Homeदेश-समाजकर्नाटक में जिस हर्षा को 'हिजाब' पर मार डाला, उसकी हत्या के लिए निकला...

कर्नाटक में जिस हर्षा को ‘हिजाब’ पर मार डाला, उसकी हत्या के लिए निकला था ‘फरमान’: वायरल हो रहे पोस्ट, शव के साथ घर पहुँचे सैकड़ों

हर्षा की हत्या में कट्टरपंथी एंगल अब सामने आने लगा है। आरोपित भले ही इस मामले में अभी कोई गिरफ्तार नहीं हुए हैं लेकिन राज्य मंत्री ने इसके लिए मुसलमान गुंडों को जिम्मेदार बताया है। वहीं सोशल मीडिया पर अब एक मंगलुरु मुस्लिम द्वारा 2015 में किया गया पोस्ट सामने आया है।

कर्नाटक के शिवमोगा में हर्षा नामक बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या के बाद हिंदू संगठन सड़कों पर आ रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद ने भी बुधवार (फरवरी 23, 2022) को इस संबंध में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है। फिलहाल हर्षा का शव पोस्टमार्टम के बाद घर ले जाया गया है। उनके शव के साथ सैंकड़ों हिंदूवादी दिखाई दिए। इस बीच हर्षा की हत्या में कट्टरपंथी एंगल अब सामने आने लगा है।

दरअससल, आरोपित भले ही इस मामले में अभी कोई गिरफ्तार नहीं हुए हैं लेकिन राज्य मंत्री के एस ईश्वरप्पा ने इसके लिए मुसलमान गुंडों को जिम्मेदार बताया है। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक मंगलुरु मुस्लिम द्वारा 2015 में किया गया पोस्ट सामने आया है। लाइव अदालत का दावा है कि हर्षा मुस्लिम कट्टरपंथियों की हिट लिस्ट में थे। उनके विरुद्ध इस ग्रुप ने फेसबुक पर पोस्ट किया था।

इस पोस्ट में कथिततौर पर लिखा है,

“हिंदुत्व आतंकवादी समूह के सदस्य हर्ष ने पैगंबर मोहम्मद और अल्लाह को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक पोस्ट डाले हैं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पवित्र काबा की मॉर्फ्ड तस्वीरें साझा की हैं।

हम शिवमोगा के लोगों से अनुरोध करते हैं कि उनके खिलाफ नजदीकी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करें और इसे ‘उचित उपचार’ भी दें। करावली (तटीय कर्नाटक) के भाइयों, कृपया विभिन्न पुलिस स्टेशनों में हर्षा के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज करें ताकि वह अपना बचा हुआ जीवन पुलिस स्टेशन और अदालत के अंदर बिताए। 

उसके बारे में अधिक जानकारी के लिए इनबॉक्स में एक टेक्स्ट छोड़ें। 

इस छवि और जानकारी को साझा करें।”

बता दें कि हर्षा को लेकर मंगलुरु मुस्लिम के ऐसे ही पोस्ट को शिवमोगा मुस्लिम नाम के फेसबुक पेज ने भी अपने अकॉउंट पर साल 2016 में शेयर किया था, इसके अलावा करावली मुस्लिम पेज ने भी इसे 2015 में साझा किया था।

इन सभी पोस्ट का मतलब साफ है कि हर्षा लंबे समय से इन कट्टरपंथियों के निशाने पर थे। हाल में जब हिजाब विवाद भड़का तो उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाला था। इस पोस्ट के बाद उनकी हत्या को अंजाम दिया गया। पहले अंदाजा लग रहा था कि हिजाब पर किया गया पोस्ट ही इस हत्या के पीछे की वजह है लेकिन जैसे जैसे कट्टरपंथियों के पोस्ट सामने आ रहे हैं वो दिखाता है कि हिजाब के विरोध के अलावा भी हर्षा की हत्या की साजिश पहले से रची जा रही थी।

सोशल मीडिया पर भी देख सकते हैं कि हर्षा की हत्या पर हाहा करने वाले कोई और नहीं, उसी समुदाय के लोग हैं, जिन्हें उनसे दिक्कत थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -