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50 साल बाद हाई स्कूल में हुई सरस्वती पूजा, मुस्लिम छात्रों के कारण गाँव में पैदा हो जाता था तनाव

इस विद्यालय में पहले अधिकतर मुस्लिम छात्र ही पढ़ते थे। उच्च विद्यालय का दर्जा मिलने के बाद हिदू बच्चे भी पढ़ने लगे। लेकिन, जब भी सरस्वती पूजा की बात होती थी तो गॉंव में तनाव की स्थिति पैदा हो जाती थी।

झारखंड के गिद्धौर में गुरुवार (जनवरी 30, 2109) को एक हाई स्कूल में लगभग 50 साल बाद धूमधाम से सरस्वती पूजा मनाई गई। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद थी। बता दें कि मंझगांवातरी हाई स्कूल की स्थापना 1972 में प्राथमिक विद्यालय के तौर पर हुई थी। 2006 में इसे मध्य विद्यालय का दर्जा दिया गया। फिर 2010 में उच्च विद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ।

इस विद्यालय में सालों से सरस्वती पूजा को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद चल रहा था। स्कूल में पढ़ने वाले अधिकांश छात्र मुस्लिम थे। इस वजह से हिंदू छात्र सालों तक सरस्वती पूजा नहीं मना सके। दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक इस साल यहाँ धूमधाम से पूजा की गई।

इस मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी पूनम कुजूर, मजिस्ट्रेट स्कूटिव अजय भगत, डीएसपी वचन देव कुजूर, थाना प्रभारी सुशील कुमार, पंचायती राज पदाधिकारी मोहम्मद नसीमउद्दीन अंसारी, प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी रूपेश महतो समेत जिला पुलिस बल के जवान तैनात थे।

जानकारी के मुताबिक इस विद्यालय में पहले अधिकतर मुस्लिम छात्र ही पढ़ते थे, लेकिन उत्क्रमित मध्य व उच्च विद्यालय बनने के साथ ही इस विद्यालय में हिदू समुदाय के बच्चे भी पढ़ने लगे। जिसके बाद विद्यालय में सरस्वती पूजा करने की माँग उठने लगी। मगर मुस्लिम बच्चों की बच्चों की वजह से कई वर्षों से सरस्वती पूजा को लेकर गाँव में तनाव की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती थी और पूजा नहीं हो पाती थी।

इस बार विद्यालय के बच्चों ने सरस्वती पूजा मनाने को लेकर 28 जनवरी 2020 को ब्लॉक ऑफिस और स्थानीय पुलिस स्टेशन में आवेदन दिया। जिसके बाद प्रशासन ने सरस्वती पूजा के एक दिन पहले ही विद्यालय में पुलिस के जवान तैनात कर दिया। फिर गुरुवार के छात्रों ने विद्या की देवी माँ सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की और पूजा संपन्न होने के बाद पूरे विधि-विधान के साथ प्रतिमा का विसर्जन किया गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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