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हर्षा की हत्या कट्टरपंथियों ने ‘नफरत’ के कारण की थी: NIA की 750 पेज की चार्जशीट में खुलासा, कर्नाटक में बजरंग दल कार्यकर्ता की चाकू मार की गई थी हत्या

पहले अंदाजा लगाया जा रहा था कि हिजाब पर हर्षा का किया गया पोस्ट ही इस हत्या का का कारण है, लेकिन जैसे जैसे कट्टरपंथियों के पोस्ट सामने आते गए उससे स्थिति साफ होती गई। इन पोस्ट को देखने से पता चला कि हिजाब का विरोध एक कारण था, लेकिन हर्षा की हत्या की साजिश उससे पहले से ही रची जा रही थी।

कर्नाटक के शिवमोगा (Shivamogga, Karnataka) में बजरंग दल के कार्यकर्ता हर्षा (Bajarang Dal Activist Harsha) की हत्या के मामले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने 750 पेज की चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में साफ कहा है कि हर्षा की हत्या ‘नफरत’ के कारण की गई थी।

शिवमोगा के रहने वाले 26 वर्षीय हर्षा की 20 फरवरी 2022 की रात को भारती नगर इलाके में चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इस इलाके में धारा 144 लगानी पड़ी थी। इसके साथ ही राज्य के अलग-अलग इलाकों में भारी प्रदर्शन हुए थे। इसके बाद हत्या की जाँच NIA को सौंप दी गई थी।

जिस समय हर्षा की हत्या हुई थी, उस समय राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में बुर्का को लेकर विवाद चल रहा था। कहा जा रहा था कि हर्षा लंबे समय से कट्टरपंथियों के निशाने पर थे। जब हिजाब विवाद भड़का तो उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाला था। इस पोस्ट के बाद उनकी हत्या को अंजाम दिया गया।

पहले अंदाजा लगाया जा रहा था कि हिजाब पर हर्षा का किया गया पोस्ट ही इस हत्या का का कारण है, लेकिन जैसे जैसे कट्टरपंथियों के पोस्ट सामने आते गए उससे स्थिति साफ होती गई। इन पोस्ट को देखने से पता चला कि हिजाब का विरोध एक कारण था, लेकिन हर्षा की हत्या की साजिश उससे पहले से ही रची जा रही थी।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई ने इस वारदात को साजिश और योजनाबद्ध तरीके से की गई हत्या बताया था। उन्होंने कहा था, “हर्षा, जिसे हर्षा हिंदू के नाम से भी जाना जाता था। वो एक कार्यकर्ता था। वो हर तरह के धार्मिक कार्यक्रमों में सबसे आगे रहता था। उसने हाल ही में हिंदुओं के कई अहम मामलों को उठाया था, जिससे कई लोग काफी चिढ़े हुए थे। कई स्थानीय लोग उसके खिलाफ थे। ये हत्या बहुत ही भयानक थी। ये हत्या से बढ़कर है। ये हार्डकोर दुश्मनी है, जिसे एक छोटे से लड़के पर दिखाया गया है। उसकी हत्या पीछे का सबसे बड़ा कारण यह था कि वो एक हिंदू एक्टिविस्ट था और बहुत ही मुखर तरीके से अपनी आवाज को उठाता था।”

हर्षा की हत्या में रियाज, नदीम, मुजाहिद, कासिफ, आसिफ, अफान (रिहान) सहित कई कट्टरपंथियों को गिरफ्तार किया गया है। शिवमोगा पुलिस ने कहा था कि आरोपित कार में आए और हर्षा का पीछा किया, फिर उसे मारा। इन सभी के ऊपर UAPA की धाराएँ लगाई गई थीं।

पुलिस के मुताबिक पीड़ित के ऊपर साल 2016-17 में मजहबी भावनाएँ आहत करने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। हर्षा की हत्या करने में रियाज, मुजाहिद, कासिफ, आसिफ का हाथ था जबकि इसकी साजिश रचने में नदीम और अफान शामिल थे। पुलिस के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड में कासिफ मुख्य आरोपित है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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