Wednesday, August 4, 2021
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बलात्कार आरोपित बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ दिए बयान बदलने के लिए दबाव बनाया जा रहा: सिस्टर लिसी

56 वर्षीय नन पिछले कई महीनों से केरल के मुवत्तुपुझा के कॉन्वेंट में पुलिस संरक्षण में रह रही हैं। उन्होंने कॉन्वेंट के अंदर बुरा व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा कि हाउस अरेस्ट के दौरान लगातार उन पर बयानों को बदलने के लिए दवाब डाल रहे हैं।

बलात्कार के आरोपित बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ बयान देने के लिए फ्रांसिसन क्लेरिस्ट कॉन्ग्रेगेशन (एफसीसी) द्वारा अप्राकृतिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने वाली सिस्टर लिसी वडक्केल पर अब बिशप फ्रैंको के खिलाफ दिए गए बयान को बदलने का दबाव डाला जा रहा है।

बता दें कि जालंधर बिशप फ्रैंको मुलक्कल द्वारा केरल नन का कथित तौर पर कई बार बलात्कार किया गया था और सिस्टर लिसी इस मामले की प्रमुख गवाहों में से एक हैं। द न्यूज मिनट से बात करते हुए सिस्टर लिसी ने कहा कि उनके वरिष्ठ लोग लगातार उन पर फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ दिए गए बयान को बदलने के लिए दबाव डाल रहे हैं।

फिलहाल मामले में आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने की कार्यवाही को अदालत ने 6 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया है। नन ने कहा कि वो खुद को बहुत असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने बताया कि बिशप की जमानत की अवधि हाल ही में अदालत ने बढ़ाई थी और फिलहाल कार्यवाही इस सप्ताह के अंत तक के लिए स्थगित कर दी गई हैं। बता दें कि 56 वर्षीय नन पिछले कई महीनों से केरल के मुवत्तुपुझा के कॉन्वेंट में पुलिस संरक्षण में रह रही हैं। उन्होंने कॉन्वेंट के अंदर बुरा व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा कि हाउस अरेस्ट के दौरान लगातार उन पर बयानों को बदलने के लिए दवाब डाल रहे हैं।

सिस्टर लिसी ने CNN News18 से बात करते हुए कहा, “यह हाउस अरेस्ट है। मैं एक प्रचारक हूँ लेकिन मैं कहीं भी नहीं जा सकती और ना ही प्रार्थना कर सकती। मेरे कॉन्वेंट में लोग मुझे किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं कर रहे हैं … वे ऐसा व्यवहार करते हैं कि जैसे मैं इसका हिस्सा नहीं हूँ। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि पादरी, फ्रैंको मुलक्कल के करीबी हैं। मैंने अदालत से कहा था कि मुझे मुकदमे के अंत तक यहाँ रहने दिया जाए और उन्होंने मुझे गवाह सुरक्षा के तहत यहाँ रहने की अनुमति दी।”

उल्लेखनीय है कि सिस्टर लिसी उन कुछ लोगों में से एक है, जिनके साथ पीड़ित नन ने उन यौन विकृतियों के बारे में बात की थी। सिस्टर लिसी ने उस समय पुलिस को अपना बयान दिया था। जिसके बाद उसे एफसीसी द्वारा अपमानित किया गया था और केरल छोड़ने और विजयवाड़ा में एक कॉन्वेंट में रहने के लिए कहा गया था।

वहीं सिस्टर लिसी ने एक बार फिर से अपनी बात दोहराते हुए कहा कि वह अपना बयान नहीं बदलेंगी। उन्होंने कहा, “मैं बयान दे रही हूँ क्योंकि मैं सच्चाई जानती हूँ। शिकायतकर्ता नन के साथ 2011 से मेरा व्यक्तिगत संबंध है। नन को न्याय मिलना चाहिए, मैं उसके साथ हूँ। मैं प्रार्थना करती हूँ कि उसे न्याय मिले।”

गौरतलब है कि जालंधर सूबा से ताल्लुक रखने वाले मुलक्कल को कोट्टायम कॉन्वेंट में 13 बार नन के साथ बलात्कार के आरोप में पुलिस जाँच का सामना करना पड़ रहा है। जून 2018 में पीड़िता की शिकायत के बाद कई अन्य ननों ने सामने आकर मुलक्कल पर यौन दुराचार का आरोप लगाया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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