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भारत ने अमेरिका के लिए निलंबित की डाक सेवाएँ, US के टैरिफ नियमों के चलते पोस्टल विभाग ने लिया फैसला: सिर्फ ₹8 हजार तक के गिफ्ट और चिट्ठियाँ भेज सकेंगे

भारत और अमेरिका में चल रहे व्यापारिक तनाव के बीच भारतीय डाक ने US जाने वाली सभी सेवाओं को रोक दिया है। यह फैसला अमेरिका के नए ड्यूटी नियमों के कारण लिया गया है। इन नियमों के तहत, 800 डॉलर तक के सामान पर भी शुल्क लगेगा, जिससे एयरलाइन कंपनियों ने डिलीवरी लेने से इनकार कर दिया है।

अमेरिका में डाक भेजने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। भारत के डाक विभाग ने अमेरिका जाने वाली सभी डाक सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया है। यह फैसला अमेरिका के नए ‘ड्यूटी’ नियमों के कारण लिया गया है।

इस नियम के तहत, अब 800 डॉलर (करीब 70 हजार) तक के सामान पर भी टैक्स लगेगा। यह रोक 25 अगस्त 2025 से लागू हो जाएगी। हालाँकि, पत्र, दस्तावेज और 100 डॉलर (करीब साढ़े आठ हजार) तक के उपहार अभी भी भेजे जा सकते हैं।

क्यों लगी है डाक सेवा पर रोक?

अमेरिकी प्रशासन ने 30 जुलाई 2025 को एक आदेश जारी किया था। इसके अनुसार, 29 अगस्त 2025 से 800 डॉलर तक के उन सभी सामानों पर कस्टम ड्यूटी लगेगी, जो पहले टैक्स-फ्री थे।

नए नियमों के तहत, डाक भेजने वाले ट्रांसपोर्टरों को ही टैक्स वसूलना और जमा करना होगा। लेकिन अमेरिकी कस्टम्स विभाग ने इस प्रक्रिया को अभी तक पूरी तरह से साफ नहीं किया है। इस वजह से अमेरिका जाने वाली एयरलाइन कंपनियों ने 25 अगस्त 2025 के बाद माल स्वीकार करने से मना कर दिया है।

इन कारणों को देखते हुए भारत के डाक विभाग ने 25 अगस्त 2025 से सभी डाक वस्तुओं की बुकिंग रोक दी है। यह कदम ग्राहकों को होने वाली असुविधा से बचाने के लिए उठाया गया है।

आगे क्या होगा?

जिन लोगों ने पहले ही अपने पार्सल बुक करा लिए हैं और जिनकी डिलीवरी नहीं हो सकती, वे डाक शुल्क वापस ले सकते हैं। डाक विभाग का कहना है कि वह स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जल्द से जल्द सेवाएँ फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं।

यह फैसला भारत और अमेरिका में चल रहे व्यापारिक तनाव के बीच आया है। अमेरिका ने हाल ही में भारतीय सामानों पर 50% का शुल्क लगाया है, जिसमें रूस से तेल खरीदने के लिए अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है। भारत ने इस फैसले को ‘अनुचित और अविवेकपूर्ण’ बताते हुए इसकी निंदा की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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