Homeदेश-समाजलेस्बियन कपल आदिला नसरीन और फातिमा नूरा को केरल हाईकोर्ट ने दी साथ रहने...

लेस्बियन कपल आदिला नसरीन और फातिमा नूरा को केरल हाईकोर्ट ने दी साथ रहने की मंजूरी: हम-बिस्तर होने से परिवार ने रोका था

न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और सी जयचंद्रन की बेंच ने लेस्बियन जोड़े से सीधे बात करते हुए उनसे पूछा कि क्या वे एक साथ रहना चाहते हैं। दोनों ने 'हाँ' में जवाब दिया जिसके बाद कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया।

केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार (31 मई 2022) को लेस्बियन कपल आदिला नसरीन (22) और फातिमा नूरा (23) को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए दोनों को साथ रहने की अनुमति दे दी। इस संबंध में आदिला नसरीन द्वारा हैबियस कॉपर्स याचिका दायर की गई थी। आदिला ने अपनी प्रेमिका को जबरन अलग किए जाने पर ये याचिका कोर्ट में डाली थी

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और सी जयचंद्रन की बेंच ने लेस्बियन जोड़े से सीधे बात करते हुए उनसे पूछा कि क्या वे एक साथ रहना चाहते हैं। दोनों ने ‘हाँ’ में जवाब दिया जिसके बाद कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और उन्हें साथ रहने की अनुमति दी।

मीडिया से बातचीत के दौरान आदिला ने फातिमा के साथ अपने संबंधों पर खुल कर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे साथ रहने की इच्छा के कारण उनका बहिष्कार किया जा रहा था। आदिला ने बताया कि वो लेस्बियन कपल हैं और स्कूल के दिनों से साथ हैं। आदिला कहती हैं कि शुरुआत में उन लोगों के अम्मी-अब्बा को इन संबंधों का पता चला था। लेकिन बावजूद इसके उन्होंने अपना रिश्ता जारी रखा। डिग्री मिलने और नौकरी पाने के बाद दोनों ने जब घर छोड़ा तो चीजें उलटी होने लगीं और घरवालों द्वारा उन्हें मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया गया।

उल्लेखनीय है कि आदिला और फातिमा से जुड़ा ये मामला कुछ दिन पहले सोशल मीडिया के जरिए सामने आया था। आदिला नसरीन (Adhila Nassrin) ने वीडियो में अपनी लेस्बियन पार्टनर फातिमा नूरा (Fathima Noora) को उसके घर वालों द्वारा जबरन बंधक बनाने और मारपीट करने का आरोप लगाया था। इस अपील में लोगों से अपनी मदद और पुलिस से भी सहयोग की माँग की गई थी।

आदिला का दावा था कि फातिमा नूरा की माँ एक दिन अपने परिजनों के साथ उसके घर आई और वहाँ दोनों की पिटाई की गई और नूरा का अपहरण कर लिया गया। इसकी शिकायत बिनानीपुरम थाने में की गई। जब पुलिस आदिला के घर पहुँची तो वहाँ आदिला अकेली थी। पुलिस उसे लेकर थाने आ गई। बाद में उसकी ही माँग पर उसे एक अस्थाई घर में शिफ्ट कर दिया गया। आदिला ने पुलिस से अपनी और फातिमा की सुरक्षा भी माँगी थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -