Homeदेश-समाजIPS श्रीवास्तव दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर नियुक्त; दंगाइयों को देखते ही गोली मरने...

IPS श्रीवास्तव दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर नियुक्त; दंगाइयों को देखते ही गोली मरने के आदेश

आईपीएस एसएन श्रीवास्तव जम्मू-कश्मीर में एडीजी पश्चिम क्षेत्र (सीआरपीएफ) रह चुके हैं और गृह युद्ध जैसी स्थिति से निपटने में सक्षम हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की भारत यात्रा से पूर्व रविवार शाम से दिल्ली में भड़के दंगों के बाद दिल्ली में हालात तनावपूर्ण हैं। इसी बीच IPS एसएन श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से दिल्ली पुलिस का स्पेशल कमिश्नर (कानून और व्यवस्था) नियुक्त किया गया है।

बताया जा रहा है कि आईपीएस एसएन श्रीवास्तव जम्मू-कश्मीर में एडीजी पश्चिम क्षेत्र (सीआरपीएफ) रह चुके हैं और गृह युद्ध जैसी स्थिति से निपटने में सक्षम हैं। दिल्ली में भड़की हिंसा में अब तक कुल 10 लोगों की मौत हो चुकी है। उत्तरी-पूर्वी दिल्ली में धारा 144 लागू है और अतिरिक्त पुलिसबलों की तैनाती की गई है।

अर्धसैनिक बल के जवानों की मदद ली जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिसकर्मी सौहार्द बहाल करने के लिए स्थानीय शांति समितियों की मदद ले रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि असामाजिक तत्वों से मौके पर ही कड़ाई से निपटा जा रहा है। अभी तक इस संबंध में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

इसी बीच मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। दिल्ली में सोमवार (फरवरी 24, 2020) को दिन भर दंगाइयों का तांडव चला और आज मंगलवार को भी यही क्रम जारी रहा। जफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, गोकुलपुरी, करावल नगर, भजनपुरा सौर घोड़ा से लेकर चाँदबाग़ तक, अताताइयों ने किसी भी जगह को शांत नहीं रहने दिया। जम कर आगजनी की गई।

दंगों में हिन्दुओं के घरों को जलाने की ख़बरें आई हैं। लेकिन, सबसे ज्यादा दुखद रहा हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल का बलिदान होना। दंगाइयों ने एक भरे-पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया। सीएए विरोध के नाम पर हिंसा करने वाले इन लोगों को इस बात का एहसास होना चाहिए कि उन्होंने इस देश को कितनी बड़ी क्षति पहुँचाई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -