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हम कॉन्ग्रेस का करते थे समर्थन, लेकिन हमारी मदद अमित शाह ने की: कंगना की माँ आशा रनौत

कंगना की माँ आशा रनौत ने कहा कि उनका परिवार दशकों से कॉन्ग्रेस पार्टी की विचारधारा से जुड़ा रहा था, इस तथ्य को जानने के बावजूद आज जब कंगना पर विपदा आई और महाराष्ट्र सरकार ने इस प्रकार की हरकत की, तो केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली और प्रदेश में जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार उनकी मदद के लिए खड़ी हुई।

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और महाराष्ट्र सरकार के बीच का विवाद बढ़ने के बाद कंगना की माँ आशा रनौत ने अपनी बेटी को सुरक्षा प्रदान करने के लिए भारतीय जनता पार्टी, गृह मंत्री अमित शाह और पीएम नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है।

मीडिया से बात करते हुए कंगना की माँ आशा रनौत ने कहा कि उनका परिवार दशकों से कॉन्ग्रेस पार्टी की विचारधारा से जुड़ा रहा था, इस तथ्य को जानने के बावजूद आज जब कंगना पर विपदा आई और महाराष्ट्र सरकार ने इस प्रकार की हरकत की, तो केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली और प्रदेश में जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार उनकी मदद के लिए खड़ी हुई।

आशा रनौत ने कहा कि बीजेपी ने उनकी बेटी को सुरक्षा मुहैया करवाई। इसके लिए वह पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार व्यक्त करती हैं।

कंगना की माँ ने कहा, “हमलोग शुरू से कॉन्ग्रेस के साथ थे। हमारे दादाजी भी शुरू से कॉन्ग्रेसी थे। लेकिन फिर हमें सपोर्ट मिला किसका, अमिता शाह जी का, जिन्‍होंने मेरी बेटी को सपोर्ट किया। मुंबई में उसके साथ कुछ भी हो सकता था अगर सरकार ने मेरी बेटी को सुरक्षा नहीं दिया होता।” उन्होंने आगे कहा, “मेरी बेटी पर मुझे गर्व है कि वह हमेशा सच्‍चाई के साथ खड़ी रहती है।”

बॉलीवुड स्टार सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर बॉलीवुड में कथित नशीली दवाओं के इस्तेमाल के बारे में खुलासे करने के बाद अभिनेत्री कंगना रनौत को तमाम तरह की धमकियाँ मिलने लगी थीं। जिसको मद्देनजर रखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें Y+ सिक्योरिटी मुहैया कराई थी। वहीं सुरक्षा प्रदान करने के लिए कंगना ने ट्वीटर पर अमित शाह को धन्यवाद भी किया था। Y+ सिक्योरिटी में 10 सशस्त्र कमांडो की तैनाती की जाती है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने कंगना रनौत से आपसी खुन्नस निकालने के लिए उनके दफ्तर को बीएमसी की आड़ में बुधवार को ध्वस्त करा दिया था। बीएमसी अधिकारियों ने दफ्तर पर अवैध निर्माण के आरोपों का जवाब देने के लिए कंगना को मात्र 24 घंटे का समय दिया था। जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए बीएमसी ने उसे ध्वस्त कर दिया। बीएमसी ने MMC अधिनियम की धारा 354 (ए) के तहत रनौत को एक नोटिस जारी किया था, जो बीएमसी को 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करने की अनुमति देता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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