Homeदेश-समाजकमलनाथ के भाँजे ने VVIP घोटाले में दोनों पक्षों से की कमाई: ED

कमलनाथ के भाँजे ने VVIP घोटाले में दोनों पक्षों से की कमाई: ED

ईडी ने कहा, "जाँच में खुलासा हुआ है कि रतुल पुरी को इस मामले से जुड़े धन शोधन के दोनों पक्षों से धन प्राप्त हुआ था।" इसमें एक पक्ष बिचौलिया क्रिश्चियन मिशैल का था जबकि दूसरे में सह आरोपित राजीव सक्सेना शामिल था।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार (जुलाई 29, 2019) को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे पर वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में दोनों पक्षों से पैसे मिलने का आरोप लगाया है। ईडी ने पुरी द्वारा दायर की गई अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली की अदालत में विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार के सामने यह आरोप लगाए।

ईडी ने कहा, “जाँच में खुलासा हुआ है कि रतुल पुरी को इस मामले से जुड़े धन शोधन के दोनों पक्षों से धन प्राप्त हुआ था।” इसमें एक पक्ष बिचौलिया क्रिश्चियन मिशैल का था जबकि दूसरे में सह आरोपित राजीव सक्सेना शामिल था।

इस सुनवाई के दौरान दलीलें पूरी नहीं होने के कारण न्यायाधीश अरविंद कुमार ने रतुल पुरी को गिरफ्तारी से मिली अंतरिम राहत एक दिन के लिए और बढ़ा दी। अब इस अग्रिम जमानत पर आज सुनवाई होगी। पुरी के आवेदन पर ईडी ने सोमवार को अदालत से कहा कि वह जाँच को लंबा खींचने का प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही ईडी ने अपने हलफनामे में उल्लेख किया कि रतुल का आवेदन समय से पहले और खारिज किए जाने योग्य है, क्योंकि रतुल पुरी अदालत के समक्ष गिरफ्तारी की आशंका के लिए कोई कारण दिखाए जाने में असमर्थ हैं। ईडी के मुताबिक पीएमएलए में अग्रिम जमानत का कोई प्रावधान नहीं है।

गौरतलब है कुछ दिन पहले ईडी के दफ्तर से फरार हुए रतुल पुरी ने दिल्ली की एक अदालत पहुँचकर इस मामले में अग्रिम जमानत माँगी थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि उन्हें मामले में गिरफ्तार किए जाने की आशंका है। पुरी की ओर से पेश हुए अधिवक्ता में एएम सिंघवी ने पूरे मामले में राजनैतिक दुश्मनी का आरोप लगाते हुए कहा था कि कुछ दिन पहले मध्यप्रदेश में भाजपा के 2 विधायक कॉन्ग्रेस में शामिल हुए थे। इसलिए अब ईडी रतुल को गिरफ्तार करना चाहती है क्योंकि उनके मामा राज्य के मंत्री हैं। इस दौरान कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तारी के लिए अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था, क्योंकि ईडी ने इस मामले में दलीलें देने का समय माँगा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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