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नसीरुद्दीन ने कश्मीर दौरे के बाद भारत को मुस्लिमों के लिए बताया बेहतर देश, कहा- नहीं हुआ मानवाधिकार उल्लंघन

“भारत मुस्लिमों के रहने के लिए सबसे बढ़िया देश है। पाकिस्तानी पीएम इमरान खान द्वारा जेहाद की बात कहना बेहद शर्मनाक है। अगर पाकिस्तान की दिलचस्पी है तो उसे चीन और फिलिस्तीन में जाकर लड़ाई लड़ना चाहिए। हमें पाकिस्तान के मशविरे की जरुरत नहीं है।”

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद वहाँ के हालातों का जायजा लेने के लिए सूफी डेलिगेशन जम्मू कश्मीर पहुँचा हुआ है। डेलीगेशन के साथ गए नसीरुद्दीन चिश्ती का बड़ा बयान सामने आया है। बता दें कि अजमेर शरीफ दरगाह के नसीरुद्दीन चिश्ती की अध्यक्षता में अखिल भारतीय सूफी सज्जादानशी परिषद का प्रतिनिधिमंडल तीन दिवसीय यात्रा पर था।

चिश्ती ने कहा, “भारत मुस्लिमों के रहने के लिए सबसे बढ़िया देश है। पाकिस्तानी पीएम इमरान खान द्वारा जेहाद की बात कहना बेहद शर्मनाक है। अगर पाकिस्तान की दिलचस्पी है तो उसे चीन और फिलिस्तीन में जाकर लड़ाई लड़ना चाहिए। हमें पाकिस्तान के मशविरे की जरुरत नहीं है।”

इसके साथ ही चिश्ती ने कहा कि कश्मीर में किसी भी तरह के मानव अधिकारों का उल्लंघन नहीं किया गया है। नसीरूद्दीन चिश्ती ने कहा, “हम यहाँ स्थानीय लोगों से मिले और किसी भी व्यक्ति ने मानव अधिकारों का उल्लंघन होने की बात नहीं कही। पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा झूठा था। हाँ, यहाँ मूलभूत सेवाएँ जैसे फोन पर प्रतिबंध लगा था। लेकिन जब बड़े कदम उठाए जाते हैं तो इस तरह के निर्देश जारी किए जाते हैं।”

बता दें कि कश्मीर घाटी में सोमवार (अक्टूबर 14, 2019) को सभी नेटवर्क की पोस्टपेड मोबाइल सेवा बहाल कर दी गई। पाबंदियों की वजह से बीते 72 दिन से यह सेवा ठप पड़ी थी। सोमवार को दोपहर तक करीब 40 लाख मोबाइल फोन पर पोस्टपेड सेवा काम करने लगी। उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा केंद्र सरकार द्वारा खत्म किए जाने और प्रदेश को दो केंद्र शासित प्रदेशों- जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित करने के बाद पाँच अगस्त से यहाँ पाबंदियाँ लगा दी गई थी।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बाद से ही लगातार पाकिस्तान दुनिया के सामने यह झूठ फैलाने की कोशिश कर रहा है कि कश्मीर के लोगों के ऊपर भारत में अत्याचार हो रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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