Wednesday, May 22, 2024
Homeदेश-समाज'धर्मांतरण विरोधी कानून से अल्पसंख्यकों के अधिकारों का होगा हनन, फैलेगी अराजकता': आर्कबिशप ने...

‘धर्मांतरण विरोधी कानून से अल्पसंख्यकों के अधिकारों का होगा हनन, फैलेगी अराजकता’: आर्कबिशप ने कर्नाटक CM बोम्मई को लिखा पत्र

आर्कबिशप ने राज्य सरकार द्वारा राज्य में गैर-सरकारी ईसाई मिशनरियों व चर्चों का सर्वे कराने के फैसले का भी विरोध किया है। मचाडो का कहना है कि जनगणना के दौरान जब सरकार एक बार डाटा कलेक्ट कर चुकी है तो दोबारा ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं है।

अवैध धर्मान्तरण को रोकने के लिए कर्नाटक में सीएम बासवाराज बोम्मई की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार की ‘धर्मान्तरण विरोधी अधिनियम’ का विरोध शुरू हो गया। इसे अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों का हनन बताकर दुष्प्रचार करने का प्रयास किया जा रहा है। बेंगलुरु के आर्कबिशप रेवरेंड पीटर मचाडो ने भी सरकार के इस फैसले का विरोध किया है। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई को पत्र भी लिखा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पीटर मचाडो ने सीएम को लिखे पत्र में धर्मान्तरण रोकने के लिए लाए जा रहे बिल को भेदभावपूर्ण और मनमाना करार दिया है। उनका मानना है कि इस बिल के कानून का रूप लेने से न केवल अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन होगा, बल्कि राज्य में शांति और एकता को नुकसान पहुँचेगा। इससे अराजकता की स्थिति पैदा होगी। उन्होंने मौजूदा कानूनों के रहते नए कानून बनाए जाने को गैर-जरूरी बताया है। इसके साथ ही मचाडो ने दावा किया है कि कर्नाटक का पूरा ईसाई समुदाय एक स्वर में इस कानून का विरोध कर रहा है।

आर्कबिशप के द्वारा लिखा गया पत्र (साभार: ट्विटर)

पत्र में पीटर मचाडो ने संविधान के आर्टिकल 25, 26 का हवाला दिया। उन्होंने कहा, “संविधान के अनुच्छेद 25 में धर्म की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पेशे का विधान है और अनुच्छेद 26 के तहत सभी धर्मों को स्वतंत्रतापूर्वक अपने धार्मिक मामलों की देखरेख करने का अधिकार दिया गया है।” इसके अलावा, आर्क बिशप ने राज्य सरकार द्वारा राज्य में गैर-सरकारी ईसाई मिशनरियों व चर्चों का सर्वे कराने के फैसले का भी विरोध किया है। मचाडो का कहना है कि जनगणना के दौरान जब सरकार एक बार डाटा कलेक्ट कर चुकी है तो दोबारा ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले 26 अक्टूबर 2021 में आर्कबिशप ने ऐलान किया था कि वो सरकार द्वारा लाए जाने वाले धर्मान्तरण विरोधी विधेयक का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा था कि ऐसे कानूनों से केवल साम्प्रदायिक सद्भाव बिगड़ेंगे। गौरतलब है कि राज्य सरकार आगामी विधानसभा सत्र में इस विधेयक को पेश करने जा रही है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पश्चिम बंगाल में 2010 के बाद जारी हुए हैं जितने भी OBC सर्टिफिकेट, सभी को कलकत्ता हाई कोर्ट ने कर दिया रद्द : ममता...

कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुधवार 22 मई 2024 को पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को बड़ा झटका दिया। हाईकोर्ट ने 2010 के बाद से अब तक जारी किए गए करीब 5 लाख ओबीसी सर्टिफिकेट रद्द कर दिए हैं।

महाभारत, चाणक्य, मराठा, संत तिरुवल्लुवर… सबसे सीखेगी भारतीय सेना, प्राचीन ज्ञान से समृद्ध होगा भारत का रक्षा क्षेत्र: जानिए क्या है ‘प्रोजेक्ट उद्भव’

न सिर्फ वेदों-पुराणों, बल्कि कामंदकीय नीतिसार और तमिल संत तिरुवल्लुवर के तिरुक्कुरल का भी अध्ययन किया जाएगा। भारतीय जवान सीखेंगे रणनीतियाँ।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -