Wednesday, April 24, 2024
Homeदेश-समाजINX मीडिया केस में इंद्राणी मुखर्जी को सरकारी गवाह बनने की मिली मंज़ूरी

INX मीडिया केस में इंद्राणी मुखर्जी को सरकारी गवाह बनने की मिली मंज़ूरी

INX मीडिया मामले में CBI ने 15 मई, 2017 को FIR दर्ज की थी। इसमें आरोप लगाया गया है कि चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान 2007 में 305 करोड़ रुपए की विदेशी धनराशि प्राप्त करने के लिए मीडिया ग्रुप को फॉरन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) की मंज़ूरी देने में अनियमितताएंँ बरती गईं।

केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) की एक अदालत ने गुरुवार (4 जुलाई) को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम से संबंधित INX मीडिया मामले में इंद्राणी मुखर्जी को गवाह बनने की अनुमति दे दी है। इस मामले की अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी।

अदालत ने इंद्राणी के लिए एक प्रोडक्शन वारंट जारी किया है। फ़िलहाल, इंद्राणी मुखर्जी मुंबई की भायखला जेल में अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या मामले में बंद हैं। गवाह बनने की इंद्राणी की अर्जी का समर्थन करते हुए केंद्रीय जांँच ब्यूरो (सीबीआई) ने दलील दी थी कि इससे मामले में सबूतों को मजबूती मिलेगी। इसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने इंद्राणी मुखर्जी से पूछा था कि क्या उन पर कोई दबाव है, जिससे उन्होंने इनकार किया था। उन्होंने अदालत को बताया था, “मैं स्वेच्छा से वादा माफ गवाह बनना चाहती हूँ।”

पिछले साल, इंद्राणी मुखर्जी ने एक सनसनीखेज खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि वे चिदंबरम से उनके नॉर्थ ब्लॉक कार्यालय में मिली थीं और उनसे उनकी मीडिया कंपनी में विदेश निवेश के लिए क्लीयरेंस की माँग की थी। इंद्राणी का दवा है कि पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने उनसे अपने बेटे कार्ति के व्यवसाय में मदद करने को कहा था।

इसके बाद इंद्राणी अपने पति पीटर के साथ दिल्ली के एक पाँच सितारा होटल में कार्ति से मिलीं, जहाँ उन्होंने कथित रूप से 10 लाख अमेरिकी डॉलर की माँग की थी। इंद्राणी ने मजिस्ट्रेट के सामने भी अपना यही बयान दोहराया था।

INX मीडिया मामले में CBI ने 15 मई, 2017 को FIR दर्ज की थी। इसमें आरोप लगाया गया है कि चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान 2007 में 305 करोड़ रुपए की विदेशी धनराशि प्राप्त करने के लिए मीडिया ग्रुप को फॉरन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) की मंज़ूरी देने में अनियमितताएंँ बरती गईं। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पिछले साल इस संबंध में मनी लाँड्रिंग का मामला भी दर्ज किया था।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आपकी मौत के बाद जब्त हो जाएगी 55% प्रॉपर्टी, बच्चों को मिलेगा सिर्फ 45%: कॉन्ग्रेस नेता सैम पित्रोदा का आइडिया

कॉन्ग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने मृत्यु के बाद सम्पत्ति जब्त करने के कानून की वकालत की है। उन्होंने इसके लिए अमेरिकी कानून का हवाला दिया है।

‘नरेंद्र मोदी ने गुजरात CM रहते मुस्लिमों को OBC सूची में जोड़ा’: आधा-अधूरा वीडियो शेयर कर झूठ फैला रहे कॉन्ग्रेसी हैंडल्स, सच सहन नहीं...

पहले ही कलाल मुस्लिमों को OBC का दर्जा दे दिया गया था, लेकिन इसी जाति के हिन्दुओं को इस सूची में स्थान पाने के लिए नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री बनने तक का इंतज़ार करना पड़ा।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe