Sunday, July 3, 2022
Homeदेश-समाजहर मिनट 600 गोलियाँ, रफ़्तार 900 मीटर प्रति सेकेंड: रूस के घातक AN-94 से...

हर मिनट 600 गोलियाँ, रफ़्तार 900 मीटर प्रति सेकेंड: रूस के घातक AN-94 से हुई सिद्धू मूसेवाला की हत्या, पंजाब में पहली बार इस्तेमाल

इस असॉल्ट राइफल (AN-94) का उपयोग रूस के सैन्य बलों में वर्ष 1997 से लगातार हो रहा है। AN-94 असॉल्ट राइफल का पूरा नाम 'एवतोमैत निकोनोव' है।

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moosewala) की रविवार (29 मई, 2022) को पंजाब के मानसा जिले में हत्या कर दी गई। उनकी हत्या पर बड़ा खुलासा हुआ है। सिद्धू मूसेवाला के कत्ल में जिस अत्याधुनिक हथियार का इस्तेमाल किया गया था, वह रूस का है। पंजाब के गैंगवार में ‘AN 94 Russian Assault Rifle’ का इस्तेमाल पहली बार हुआ है। यह हथियार कितना घातक है, इसका अंदाजा मूसेवाला की थार गाड़ी की हालत को ही देखकर लगाया जा सकता है।

रूस के अलावा कुछ ही देश हैं, जिनके पास AN-94 असॉल्ट राइफल है। आइए जानते हैं AN-94 राइफल कितनी पॉवरफुल है और इसकी क्या खासियत है।

जानिए AN 94 राइफल के बारे में, जिसका इस्तेमाल करती है रूस की सेना

इस असॉल्ट राइफल का वजन 3.85 किलोग्राम है। स्टॉक यानी बट के साथ इसकी लंबाई 37.1 इंच और बगैर स्टॉक के 28.7 इंच होती है। इसके बैरल (नली) की लंबाई 15.9 इंच है। इसमें 5.45×39 mm की गोलियाँ लगती हैं। (AN-94) असॉल्ट राइफल इतना खतरनाक हथियार है कि बर्स्ट मोड में इससे 1800 गोलियाँ दागी जा सकती हैं। इस असॉल्ट राइफल से फुल ऑटोमैटिक मोड में हर मिनट 600 राउंड गोलियाँ निकलती हैं। इसके अलावा इस असॉल्ट राइफल की फायरिंग रेंज (Firing Range) 700 मीटर है।

AN-94 असॉल्ट राइफल को चीफ डिजाइनर गेनाडी निकोनोव (Gennadiy Nikonov) ने बनाया था। यह AK-74 की तुलना में अत्याधुनिक हथियार था। ये वही डिजाइनर हैं, जिन्होंने निकोनोव मशीन गन (Nikonov Machine Gun) बनाई थी। इस असॉल्ट राइफल (AN-94) का उपयोग रूस के सैन्य बलों में वर्ष 1997 से लगातार हो रहा है। AN-94 असॉल्ट राइफल का पूरा नाम ‘एवतोमैत निकोनोव’ है। चीफ डिजाइनर गेनाडी निकोनोव ने 1980 में इस पर काम शुरू किया था और 1994 में यह बनकर तैयार हुई।

इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके दो शॉट बर्स्ट ऑप्शन हैं। यानी दो गोलियों के निकलने में समय का अंतर माइक्रोसेकेंड्स में होता है। यह खासियत दुश्मन को हिलने तक का मौका नहीं देती और दुश्मन को एक साथ दो गोलियाँ लगती हैं। गोलियों की रफ़्तार 900 मीटर प्रति सेकेण्ड होती है।

AN 94 से ही हुई पंजाब के गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या

गौरतलब है कि रविवार (29 मई 2022) को पंजाब के मानसा गाँव में गोली चलाई गई थी। इसमें उनकी मौत हो गई है। ये घटना ठीक पंजाब में ठीक उस समय हुई है जब भगवंत सरकार के कहने पर पंजाब पुलिस ने पंजाब के 424 लोगों को दी गई सुरक्षा को हटाया था। इसमें एक सिद्धू मूसेवाला भी थे। घटना संबंधी एक वीडियो सामने आई है। इसमें मूसेवाला खून से लथपथ गाड़ी में बैठे हैं।

उल्लेखनीय है कि सिद्धू मूसे वाला इन पंजाब चुनावों में कॉन्ग्रेस की टिकट पर मानसा से चुनाव लड़े थे और AAP के उम्मीदवार से हार का मुँह देखा था। इसके बाद वह पिछले माह अपने नए गाने ‘बलि का बकरा’ में आप समर्थकों को निशाना बनाकर भी विवाद में आए थे। इस गाने में उन्होंने आम आदमी पार्टी के समर्थकों को गद्दार कहा था। इसके अलावा पिछले साल वह एके-47 के साथ दिखे थे, तब भी उनके विरुद्ध एफआईआर हुई थी। मूसेवाला को लोग खालिस्तानी प्रशंसक के तौर पर भी जानते थे।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सिर कलम करने में जिस डॉ युसूफ का हाथ, वो 16 साल से था दोस्त: अमरावती हत्याकांड में कश्मीर नरसंहार वाला पैटर्न, उदयपुर में...

अमरावती में उमेश कोल्हे की हत्या में उनका 16 साल पुराना वेटेनरी डॉक्टर दोस्त यूसुफ खान भी शामिल था। उसी ने कोल्हे की पोस्ट को वायरल किया था।

‘1 बार दलित को और 1 बार महिला आदिवासी को चुना राष्ट्रपति’: BJP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने की बात

"सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, अनुच्छेद 370 खत्म करने, GST, आयुष्मान भारत, कोरोना टीकाकरण, CAA, राम मंदिर - कॉन्ग्रेस ने सबका विरोध किया।"

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
202,752FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe