Saturday, April 20, 2024
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मोबाइल में पोर्न देखने या रखने पर हो सकती है जेल? क्यों हुई राज कुंद्रा की गिरफ्तारी?: जानिए भारत में पोर्न संबंधी कानून

भारत में निजी तौर पर पोर्न देखना प्रतिबंधित नहीं है (चाइल्ड पोर्न को छोड़कर) तो फिर राज कुंद्रा को किस अपराध में गिरफ्तार किया गया है? जानिए सब कुछ।

बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और बिजनेस मैन राज कुंद्रा पोर्नोग्राफी मामले में गिरफ्तार हुए हैं। उन पर पोर्न फिल्में बनाने और उन्हें प्रकाशित करने का आरोप लगा है। भारत में पर्सनल स्पेस पर पोर्नोग्राफी देखना प्रतिबंधित नहीं है लेकिन राज कुंद्रा को जिस पोर्नोग्राफी कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है उसमें पोर्न फिल्म बनाना, उसे सार्वजनिक तौर पर दिखाना, वितरित करना और प्रकाशित करना अपराध माना गया है।

इसके अलावा भी देश में कुछ पोर्न साइट्स पर सरकार ने प्रतिबंध लगाया है और कई बार पोर्न फिल्में डाउनलोड करना और उन्हें देखना भी अपराध हो सकता है, तो आइए जानते हैं कि क्या हैं भारत में पोर्न से संबंधित कानून।

पोर्न से संबंधित कानून

भारत में ऑनलाइन अपराध को नियंत्रित करने के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम, 2002 लागू है। IT ऐक्ट के तहत पोर्न से संबंधित कुछ विशेष परिस्थितियाँ हैं जहाँ सजा और जुर्माने के प्रावधान किए गए हैं। IT ऐक्ट की धारा 67 A के तहत यदि पोर्न का कंटेन्ट रेप या शारीरिक शोषण से जुड़ा है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा IT ऐक्ट चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले में सख्त है क्योंकि यदि कोई पोर्न नाबालिगों से संबंधित है तो इसमें IT ऐक्ट की धारा 67 B के तहत कार्रवाई की जाएगी।

IT ऐक्ट के अलावा चाइल्ड पोर्नोग्राफी को रोकने और उसके लिए सजा का प्रावधान करने के लिए यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO), 2012 बनाया गया। POCSO ऐक्ट के तहत ऐसे पोर्न डाउनलोड करना, देखना और शेयर करना अपराध है जिसमें बच्चे शामिल हैं।

IT ऐक्ट और POCSO ऐक्ट के अलावा भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 292, 293, 294, 500, 506 व 509 के तहत भी पोर्नोग्राफी के मामलों में सजा का प्रावधान किया गया है। अब प्रश्न यह उठता है कि जब भारत में निजी तौर पर पोर्न देखना प्रतिबंधित नहीं है (चाइल्ड पोर्न को छोड़कर) तो फिर राज कुंद्रा को किस अपराध में गिरफ्तार किया गया है? भारत में लागू IT ऐक्ट के अंतर्गत किसी वेबसाइट या डिजिटल पोर्टल पर पोर्न सामग्री अपलोड करना, जब कोई थर्ड पार्टी इसका एक्सेस कर सके, अपराध माना गया है।

इसके अलावा सोशल मीडिया, ईमेल, व्हाट्सऐप, मैसेज के जरिए पोर्न फिल्मों का प्रसारण करना, किसी दूसरे व्यक्ति को अश्लील फोटो या वीडियो भेजना भी अपराध माना गया है। राज कुंद्रा भी पोर्न फिल्म बनाने और उसे प्रकाशित करने का आरोपित हैं।

पोर्न फिल्मों का प्रकाशन

भारत के IT ऐक्ट के तहत कोई व्यक्ति अथवा डिजिटल प्लेटफॉर्म किसी भी तरह की पोर्न सामग्री के प्रकाशन अथवा प्रसारण का कारण बनता है तो उसे भी पोर्नोग्राफी कानून के तहत दोषी माना जाएगा। इस कानून के तहत उस डिजिटल प्लेटफॉर्म के संचालक भी दंडात्मक कार्रवाई के अधीन माने जाएँगे, जहाँ से पोर्न फिल्मों या वीडियो का प्रकाशन या प्रसारण हुआ है। IT ऐक्ट के इंटरमिडियरी गाइडलाइंस के तहत यह डिजिटल प्लेटफॉर्म का दायित्व बनता है कि वो यह सुनिश्चित करें कि उनके माध्यम से किसी भी प्रकार की पोर्न सामग्री का प्रकाशन या प्रसारण न हो।

इस दायरे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स भी आते हैं। हाल ही में ट्विटर पर भी चाइल्ड पोर्नोग्राफिक कंटेंट दिखाने के लिए देश में लागू IT ऐक्ट और POCSO कानून के तहत ही केस दर्ज किया गया था।

भारत में सरकार द्वारा लगभग 1,300 ऐसी पोर्न साइट्स को प्रतिबंधित किया गया है जहाँ चाइल्ड पोर्न से संबंधित सामग्री मौजूद थी। हालाँकि पिछले कुछ समय से सरकारें लगातार पोर्न सामग्री के विनियमन को लेकर सक्रिय हुई हैं क्योंकि कई बार सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा यह मुद्दा उठाया गया कि इंटरनेट पर सहजता से उपलब्ध पोर्न फिल्मों और वीडियो के कारण युवाओं की मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

देहरादून की एक स्कूल में पोर्न देखने के बाद एक छात्रा का गैंगरेप उसी के साथ पढ़ने वाले छात्रों ने किया था। इसके बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सरकार से पोर्न साइट्स पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी सरकार को चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले में निर्देशित किया गया था जिसके बाद सरकार ने कई ऐसी पोर्न साइट्स को प्रतिबंधित किया जिनमें हिंसात्मक एवं चाइल्ड पोर्न से संबंधित सामग्री उपलब्ध थी।

राज कुंद्रा ने दरअसल पोर्न वीडियो भारत में ही बनाए लेकिन जिस एप्लीकेशन पर उनका प्रसारण किया जाता था वह हॉटशॉट्स ऐप विदेश में रजिस्टर्ड केनरिन नाम की कंपनी द्वारा बनाया गया था। भारत के साइबर पोर्नोग्राफी कानूनों से बचने के लिए यह कंपनी विदेश में रजिस्टर्ड कराई गई थी और भारत में शूट की गई पोर्न फिल्में ‘वीट्रांसफर’ नाम के डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए केनरिन को भेजी जाती थीं।

‘वीट्रांसफर’ के माध्यम से बड़ी से बड़ी साइज की फाइल्स (वीडियो, इमेज आदि) आसानी से ट्रांसफर की जा सकती हैं। हालाँकि हॉटशॉट्स ऐप न तो गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध था और न ही एप्पल प्ले स्टोर पर लेकिन इसे APK फ़ाइल की मदद से फोन में इंस्टाल किया जा सकता है। हॉटशॉट्स पर भारत से करीब 10 लाख यूजर मौजूद हैं। हॉटशॉट्स के अलावा पोर्न फिल्मों को कई अन्य एप्लीकेशन पर पेड सब्स्क्रिप्शन के साथ भी बेचकर भारी मुनाफा कमाया गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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