हम्पी के विष्णु मंदिर को तोड़ने वालों पर कोर्ट ने लगाया ₹70,000 का जुर्माना

सज़ा सुनाने के बाद चारो आरोपितों को उसी जगह ले जाया गया जहाँ हम्पी में विष्णु मंदिर है। उस जगह ले जाकर आरोपितों से खंभों को खड़ा करवाया गया और वहाँ उनसे सफ़ाई भी करवाई गई।

कर्नाटक स्थित हम्पी नगर यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थलों में से एक है। अभी हाल ही में यहाँ पर हुड़दंगियों द्वारा मचाये गए उत्पात का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में 14वीं शताब्दी के विष्णु मंदिर के खंभे को तोड़ते हुए 4 लोगों को देखा गया था। और तो और, खंभों के टूट जाने के बाद उपद्रवियों द्वारा उसका प्रचार भी किया गया था।

आज कर्नाटक के हम्पी स्थित विष्णु मंदिर के खंभे गिराने के चार आरोपितों को हाईकोर्ट ने एक अनोखी सज़ा सुनाई। हाईकोर्ट ने चारों पर ₹70,000 का जुर्माना तो लगाया ही, साथ में उन खंभों को फिर से खड़ा करने का भी निर्देश दिया।

बता दें कि सज़ा सुनाने के बाद चारो आरोपितों को उसी जगह ले जाया गया जहाँ हम्पी में विष्णु मंदिर है। उस जगह ले जाकर आरोपितों से खंभों को खड़ा करवाया गया और वहाँ उनसे सफ़ाई भी करवाई गई। इस दौरान वहाँ आर्कियॉलजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया के अधिकारी और स्थानीय पुलिस भी मौजूद थी।

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खंभे गिराने के आरोप में जिन चार आरोपियों को पकड़ा गया था, उनमें – आयुष (मध्य प्रदेश) और बिहार के राजा बाबू चौधरी, राज आर्यन और राजेश कुमार चौधरी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार इन सभी को आठ फ़रवरी को खंभे गिराने के आरोप में पकड़ा गया था। जानकारी के मुताबिक सभी आरोपियों ने कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए जुर्माना भर दिया। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

हम्पी जैसे ऐतिहासिक स्थल पर ऐसी बर्बरता ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी काफी ध्यान आकर्षित किया था। इस तरह के कृत्य पर लोगों ने काफी नाराज़गी भी जताई। आपको बता दें कि हम्पी के प्राचीन शहर की विरासत लगभग 42 वर्ग किलोमीटर तक फैली हुई है। इसमें 1,600 से अधिक स्मारक शामिल हैं। इन अवशेषों में मंदिर, महल, बाज़ार और सार्वजनिक स्नानघर भी शामिल हैं। अधिकांश संरचनाएँ 14वीं शताब्दी से 16वीं शताब्दी के बीच निर्मित की गई थीं।


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