Tuesday, April 16, 2024
Homeदेश-समाजबलात्कार आरोपित बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ दिए बयान बदलने के लिए दबाव बनाया...

बलात्कार आरोपित बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ दिए बयान बदलने के लिए दबाव बनाया जा रहा: सिस्टर लिसी

56 वर्षीय नन पिछले कई महीनों से केरल के मुवत्तुपुझा के कॉन्वेंट में पुलिस संरक्षण में रह रही हैं। उन्होंने कॉन्वेंट के अंदर बुरा व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा कि हाउस अरेस्ट के दौरान लगातार उन पर बयानों को बदलने के लिए दवाब डाल रहे हैं।

बलात्कार के आरोपित बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ बयान देने के लिए फ्रांसिसन क्लेरिस्ट कॉन्ग्रेगेशन (एफसीसी) द्वारा अप्राकृतिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने वाली सिस्टर लिसी वडक्केल पर अब बिशप फ्रैंको के खिलाफ दिए गए बयान को बदलने का दबाव डाला जा रहा है।

बता दें कि जालंधर बिशप फ्रैंको मुलक्कल द्वारा केरल नन का कथित तौर पर कई बार बलात्कार किया गया था और सिस्टर लिसी इस मामले की प्रमुख गवाहों में से एक हैं। द न्यूज मिनट से बात करते हुए सिस्टर लिसी ने कहा कि उनके वरिष्ठ लोग लगातार उन पर फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ दिए गए बयान को बदलने के लिए दबाव डाल रहे हैं।

फिलहाल मामले में आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने की कार्यवाही को अदालत ने 6 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया है। नन ने कहा कि वो खुद को बहुत असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने बताया कि बिशप की जमानत की अवधि हाल ही में अदालत ने बढ़ाई थी और फिलहाल कार्यवाही इस सप्ताह के अंत तक के लिए स्थगित कर दी गई हैं। बता दें कि 56 वर्षीय नन पिछले कई महीनों से केरल के मुवत्तुपुझा के कॉन्वेंट में पुलिस संरक्षण में रह रही हैं। उन्होंने कॉन्वेंट के अंदर बुरा व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा कि हाउस अरेस्ट के दौरान लगातार उन पर बयानों को बदलने के लिए दवाब डाल रहे हैं।

सिस्टर लिसी ने CNN News18 से बात करते हुए कहा, “यह हाउस अरेस्ट है। मैं एक प्रचारक हूँ लेकिन मैं कहीं भी नहीं जा सकती और ना ही प्रार्थना कर सकती। मेरे कॉन्वेंट में लोग मुझे किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं कर रहे हैं … वे ऐसा व्यवहार करते हैं कि जैसे मैं इसका हिस्सा नहीं हूँ। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि पादरी, फ्रैंको मुलक्कल के करीबी हैं। मैंने अदालत से कहा था कि मुझे मुकदमे के अंत तक यहाँ रहने दिया जाए और उन्होंने मुझे गवाह सुरक्षा के तहत यहाँ रहने की अनुमति दी।”

उल्लेखनीय है कि सिस्टर लिसी उन कुछ लोगों में से एक है, जिनके साथ पीड़ित नन ने उन यौन विकृतियों के बारे में बात की थी। सिस्टर लिसी ने उस समय पुलिस को अपना बयान दिया था। जिसके बाद उसे एफसीसी द्वारा अपमानित किया गया था और केरल छोड़ने और विजयवाड़ा में एक कॉन्वेंट में रहने के लिए कहा गया था।

वहीं सिस्टर लिसी ने एक बार फिर से अपनी बात दोहराते हुए कहा कि वह अपना बयान नहीं बदलेंगी। उन्होंने कहा, “मैं बयान दे रही हूँ क्योंकि मैं सच्चाई जानती हूँ। शिकायतकर्ता नन के साथ 2011 से मेरा व्यक्तिगत संबंध है। नन को न्याय मिलना चाहिए, मैं उसके साथ हूँ। मैं प्रार्थना करती हूँ कि उसे न्याय मिले।”

गौरतलब है कि जालंधर सूबा से ताल्लुक रखने वाले मुलक्कल को कोट्टायम कॉन्वेंट में 13 बार नन के साथ बलात्कार के आरोप में पुलिस जाँच का सामना करना पड़ रहा है। जून 2018 में पीड़िता की शिकायत के बाद कई अन्य ननों ने सामने आकर मुलक्कल पर यौन दुराचार का आरोप लगाया था।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सोई रही सरकार, संतों को पीट-पीटकर मार डाला: 4 साल बाद भी न्याय का इंतजार, उद्धव के अड़ंगे से लेकर CBI जाँच तक जानिए...

साल 2020 में पालघर में 400-500 लोगों की भीड़ ने एक अफवाह के चलते साधुओं की पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी थी। इस मामले में मिशनरियों का हाथ होने का एंगल भी सामने आया था।

‘मोदी की गारंटी’ भी होगी पूरी: 2014 और 2019 में किए इन 10 बड़े वादों को मोदी सरकार ने किया पूरा, पढ़ें- क्यों जनता...

राम मंदिर के निर्माण और अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से लेकर नागरिकता संशोधन अधिनियम को अधिसूचित करने तक, भाजपा सरकार को विपक्ष के लगातार कीचड़ उछालने के कारण पथरीली राह पर चलना पड़ा।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe