लाल हो गई। इसके बाद कृष्णा को भी अपनी ग़लती का एहसास हुआ और वह ज्योति को लेकर किसी दूसरे एरिया में शिफ्ट हो गया ताकि पुलिस उन्हें न ढूँढ पाए। वो लोग जहाँ शिफ्ट हुए, वहीं नए किरदार की एंट्री हुई। उसका नाम था मुख़्तार, जो वहाँ आता-जाता रहता था। कृष्णा के धोखे को ज्योति भूली नहीं थी। उसे अब मुख़्तार से प्यार हो गया। जब कृष्णा किसी काम से पुणे गया तो मुख़्तार की सलाह पर ज्योति कहीं और शिफ्ट हो गई।

कृष्णा जब लौटा तो उसने ज्योति को न पाकर आश्चर्य हुआ। जब उसे पता चला कि ज्योति कहीं और शिफ्ट हो गई है तो उसने बिल्डिंग के लोगों से ज्योति का नया पता लिया। कृष्णा सीधा ज्योति के घर जा धमका और उससे सेक्स की डिमांड की। शराब के नशे में उसने ज्योति के साथ गाली-गलौज भी किया। वह नशे में वहीं पर सो गया। तब ज्योति ने मुख़्तार को कॉल किया। मुख़्तार ने वहाँ पहुँच कर सीधे सोते हुए कृष्णा के चेहरे पर हथौड़े से तगड़ा वार किया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

इसके बाद मुख़्तार ने सारे सबूत मिटाए और नायलॉन के एक बैग में लाश को पैक कर दिया। लाश को उसने ज्योति और अपने एक दोस्त सूरज के साथ मिल कर नाले में फेंक दिया। पुलिस को ज्योति के बारे में उसी होटल से पता चला था, जहाँ कृष्णा काम करता था। ज्योति के घर में नया-नया पेंट किया हुआ दीवाल देख कर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खँगाली और फिर हत्या का पर्दाफाश हुआ।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

काटेंगे-मारेंगे और दिखाएँगे भी… फिर करेंगे जिम्मेदारी की घोषणा: आखिर क्यों पाकिस्तानी कानून को दिल में बसा लिया निहंग सिखों ने?

क्या यह महज संयोग है कि पाकिस्तान की तरह 'किसान' आंदोलन की जगह पर भी हुई हत्या का कारण तथाकथित तौर पर ईशनिंदा है?

डीजल डाल कर जला दिया दलित लखबीर का शव, चेहरा तक नहीं देखने दिया परिजनों को: ग्रामीणों ने किया बहिष्कार

डीजल डाल कर मोबाइल की रोशनी में दलित लखबीर सिंह के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। शव से पॉलीथिन नहीं हटाया गया। परिजन चेहरा तक न देख पाए।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
129,199FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe