Homeदेश-समाजदूसरी शादी करना चाहता था रियाज, नसरीन नहीं मानी तो हाथ-पैर बाँध सिर कर...

दूसरी शादी करना चाहता था रियाज, नसरीन नहीं मानी तो हाथ-पैर बाँध सिर कर दिया कलम

रियाज पिछले तीन साल से सऊदी अरब में रह रहा है। नसरीन का ससुरालीजनों और पति से लगातार विवाद बना रहता था। इसके कारण वह मायके में रह रही थी। रियाज अपनी पत्नी को तलाक दे दूसरी शादी करना चाहता था। लेकिन नसरीन राजी नहीं थी। इसके बाद रियाज ने अपने भाइयों के साथ मिल नसरीन के कत्ल की योजना बनाई।

बीते दिनों एक सिर कटा शव भारत-नेपाल सीमा स्थित यूपी के बहराइच जिले के रुपईडीहा थाना क्षेत्र के अडगोड़वा में गेहूॅं के खेत से मिला था। शनिवार को पुलिस ने इस मामले की गुत्थी सुलझा ली। पुलिस के अनुसार तलाक नहीं देने पर विदेश में रह रहे पति ने ही महिला की हत्या करवाई थी। मृतका के पति समेत पॉंच लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। इनमें से तीन गिरफ्तार कर लिए गए हैं।

मृतका की पहचान फखरपुर थाना क्षेत्र के औसानपुरवा निवासी इशहाक की बेटी नसरीन के रूप में हुई है। एसपी विपिन कुमार मिश्र ने मीडिया को बताया कि इशहाक ने अपनी बेटी नसरीन की शादी रिसिया थाना क्षेत्र के इटकौरी निवासी रियाज अली के साथ की थी। रियाज पिछले तीन साल से सऊदी अरब में रह रहा है। नसरीन का ससुरालीजनों और पति से लगातार विवाद बना रहता था। इसके कारण वह मायके में रह रही थी। रियाज अपनी पत्नी को तलाक दे दूसरी शादी करना चाहता था। लेकिन नसरीन राजी नहीं थी। इसके बाद रियाज ने अपने भाइयों के साथ मिल नसरीन के कत्ल की योजना बनाई।

उसने मुंबई में रह रहे अपने भाई मेराज और फुफेरे भाई नन्हे को गॉंव भेजा। ससुराल ले जाने के बहाने देवर मेराज ने नसरीन को बाइक पर बिठाया। लेकिन घर न ले जाकर उसे अडगोड़वा के एक खेत में ले गया। वहॉं पहले से ही उसके दो अन्य साथी मौजूद थे। यहीं खेत में तीनों ने नसरीन के हाथ-पैर बॉंध सिर कलम कर दिया। इसके बाद सिर सरयू नदी में फेंक दिया। पुलिस ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर पर सादिक, मेराज, रियाज, सायरा व नन्हे उर्फ सलमान पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर कत्ल में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया। नन्हे, सादिक और मिराज की गिरफ़्तारी हो गई है। नसरीन की सास सायरा फरार है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -