INX मीडिया केस में इंद्राणी मुखर्जी को सरकारी गवाह बनने की मिली मंज़ूरी

INX मीडिया मामले में CBI ने 15 मई, 2017 को FIR दर्ज की थी। इसमें आरोप लगाया गया है कि चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान 2007 में 305 करोड़ रुपए की विदेशी धनराशि प्राप्त करने के लिए मीडिया ग्रुप को फॉरन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) की मंज़ूरी देने में अनियमितताएंँ बरती गईं।

केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) की एक अदालत ने गुरुवार (4 जुलाई) को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम से संबंधित INX मीडिया मामले में इंद्राणी मुखर्जी को गवाह बनने की अनुमति दे दी है। इस मामले की अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी।

अदालत ने इंद्राणी के लिए एक प्रोडक्शन वारंट जारी किया है। फ़िलहाल, इंद्राणी मुखर्जी मुंबई की भायखला जेल में अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या मामले में बंद हैं। गवाह बनने की इंद्राणी की अर्जी का समर्थन करते हुए केंद्रीय जांँच ब्यूरो (सीबीआई) ने दलील दी थी कि इससे मामले में सबूतों को मजबूती मिलेगी। इसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने इंद्राणी मुखर्जी से पूछा था कि क्या उन पर कोई दबाव है, जिससे उन्होंने इनकार किया था। उन्होंने अदालत को बताया था, “मैं स्वेच्छा से वादा माफ गवाह बनना चाहती हूँ।”

पिछले साल, इंद्राणी मुखर्जी ने एक सनसनीखेज खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि वे चिदंबरम से उनके नॉर्थ ब्लॉक कार्यालय में मिली थीं और उनसे उनकी मीडिया कंपनी में विदेश निवेश के लिए क्लीयरेंस की माँग की थी। इंद्राणी का दवा है कि पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने उनसे अपने बेटे कार्ति के व्यवसाय में मदद करने को कहा था।

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इसके बाद इंद्राणी अपने पति पीटर के साथ दिल्ली के एक पाँच सितारा होटल में कार्ति से मिलीं, जहाँ उन्होंने कथित रूप से 10 लाख अमेरिकी डॉलर की माँग की थी। इंद्राणी ने मजिस्ट्रेट के सामने भी अपना यही बयान दोहराया था।

INX मीडिया मामले में CBI ने 15 मई, 2017 को FIR दर्ज की थी। इसमें आरोप लगाया गया है कि चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान 2007 में 305 करोड़ रुपए की विदेशी धनराशि प्राप्त करने के लिए मीडिया ग्रुप को फॉरन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) की मंज़ूरी देने में अनियमितताएंँ बरती गईं। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पिछले साल इस संबंध में मनी लाँड्रिंग का मामला भी दर्ज किया था।

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शरजील इमाम
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