Thursday, May 23, 2024
Homeदेश-समाजनग्न शरीर पर बच्चों से पेंटिंग कराने वाली रेहाना फातिमा की अग्रिम जमानत याचिका...

नग्न शरीर पर बच्चों से पेंटिंग कराने वाली रेहाना फातिमा की अग्रिम जमानत याचिका हाइकोर्ट ने की खारिज, करेंगी SC में अपील

वीडियो में रेहाना के बेटे और बेटी को उनकी सेमी न्यूड बॉडी पर पेंटिंग करते देखा जा सकता है। इस वीडियो के साथ उन्होंने हैशटैग #BodyArtPolitics पोस्ट किया था। रेहाना के मुताबिक, यह वीडियो उन्होंने इसलिए बनाया था, ताकि महिलाएंँ सेक्स और अपने शरीर को लेकर ज्यादा खुल सकें, वो भी ऐसे समाज में जहाँ यह दोनों चीजें प्रतिबंधित हैं।

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार (24 जुलाई, 2020) को ’एक्टिविस्ट’ रेहाना फातिमा की अग्रिम जमानत खारिज कर दी है। रेहाना फातिमा पर नाबालिक बच्चों से नग्न शरीर पर ड्राइंग कराने और फिर सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने के लिए मुकदमा दर्ज किया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, उसने अब शीर्ष अदालत में जाने का फैसला किया है।

मातृभूमि की एक रिपोर्ट के अनुसार, फातिमा ने सूचित किया है कि वह सर्वोच्च न्यायालय से ‘अनुकूल निर्णय’ की उम्मीद कर रही है। इस बीच, उसने राज्य सरकार से उक्त मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए भी कहा है। फातिमा ने दावा किया कि अदालत के फैसले जनता की राय से प्रभावित होते है। इसलिए इस तथ्य को बदलना होगा।

रेहाना ने कहा, “मुझे न्यायालय से अनुकूल निर्णय मिलने की उम्मीद है। कानून हमेशा लोगों के एक वर्ग के अनुसार नहीं हो सकता। यह सभी के लिए समान है।” रेहाना फातिमा ने इस बात पर जोर दिया कि हर किसी के पास अपने अधिकारों को अर्जित करने की जिम्मेदारी है।

रेहाना ने अपने अर्धनग्न शरीर पर नाबालिग बच्चों से पेंटिंग कराने और वीडियो यू-ट्यूब पर डालने पर नैतिकता को लेकर उठ रही बहस के बीच, राज्य सरकार पर अपना चेहरा छुपाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। फातिमा ने आरोप लगाया कि पिनाराई विजयन की अगुवाई वाली केरल सरकार ‘किसी और सभी का बलिदान’ करने के लिए तैयार है। यह सरकार के पिछले ट्रैक रिकॉर्ड की पुनरावृत्ति है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने केरल उच्च न्यायालय से उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने को कहा है। इसके साथ ही सरकार ने यह तर्क दिया कि लोगों को ‘कला’ के नाम पर कुछ भी करने तथा बच्चों सहित किसी को भी अपने किसी भी गतिविधि में शामिल करने का अधिकार नहीं है। केरल सरकार ने अदालत से रेहाना के पिछले कार्यों का संज्ञान लेने के लिए भी कहा है।

रेहाना ने बच्चों से कराया था अपने नग्न शरीर पर पेंट

गौरतलब है कि, केरल में पथनमथिट्टा जिले के तिरुवल्ला पुलिस ने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत रेहाना फातिमा और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 (गैर-जमानती अपराध के लिए यौन रूप से स्पष्ट सामग्री प्रसारित करना) मुकदमा दर्ज किया था।

रेहाना फातिमा ने 19 जून 2020 को ही यूट्यूब वीडियो फेसबुक पर शेयर किया था। इसमें उनके बेटे और बेटी को उनकी सेमी न्यूड बॉडी पर पेंटिंग करते देखा जा सकता है। इस वीडियो के साथ उन्होंने हैशटैग #BodyArtPolitics पोस्ट किया था। रेहाना के मुताबिक, यह वीडियो उन्होंने इसलिए बनाया था, ताकि महिलाएंँ सेक्स और अपने शरीर को लेकर ज्यादा खुल सकें, वो भी ऐसे समाज में जहाँ यह दोनों चीजें प्रतिबंधित हैं।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

SRH और KKR के मैच को दहलाने की थी साजिश… आतंकियों ने 38 बार की थी भारत की यात्रा, श्रीलंका में खाई फिदायीन हमले...

चेन्नई से ये चारों आतंकी इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट से आए थे। इन चारों के टिकट एक ही PNR पर थे। यात्रियों की लिस्ट चेक की गई तो...

पश्चिम बंगाल में 2010 के बाद जारी हुए हैं जितने भी OBC सर्टिफिकेट, सभी को कलकत्ता हाई कोर्ट ने कर दिया रद्द : ममता...

कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुधवार 22 मई 2024 को पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को बड़ा झटका दिया। हाईकोर्ट ने 2010 के बाद से अब तक जारी किए गए करीब 5 लाख ओबीसी सर्टिफिकेट रद्द कर दिए हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -