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प्रसाद बनाने में ‘हलाल’ गुड़ के प्रयोग पर सबरीमाला मंदिर के तंत्री की क्या राय है? केरल HC में याचिका दाखिल कर माँगा जवाब

सबरीमाला में भगवान अयप्पा मंदिर का प्रबंधन संभालने वाले त्रावणकोर देवास्वम् बोर्ड (टीडीबी) ने 18 नवंबर को अदालत को बताया था कि उसे जो गुड़ मिला है, उसकी पैकेजिंग पर ‘हलाल’ लिखा था। इस गुड़ को अरब देशों को निर्यात किया जाता है।

केरल हाईकोर्ट में सोमवार (22 नवंबर 2021) को एक याचिका दायर कर सबरीमाला में भगवान अयप्पा के मंदिर में ‘अरावणा’ और ‘अप्पम’ प्रसाद तैयार करने के लिए ‘हलाल’ गुड़ का इस्तेमाल करने के लिए तंत्री (मुख्य पुजारी) की राय पूछी गई है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े याचिकाकर्ता एस. जे. आर. कुमार ने तंत्री की राय के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। कुमार ने गुड़ और चावल से बने हलवा ‘अरावणा’ और मीठे चावल और गुड़ से बनने वाले लड्डू ‘अप्पम’ को तैयार करने के लिए हलाल प्रमाणित गुड़ खरीदे जाने का विरोध किया है। अयप्पा मंदिर में श्रद्धालुओं को ‘अरावणा’ और ‘अप्पम’ का प्रसाद दिया जाता है।

जस्टिस अनिल के नरेंद्रन और जस्टिस पीजी अजित कुमार की खंडपीठ ने खाद्य सुरक्षा विभाग से याचिका पर जवाब माँगा है। अदालत ने कहा कि वह बुधवार (24 नवंबर 2021) को इस मामले पर विचार करेगी। इस मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग के कमिश्नर अपना जवाब दाखिल करेंगे।

सबरीमाला में भगवान अयप्पा मंदिर का प्रबंधन संभालने वाले त्रावणकोर देवास्वम् बोर्ड (टीडीबी) ने 18 नवंबर को अदालत को बताया था कि उसे जो गुड़ मिला है, उसकी पैकेजिंग पर ‘हलाल’ लिखा था। इस गुड़ को अरब देशों को निर्यात किया जाता है।

टीडीबी ने अदालत को यह भी बताया कि ‘अप्पम’ और ‘अरावणा’ को बनाने में इस साल के शुरू में प्राप्त की गुड़ का इस्तेमाल किया जा रहा है। उसने बताया कि इस साल सितंबर में पुराने गुड़ की जाँच करने के बाद उसे नीलाम कर दिया गया। जाँच में पाया गया कि ये गुड़ मानव उपभोग के लिए ठीक नहीं हैं। इसके बाद इस गुड़ की नीलामी कर मवेशियों का भोजन बनाने के लिए त्रिशूर के साउदर्न एग्रो टेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को दे दिया गया था।

बोर्ड ने कहा कि सबरीमाला कर्म समिति के महा संयोजक होने का दावा करने वाले कुमार की याचिका में जो आरोप हैं, वे ‘पूरी तरह झूठ और बेबुनियाद हैं’। बोर्ड ने दावा किया कि सबरीमाला में ‘अरावणा’ और ‘अप्पम’ की बिक्री रोकने से इसे बहुत नुकसान होगा।

बता दें कि सत्तारूढ़ माकपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी, नव-नियुक्त टीडीएम अध्यक्ष के अनंतगोपन ने कहा कि मंदिर को बदनाम करने और प्रसाद की बिक्री को कम करने के लिए केवल अफवाह फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा, ”हम अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए साइबर विंग से संपर्क करेंगे। यह श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाला है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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