Homeदेश-समाजमुस्लिम महिलाओं को रकम दोगुना करने का लालच, ठगे ₹1.2 करोड़: सिराज-उर-रहमान और बुशरा...

मुस्लिम महिलाओं को रकम दोगुना करने का लालच, ठगे ₹1.2 करोड़: सिराज-उर-रहमान और बुशरा बेगम गिरफ्तार

बुशरा यूनिवर्सल इस्लामिक रिसर्च सेंटर (UIRC) की इंचार्ज थी, वहीं उसका पति सिराज UIRC का संस्थापक और महासचिव है। पुलिस ने बताया कि बुशरा और सिराज ने...

हैदराबाद में पुलिस ने गुरुवार (दिसंबर 19, 2019) को 1.2 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के आरोप में एक दंपती को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सिराज-उर-रहमान और उसकी बीबी बुशरा बेगम लोगों से पैसे दोगुने करने के नाम पर रकम ऐंठा करते थे। इस तरह सिराज-उर-रहमान और बुशरा बेगम ने लोगों के 1.2 करोड़ रुपए ठग लिए थे।

पुलिस द्वारा जारी की गई विज्ञप्ति में कहा गया है कि बुशरा यूनिवर्सल इस्लामिक रिसर्च सेंटर (UIRC) की इंचार्ज थी, वहीं उसका पति सिराज UIRC का संस्थापक और महासचिव है। पुलिस ने बताया कि बुशरा और सिराज ने उनके द्वारा चलाए जा रहे तीनों स्कीम में मुस्लिम महिलाओं को पैसा लगाने का लालच दिया। 

इसके साथ ही उन्होंने एक इस्लामिक पब्लिक स्कूल को उनके पैसे को दोगुना वापस करने का वादा करके उनसे 1.2 करोड़ रुपये ठग लिए। डेक्कन क्रॉनिकल के मुताबिक, सिराज-उर-रहमान और उसकी बीबी बुशरा बेगम ने कथित तौर पर हीरा ग्रुप कंपनियों के हीरा गोल्ड, हीरा फुडेक्स, हीरा रिटेल और आईपीएस जैसी कंपनियों में अपने पैसे का निवेश करने के लिए लोगों को यकीन दिलाया।

हालाँकि वो लोगों को किसी भी तरह का रिटर्न देने में असफल रहे। उन्होंने लोगों को उनके द्वारा जमा की गई राशि भी नहीं लौटाई। जिसके बाद उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता और वित्तीय प्रतिष्ठान अधिनियम के जमाकर्ताओं के तेलंगाना संरक्षण के संबंधित धाराओं के तहत दो मामले दर्ज किए गए। निवेशक अर्शिया सुल्ताना और उनके रिश्तेदारों ने पुलिस को शिकायत की कि उन्होंने 1.2 करोड़ रुपए का निवेश किया था, लेकिन उनके निवेश पर न तो उन्हें रिटर्न मिला और न ही उनके द्वारा जमा किए गए पैसे। 

इसके अलावा सुल्ताना और उनके रिश्तेदारों ने भी सैदाबाद पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जाँच की। जाँच में बुशरा और सिराज के दोषी पाए जाने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। आरोपितों के खिलाफ आईपीसी की धारा 406, धारा 420, धारा 506 और वित्तीय प्रतिष्ठान अधिनियम के जमाकर्ताओं के संरक्षण के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था

गौरतलब है कि इससे पहले भी हैदराबाद में धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए थे, जिसमें हीरा गोल्ड हलाल पोंजी योजना भी शामिल है। इसने न केवल हैदराबाद के निवासियों, बल्कि पूरे भारत और विश्व के हजारों लोगों को ठगा है। 

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -