Monday, December 5, 2022
Homeदेश-समाज'इस्लाम द ओनली सॉल्यूशन' छपी बिल से सालिम कर रहा था मजहबी प्रचार, FIR...

‘इस्लाम द ओनली सॉल्यूशन’ छपी बिल से सालिम कर रहा था मजहबी प्रचार, FIR के बाद यूपी पुलिस ने की पूछताछ

कारोबारी से पूछताछ में पता चला है कि बिल बनाने के लिए उसके अब्बू 10 साल पहले एक मशीन लाए थे। व्यापार में बरकत के लिए उसने इस्लाम द ओनली सॉल्यूशन लिखवाया।

उत्तर प्रदेश के कानपुर में इस्लाम का प्रचार करने के लिए बिल की पर्ची का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये खुलासा होने के बाद पुलिस अब बिल जारी करने वाली दुकान के मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। दूसरी ओर सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को तेजी से शेयर किया जा रहा है। इस पर ‘Islam Is The Only Solution’, अर्थात इस्लाम ही एकमात्र समाधान लिखा है।

इस मामले में ताजा जानकारी के मुताबिक पुलिस ने मेस्टन रोड में स्थित कारोबारी मोहम्मद सालिम को हिरासत में ले लिया है और उसके विरुद्ध धारा 505 (2) के तहत केस दर्ज किया है। सालिम ‘हसीन एन्ड कंपनी इंडिया’ का है, जो कानपुर में गाय, भैंस और बकरी की चमड़ी दुकानदारों को सप्लाई करता है। इस कंपनी में 5-10 कर्मचारी हैं। ये ड्राई रबर कंटेन्ट और गाय, भैंस व बकरे की कच्ची चमड़ी व इससे बने लेदर की डिलीवरी करता है। कानपुर में इस तरह का मामला सामने आने के बाद पुलिस के का खड़े हो गए हैं।

कारोबारी से पूछताछ में पता चला है कि बिल बनाने के लिए उसके अब्बू 10 साल पहले एक मशीन लाए थे। व्यापार में बरकत के लिए उसने इस्लाम द ओनली सॉल्यूशन लिखवाया। तीन साल पहले उसके अब्बू की मृत्यु हो गई थी। सालिम ने इस मामले में लिखित माफीनामा देते हुए कहा कि उसका इरादा किसी को आहत करने का नहीं था।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, डीसीपी ईस्ट प्रमोद कुमार ने बताया कि इंटरनेट मीडिया के जरिए मामला संज्ञान में आया था। पुलिस ने दुकान वाले की पहचान की और उसे पूछताछ के लिए तलब किया गया। उससे पूछताछ हुई। जो भी जानकारी पता चली उसके आधार पर जाँच करके कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने बताया कि व्यापारी के खिलाफ आईपीसी धारा 505 (2) में रिपोर्ट दर्ज की गई है। धारा के तहत मामले में 3 साल की सजा और जुर्माना है।

बता दें कि सालिम से पुलिस मुख्यालय के साथ ही प्रशासनिक स्तर के अधिकारियों ने पूछताछ की। बाद में आईबी व एटीएस ने भी उससे सवाल किए। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, उसे लंबी पूछचाछ के बाद नोटिस दिया गया है और अभी के लिए उसे छोड़ दिया गया है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अब्बू, दादा और 3 चाचाओं ने मिल कर 9 साल की बच्ची को मार डाला, वो तड़पती रही-ये वीडियो बनाते रहे: पड़ोसियों को फँसाने...

पीलीभीत में 9 साल की बच्ची की हत्या का दर्दनाक मामला सामने आया है। इस घटना को बच्ची के अब्बू अनीस, दादा व चाचाओं ने मिलकर अंजाम दिया।

बोस्टन की यूनिवर्सिटी में ‘The Wire’ की आरफा का ‘व्याख्यान’, भारत में लोकतंत्र पर प्रोपेगंडा: आयोजकों में आतंकवादियों के हमदर्द, छिपाया नाम

भारत में ओपन सोसायटी फाउंडेशन की स्थापना के बाद से जॉर्ज सोरोस ने विभिन्न प्रकार के एनजीओ और संगठनों को फंडिंग कर भारत की छवि धूमिल करने का प्रयास किया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
236,950FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe