Sunday, May 29, 2022
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‘सरकारी आदेश से महत्वपूर्ण हमारी आस्था’: कर्नाटक में बुर्कानशीं छात्राओं ने निकाला जुलूस, लगे ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे

शिवमोगा शहर के ही मौलाना अब्दुल कलाम आजाद इंग्लिश मीडियम स्कूल के गेट पर कुख्यात इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) का एक पोस्टर चिपका दिया गया। प्रशासन ने माहौल को भाँपते हुए उसे जल्दी में हटा दिया।

कर्नाटक (Karnataka) के स्कूल-कॉलेजों में हिजाब (Hijab) पहनने को लेकर शुरू हुआ मुस्लिम लड़कियों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी क्रम में बुधवार (16 फरवरी) से राज्य में कॉलेज एक बार फिर से खुल गए हैं, जहाँ बुर्का पहनी मुस्लिम छात्राओं को कॉलेजों में प्रवेश नहीं देने पर मुस्लिमों का गुस्सा भड़क उठा। इसके बाद राज्य के तुमकुर में हिजाब पहनी मुस्लिम छात्राओं ने सड़क पर ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के भड़काऊ नारों के साथ जुलूस निकाला। साथ ही एक कॉलेज पर PFI का पोस्टर लगा दिया गया।

राज्य के बीजापुर, कलबुर्गी, विजयपुर, उडुपी, यदगीर, शिमोगा सहित कई शहरों में मुस्लिम छात्राएँ जानबूझकर हिजाब पहन स्कूल पहुँचीं। इसी तरह के एक वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि ये मुस्लिम छात्राएँ गले में आईडेन्टिटी कार्ड डाले सड़क पर मजहबी नारेबाजी कर रही हैं। ये लगातार ‘अल्लाह-हु-अकबर’ चिल्लाने के साथ ‘वी वॉन्ट जस्टिस’ के नारे लगा रही हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश के अधिकतर सरकारी कॉलेजों में बुर्के या हिजाब पहनकर आई मुस्लिम छात्राओं को कॉलेज के अंदर घुसने से रोक दिया गया। इसके बाद मुस्लिम छात्राएँ नारेबाजी करने कर माहौल को एक बार फिर गरमाने की कोशिश करने लगीं। इस तरह की घटनाओं से राज्य में एक बार फिर से तनाव का माहौल उत्पन्न हो गया है।

वहीं, शिवमोगा जिले में स्थित सागर गवर्नमेंट प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज में हिजाब के कारण तनाव बढ़ने पर कॉलेज प्रशासन ने एक दिन की छुट्टी कर दी। इसी तरह से जिले के डीवीएस कॉलेज में अंदर आने की अनुमति से इनकार करने पर मुस्लिम छात्राओं ने कहा कि किसी भी सरकारी आदेश से ज्यादा महत्वपूर्ण उनके लिए उनकी आस्था है। एक लड़की ने कहा, “आज हमारी परीक्षा थी, लेकिन हमें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। हमारे लिए अपने धर्म का पालन शिक्षा जितना ही महत्वपूर्ण है और बुर्का हमारी आस्था का हिस्सा है। हम इसे हटाने नहीं देंगे।”

शिवमोगा शहर के ही मौलाना अब्दुल कलाम आजाद इंग्लिश मीडियम स्कूल के गेट पर कुख्यात इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) का एक पोस्टर चिपका दिया गया। प्रशासन ने माहौल को भाँपते हुए उसे जल्दी में हटा दिया। इस पोस्टर में PFI ने पॉपुलर फ्रंट डे मनाने का आह्वान किया है। 

गौरतलब है कि हिजाब विवाद पर सुनवाई करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में कहा था कि जब तक हिजाब विवाद पर अदालत का फाइनल फैसला नहीं आ जाता है, तब तक किसी भी शिक्षण संस्थानों में हिजाब और भगवा शॉल जैसे धार्मिक प्रतीकों को नहीं पहन सकेगा। वहीं, राज्य के गृह मंत्री अरगा ज्ञानेंद्र ने कहा है कि हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कर्नाटक विधानसभा में कॉन्ग्रेस ने उठाया हिजाब का मुद्दा

कर्नाटक विधानसभा के दूसरे दिन मंगलवार (15 फरवरी 2022) को कॉन्ग्रेस ने शून्यकाल में हिजाब विवाद को उठाया। विधानसभा में विपक्ष के उप नेता यूटी खादर स्कूलों में अराजकता की स्थिति की बात करते हुए दावा किया कि हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश को लागू करने को लेकर भ्रम की स्थिति है। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन शिक्षकों को भी स्कूल परिसर में आने से पहले हिजाब हटाने के लिए कह रहे हैं, जबकि कोर्ट ने ड्रेस कोड पर जोर दिया है। वहीं, कॉन्ग्रेस के एमएलसी हरीश कुमार ने इसे अनावश्यक विवाद करार दिया है।

कब से चल रहा है यह मामला

पीयू कॉलेज का यह मामला सबसे पहले 2 जनवरी 2022 को सामने आया था, जब 6 मुस्लिम छात्राएँ क्लासरूम के भीतर हिजाब पहनने पर अड़ गई थीं। कॉलेज के प्रिंसिपल रूद्र गौड़ा ने कहा था कि छात्राएँ कॉलेज परिसर में हिजाब पहन सकती हैं, लेकिन क्लासरूम में इसकी इजाजत नहीं है। प्रिंसिपल के मुताबिक, कक्षा में एकरूपता बनाए रखने के लिए ऐसा किया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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