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छठ घाट पर फाड़ डाला बजरंगबली का झंडा: सलामत, इजामुल, अंसारी गिरफ्तार – गिरिडीह में तनाव

"दोनों पक्षों की आपस में सुलह हो जाती, लेकिन कुछ कट्टरपंथियों की वजह से ऐसा नहीं हो सका, क्योंकि वो लोग नहीं चाहते थे कि इनके बीच का तनाव समाप्त हो जाए। जिसकी वजह से..."

गिरिडीह के हीरोडीह थाना क्षेत्र के नारायण सिंहडीह गाँव में छठ घाट पर लगे बजरंगबली के झंडे को कुछ उपद्रवियों द्वारा उखाड़कर फेंकने व गंदा किए जाने से ग्रामीण काफी आक्रोशित हैं। पुलिस ने मामले में तीन लड़कों को गिरफ्तार भी किया है। इनके नाम हैं – सलामत रज़ा, इजामुल हक और वसीद अंसारी।

इसके अलावा पुलिस, अभियुक्त के रूप में शोएब अंसारी, तनवीर अंसारी, शमिमुल्ला, सराफत अंसारी और बुधन अंसारी को अपने साथ ले गई है। ग्रामीणों की तरफ से रविन्द्र कुमार वर्मा ने कसियोटोल के 11 युवकों के विरुद्ध धार्मिक झंडा फाड़ने, गन्दा करने और धर्म विशेष को नीचा दिखाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी के लिए आवेदन किया था।

दैनिक जागरण के गिरिडीह संस्करण में छपी खबर का स्क्रीनशॉट

बता दें कि रविवार (नवंबर 3, 2019) को कसियाटोल के कुछ लड़कों ने छठ पर्व की समाप्ति के बाद घाट पर लगे झंडे को उखाड़कर फाड़ दिया था, जिसको लेकर दो समुदायों के बीच तनाव पैदा हो गया। दोनों पक्षों के बीच मामला सुलझाने का प्रयास किया गया लेकिन तनाव कम नहीं हुआ। इस मामले में पुलिस की सारी कोशिशें अब तक नाकाम रही हैं।

पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की आपस में सुलह हो जाती, लेकिन कुछ कट्टरपंथियों की वजह से ऐसा नहीं हो सका, क्योंकि वो लोग नहीं चाहते थे कि इनके बीच का तनाव समाप्त हो जाए। जिसकी वजह से बात बनते-बनते रह गई। 

अभी भी सुलह की कोशिशें की जा रही हैं। तनाव को कम करने के प्रयास में खोरीमहुआ एसडीएम धीरेंद्र सिंह, एसडीपीओ नवीन कुमार सिंह, जमुआ बीडीओ विनोद कर्मकार, सीओ रामबालक प्रसाद, पुलिस इंस्पेक्टर विनय राम ने दिन भर कसियोटोल एवं बदडीहा में कैंप किए। पुलिस ने कहा कि असामाजिक कार्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जो भी दोषी होंगे, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही ऐहतियात के तौर पर कसियोटोल में पुलिस बल के जवान तैनात कर दिए गए हैं, ताकि मामला और न बिगड़े।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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