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केरल में अस्पताल कर्मियों की लापरवाही आई सामने, 15 साल की दो नाबालिग लड़कियों को लगाया कोविड का डोज, अस्पताल में भर्ती

फिलहाल 18 साल से अधिक आयु वालों को ही कोरोना की वैक्सीन लगाई जा रही है, जबकि उससे कम उम्र के लोगों के वैक्सीनेशन पर केंद्र सरकार ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है।

देश को कोरोना मुक्त करने के लिए सरकार वैक्सीनेशन अभियान चला रही है, लेकिन केरल में लापरवाही के चलते गुरुवार (2 दिसंबर) को 15 साल की 2 लड़कियों को कोरोना का टीका लगा दिया गया। टीके के कारण दोनों लड़कियों की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना तिरुवनंतपुरम जिले के आर्यनाड क्षेत्र के ग्रामीण इलाके कम्युनिटी हेल्थ सेंटर उझामलाइकल की है। रिपोर्ट के मुताबिक, कक्षा 10 में पढ़ने वाली दोनों छात्राएँ गुरुवार (2 दिसंबर 2021) की सुबह सीएचसी सेंटर गई थीं, लेकिन वहाँ पहुँचने के बाद गलती से हेल्थ सेंटर के कर्मचारियों ने उन्हें कोविशील्ड वैक्सीन का डोज दे दिया। इसके बाद दोनों लड़कियों को मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि दोनों लड़कियों की हालत स्थिर बनी हुई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों लड़कियाँ कुलापाड़ा की रहने वाली हैं। फिलहाल इस घटना को लेकर आर्यनाड अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर ने कहा कि छात्राएँ अनजाने में कोविड वैक्सीनेशन विंग में आ गई थीं। फिलहाल वो खतरे से बाहर हैं। इस मामले में आर्यनद पुलिस ने बताया है कि उन्हें प्रभावित छात्रों के माता-पिता से दो अलग-अलग शिकायतें मिली हैं। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

Covid 19.org से प्राप्त आँकड़े

गौरतलब है कि फिलहाल 18 साल से अधिक आयु वालों को ही कोरोना की वैक्सीन लगाई जा रही है, जबकि उससे कम उम्र के लोगों के वैक्सीनेशन पर केंद्र सरकार ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। हालाँकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के एक वर्ग का कहना है कि बच्चों का भी टीकाकरण शुरू होना चाहिए। उनका कहना है कि वायरस उन बच्चों को भी टार्गेट कर सकता है, जिन्होंने अभी तक टीका नहीं लिया है और जिनमें इस वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी डेवलप नहीं हुई है। कई यूरोपीय देशों ने पहले ही कोरोनावायरस के डर से किशोरों को कोरोना वायरस के टीके लगाना शुरू कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि केरल में शुक्रवार (3 दिसंबर 2021) को कोरोना के 7,167 नए केस सामने आए, जबकि 167 लोगों की मौत हो गई। ध्यान देने वाली बात है कि केरल में कोरोना मरीजों की जाँच केवल 65.2 प्रतिशत ही हुई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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