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‘खालिस्तानी तत्वों के खिलाफ हुई क्या कार्रवाई ?’: दूतावास पर हमले के बाद भारत ने किया कनाडा राजदूत से सवाल, वियना संधि की याद दिलाई

दरअसल, पंजाब में 'वारिस पंजाब दे' के का मुखिया और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई के कारण विदेशों में बैठे उसके समर्थक बौखला गए हैं। इस बौखलाहट में वे भारतीय राजदूत और राजनयिक परिसरों को निशाना बना रहे हैं। ब्रिटेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा सहित कई देशों में इस तरह की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं।

देश और विदेश में खालिस्तानियों के नापाक हरकतों को लेकर सरकार सख्त है। एक तरफ देश में अमृतपाल के खिलाफ के खिलाफ कार्रवाई तेज है तो दूसरी तरफ कनाडा में खालिस्तानियों के हमले को लेकर वहाँ के राजदूत को तलब किया गया है।

बता दें कि हाल के दिनों में कनाडा में भारतीय वाणिज्य दूतावासों को निशाना बनाया गया था। इसको लेकर भारत ने चिंता व्यक्त की थी। अब सरकार ने कनाडा के राजदूत को तलब कर पूछा है कि इन चरमपंथियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।

इस मामले को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार ने शनिवार (25 मार्च 2023) को राजदूत से स्पष्टीकरण माँगा। उनसे पूछा गया कि खालिस्तानी तत्वों को पुलिस की मौजूदगी में भारतीय राजनयिक मिशन और वाणिज्य दूतावासों की सुरक्षा में सेंध लगाने की अनुमति कैसे दी गई।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि कनाडा को विएना संधि के तहत अपने दायित्वों की याद दिलाई गई। उन्हें ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर उन पर मुकदमा चलाने के लिए कहा गया, जिनकी पहचान पहले ही इस तरह के कृत्यों में शामिल होने के रूप में की जा चुकी है।

विदेश मंत्रालय ने आशा व्यक्त है कि कनाडा की सरकार अपने राजनयिकों और उनके परिसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाएगी। बता दें कि पिछले रविवार को खालिस्तान समर्थकों के हिंसक विरोध के बाद ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में एक कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया।

इस कार्यक्रम में भारतीय राजदूत हिस्सा लेने वाले थे। इस दौरान विरोध प्रदर्शन को कवर कर रहे भारतीय मूल के पत्रकार समीर कौशल पर भी प्रदर्शनकारियों ने हमला किया कर दिया था।

भारत के उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा की पश्चिमी तट की पहली यात्रा पर उनका स्वागत करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम ताज पार्क कन्वेंशन सेंटर, सरे में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम को आखिरकार सुरक्षा कारणों की वजह से रद्द कर दिया गया था।

दरअसल, पंजाब में ‘वारिस पंजाब दे’ के का मुखिया और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई के कारण विदेशों में बैठे उसके समर्थक बौखला गए हैं। इस बौखलाहट में वे भारतीय राजदूत और राजनयिक परिसरों को निशाना बना रहे हैं। ब्रिटेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा सहित कई देशों में इस तरह की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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