Wednesday, December 2, 2020
Home देश-समाज वीर सावरकर मार्ग पर कालिख पोती, लिख डाला, मो. अली जिन्ना... JNU की घटना,...

वीर सावरकर मार्ग पर कालिख पोती, लिख डाला, मो. अली जिन्ना… JNU की घटना, पाकिस्तान की नहीं

जहाँ वीर सावरकर मार्ग लिखा था, वहाँ उनके नाम के ऊपर बड़ा-बड़ा बीआर अंबेडकर लिख दिया गया और बाद में उस पर भी कालिख पोत दी गई और वहाँ सीधे जिन्ना की तस्वीर चस्पा दी गई। इस पर मोहम्मद अली जिन्ना मार्ग लिखा था।

दिल्ली विश्वविद्यालय में वीर सावरकर की मूर्ति पर कालिख पोतने वाले वाकये के बाद अब JNU में भी ऐसा मामला सामने आया है। लेकिन यहाँ पर वामपंथियों का गढ़ होने के कारण ये मसला सिर्फ़ कालिख पोतने तक सीमित नहीं है बल्कि देश को 2 टुकड़ों में विभाजित करने वाले जिन्ना के नाम से भी जुड़ गया है।

दरअसल, कल खबर आई थी कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में सुबनसर हॉस्टल के नजदीक एक सड़क का नाम बदलकर वीर सावरकर मार्ग कर दिया गया, जिसे देखने के बाद वामपंथी काफी आग बबूला हुए और यहाँ तक कहा कि सावरकर के लिए और उनके लोगों के लिए न कभी जेएनयू में जगह थी और न कभी होगी।

अब हालाँकि, कल तक इस मार्ग का सिर्फ़ मौख़िक रूप से विरोध होता दिख रहा था। लेकिन रात भर में ये मामला ओछी हरकतों पर पहुँच गया। पहले मालूम चला है कि इस मार्ग के बैनर पर जहाँ वीर सावरकर मार्ग लिखा था, वहाँ उनका नाम छिपाकर उसके ऊपर बड़ा-बड़ा बीआर अंबेडकर लिख दिया गया और बाद में उस पर भी कालिख पोत दी गई और वहाँ सीधे जिन्ना की तस्वीर चस्पा दी गई। जिस पर मोहम्मद अली जिन्ना मार्ग लिखा था।

जेएनयूसू की अध्यक्ष आइशी घोष ने इन तस्वीरों को अपने फेसबुक पर शेयर किया और लिखा, “हम अपने धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को तोड़-मरोड़ कर रखने वाले अंग्रेजों से माफी माँगने और उन्हें स्वीकार करने वाले कभी नहीं हो सकते। आइए उन लोगों का सम्मान करें जिन्होंने हमें अपना संविधान दिया।”

हालाँकि बता दें कि आइशी द्वारा शेयर की गई तस्वीर में जिन्ना की चस्पा हुई तस्वीरें नहीं हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर बोर्ड पर चिपकी जिन्ना वाली तस्वीरें तेजी से शेयर की जा रही हैं। यूजर्स का कहना है कि JNUSU में बैठे जिन्ना के वंशजों ने वीर दामोदर सावरकर मार्ग बोर्ड को छतिग्रस्त कर जिन्ना अली मार्ग का पोस्टर लगा दिया है। अभिव्यक्ति की आड़ में पाकिस्तान परस्ति अब खुल कर सामने आने लगी है।

यूजर्स इसे वामपंथियों की राजनीति बता रहे हैं और सवाल पूछ रहे हैं कि क्या हम पाकिस्तान में हैं? और अगर नहीं तो क्या जेएनयू में पाकिस्तानी भर चुके हैं।

लोगों का आरोप है कि इस कुकृत्य को aisa और sfi के गुंडों ने अंजाम दिया है। लेकिन वह चाहकर भी सावरकर के उज्ज्वल नाम को कालीख से नहीं मिटा सकते।

जेएनयू में हुई शर्मनाक हरकत पर लोगों की माँग है कि देश में अब विभाजनकारी मानसिकता को खत्म किया जाना चाहिए। क्योंकि अभिव्यक्ति की आड़ में पाकिस्तान परस्ति अब खुल कर सामने आने लगी है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘जो ट्विटर पर आलोचना करेंगे, उन सब पर कार्रवाई करोगे?’ बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र की उद्धव सरकार पर दागा सवाल

बॉम्बे हाई कोर्ट ने ट्विटर यूजर सुनैना होली की गिरफ़्तारी के मामले में सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार से कड़े सवाल पूछे हैं।

‘मोदी चला रहे 2002 का चैनल और योगी हैं प्यार के दुश्मन’: हिंदुत्व विरोधियों के हाथ में है Swiggy का प्रबंधन व रणनीति

'Dentsu Webchutney' नामक कंपनी ही Swiggy की मार्केटिंग रणनीति तैयार करती है। कई स्क्रीनशॉट्स के माध्यम से देखिए उनका मोदी विरोध।

इस्लाम और उर्दू की शिक्षा के लिए अब्बा भेजते थे मदरसा, अच्छा नहीं लगता था… इसलिए मुंबई भागा: 14 साल के बच्चे की कहानी

किशोर ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसके अब्बा उसे जबरदस्ती इस्लाम और उर्दू की शिक्षा के लिए मदरसे भेजते थे, जबकि उसे अच्छा नहीं लगता था।

दुर्घटना में घायल पिता के लिए ‘नजदीकी’ अखिलेश यादव से मदद की गुहार… लेकिन आगे आई योगी सरकार

उत्तर प्रदेश में दुर्घटनाग्रस्त एक व्यक्ति की बेटी ने मदद के लिए गुहार तो लगाई अखिलेश यादव से, लेकिन मदद के लिए योगी सरकार आगे आई।

हैदराबाद निगम चुनाव में हिंदू वोट कट रहे, वोटर कार्ड हैं, लेकिन मतदाता सूची से नाम गायब: मीडिया रिपोर्ट

वीडियो में एक और शख्स ने दावा किया कि हिंदू वोट कट रहे हैं। पिछले साल 60,000 हिंदू वोट कटे थे। रिपोर्टर प्रदीप भंडारी ने एक लिस्ट दिखाते हुए दावा किया कि इन पर जितने भी नाम हैं, सभी हिंदू हैं।
00:27:53

किसान आंदोलन में ‘रावण’ और ‘बिलकिस बानो’, पर क्यों? अजीत भारती का वीडियो । Ajeet Bharti on Farmers Protest

फिलहाल जो नयापन है, उसमें 4-5 कैरेक्टर की एंट्री है। जिसमें से एक भीम आर्मी का चंद्रशेखर ‘रावण’ है, दूसरी बिलकिस बानो है, जो तथाकथित शाहीन बाग की ‘दादी’ के रूप में चर्चा में आई थी।

प्रचलित ख़बरें

‘दिल्ली और जालंधर किसके साथ गई थी?’ – सवाल सुनते ही लाइव शो से भागी शेहला रशीद, कहा – ‘मेरा अब्बा लालची है’

'ABP न्यूज़' पर शेहला रशीद अपने पिता अब्दुल शोरा के आरोपों पर सफाई देने आईं, लेकिन कठिन सवालों का जवाब देने के बजाए फोन रख कर भाग खड़ी हुईं।

मेरे घर में चल रहा देश विरोधी काम, बेटी ने लिए ₹3 करोड़: अब्बा ने खोली शेहला रशीद की पोलपट्टी, कहा- मुझे भी दे...

शेहला रशीद के खिलाफ उनके पिता अब्दुल रशीद शोरा ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बेटी के बैंक खातों की जाँच की माँग की है।

13 साल की बच्ची, 65 साल का इमाम: मस्जिद में मजहबी शिक्षा की क्लास, किताब के बहाने टॉयलेट में रेप

13 साल की बच्ची मजहबी क्लास में हिस्सा लेने मस्जिद गई थी, जब इमाम ने उसके साथ टॉयलेट में रेप किया।

‘हिंदू लड़की को गर्भवती करने से 10 बार मदीना जाने का सवाब मिलता है’: कुणाल बन ताहिर ने की शादी, फिर लात मार गर्भ...

“मुझे तुमसे शादी नहीं करनी थी। मेरा मजहब लव जिहाद में विश्वास रखता है, शादी में नहीं। एक हिंदू को गर्भवती करने से हमें दस बार मदीना शरीफ जाने का सवाब मिलता है।”

कहीं दीप जले, कहीं… PM मोदी के ‘हर हर महादेव’ लिखने पर लिबरलों-वामियों ने दिखाया असली रंग

“जिस समय किसान अपने जीवन के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं, हमारे पीएम को ऐसी मनोरंजन वाली वीडियो शेयर करने में शर्म तक नहीं आ रही।”

शेहला मेरठ से चुनाव लड़ती, अमेरिका में बैठे अलगाववादी देते हैं पैसे, वहीं जाकर बनाई थी पार्टी: पिता ने लगाए नए आरोप

शेहला रशीद के पिता ने कहा, "अगर मैं हिंसक होता तो मेरे खिलाफ जरूर एफआईआर होती, लेकिन मेरे खिलाफ कोई एफआईआर नहीं है।"

‘जो ट्विटर पर आलोचना करेंगे, उन सब पर कार्रवाई करोगे?’ बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र की उद्धव सरकार पर दागा सवाल

बॉम्बे हाई कोर्ट ने ट्विटर यूजर सुनैना होली की गिरफ़्तारी के मामले में सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार से कड़े सवाल पूछे हैं।

गैंग्स ऑफ वासेपुर में डेफिनिट बनने वाले जीशान कादरी के खिलाफ FIR, ₹1.25 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला

जीशान के ख़िलाफ़ 420, 406 के तहत धोखाधड़ी और विश्वास उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ है। इस शिकायत को जतिन सेठी ने दर्ज करवाया है।

‘मोदी चला रहे 2002 का चैनल और योगी हैं प्यार के दुश्मन’: हिंदुत्व विरोधियों के हाथ में है Swiggy का प्रबंधन व रणनीति

'Dentsu Webchutney' नामक कंपनी ही Swiggy की मार्केटिंग रणनीति तैयार करती है। कई स्क्रीनशॉट्स के माध्यम से देखिए उनका मोदी विरोध।

इस्लाम और उर्दू की शिक्षा के लिए अब्बा भेजते थे मदरसा, अच्छा नहीं लगता था… इसलिए मुंबई भागा: 14 साल के बच्चे की कहानी

किशोर ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसके अब्बा उसे जबरदस्ती इस्लाम और उर्दू की शिक्षा के लिए मदरसे भेजते थे, जबकि उसे अच्छा नहीं लगता था।

दुर्घटना में घायल पिता के लिए ‘नजदीकी’ अखिलेश यादव से मदद की गुहार… लेकिन आगे आई योगी सरकार

उत्तर प्रदेश में दुर्घटनाग्रस्त एक व्यक्ति की बेटी ने मदद के लिए गुहार तो लगाई अखिलेश यादव से, लेकिन मदद के लिए योगी सरकार आगे आई।

Nivar के बाद अब Burevi: इस साल का चौथा चक्रवाती तूफान, तमिलनाडु-केरल में अलर्ट

चक्रवाती तूफान बुरेवी के कारण मौसम विभाग ने केरल के 4 जिलों - तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथनमथिट्टा और अलप्पुझा में रेड अलर्ट...

हैदराबाद निगम चुनाव में हिंदू वोट कट रहे, वोटर कार्ड हैं, लेकिन मतदाता सूची से नाम गायब: मीडिया रिपोर्ट

वीडियो में एक और शख्स ने दावा किया कि हिंदू वोट कट रहे हैं। पिछले साल 60,000 हिंदू वोट कटे थे। रिपोर्टर प्रदीप भंडारी ने एक लिस्ट दिखाते हुए दावा किया कि इन पर जितने भी नाम हैं, सभी हिंदू हैं।
00:27:53

किसान आंदोलन में ‘रावण’ और ‘बिलकिस बानो’, पर क्यों? अजीत भारती का वीडियो । Ajeet Bharti on Farmers Protest

फिलहाल जो नयापन है, उसमें 4-5 कैरेक्टर की एंट्री है। जिसमें से एक भीम आर्मी का चंद्रशेखर ‘रावण’ है, दूसरी बिलकिस बानो है, जो तथाकथित शाहीन बाग की ‘दादी’ के रूप में चर्चा में आई थी।

कामरा के बाद वैसी ही ‘टुच्ची’ हरकत के लिए रचिता तनेजा के खिलाफ अवमानना मामले में कार्यवाही की अटॉर्नी जनरल ने दी सहमति

sanitarypanels ने एक कार्टून बनाया। जिसमें लिखा था, “तू जानता नहीं मेरा बाप कौन है।” इसमें बीच में अर्णब गोस्वामी को, एक तरफ सुप्रीम कोर्ट और दूसरी तरफ बीजेपी को दिखाया गया है।

वर्तमान नागालैंड की सुंदरता के पीछे छिपा है रक्त-रंजित इतिहास: नागालैंड डे पर जानिए वह गुमनाम गाथा

1826 से 1865 तक के 40 वर्षों में अंग्रेज़ी सेनाओं ने नागाओं पर कई तरीकों से हमले किए, लेकिन हर बार उन्हें उन मुट्ठी भर योद्धाओं के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,501FollowersFollow
358,000SubscribersSubscribe