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कोलकाता के पार्क सर्कस में फायरिंग, महिला की हत्या कर खुद को भी मारी गोली: पुलिस ने कहा- नुपूर शर्मा पर हुए प्रदर्शन से नहीं ताल्लुक

घटना के बाद वहाँ अफरा-तफरी मच गई और लोग भागने लगे। दुकानदारों ने भी अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए। एक चश्मदीद ने बताया कि सारा घटनाक्रम करीब पाँच मिनट तक चला।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में शुक्रवार (10 जून 2022) को फायरिंग की घटना हुई। कोलकाता आर्म्ड फोर्स के एक कॉन्स्टेबल ने इस घटना को अंजाम दिया। एक महिला की हत्या करने के बाद उसने खुद को भी गोली मार ली।

इस कॉन्स्टेबल की पहचान चाडुप लेप्चा के तौर पर हुई है। पुलिस ने बताया है कि शुरुआती पड़ताल से पता चला है कि इस मामले का नुपूर शर्मा के बयान के खिलाफ पार्क सर्कस इलाके में हुए प्रदर्शन से कोई ताल्लुक नहीं है। उल्लेखनीय है कि जुमे की नमाज के बाद देश के विभिन्न शहरों की तरह ही इस इलाके में भी प्रदर्शन हुआ है।

लेप्चा बांग्लादेश के डिप्टी हाई कमीशन में ही तैनात था। रिपोर्ट के मुताबिक, वह कोलकाता आर्म्ड पुलिस फोर्स की पाँचवी बटालियन से था। शुक्रवार को ही वह छुट्टी से वापस ड्यूटी पर लौटा था। बताया जाता है कि लेप्चा डिप्रेशन में था। पुलिस का कहना है, “हम इलाके के सीसीटीवी से फुटेज को जुटा रहे हैं। हमारे कॉन्स्टेबल की मौत हो गई है। दो अन्य घायल हैं।”

इस घटना में जिस महिला की मौत हुई है वो एक राहगीर थी, जो वहाँ से गुजरते वक्त इस गोलीबारी का शिकार हो गई। हालाँकि, पुलिसकर्मी ने ऐसा क्यों किया, ये स्पष्ट नहीं हो सका है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मिशन के पास पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी ने कम से कम 10 राउंड फायरिंग की। गैरेज चलाने वाले एक स्थानीय भी इसमें घायल हुआ है और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है।

घटना के बाद वहाँ अफरा-तफरी मच गई और लोग भागने लगे। दुकानदारों ने भी अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे के आला अधिकारी भी मौके पर पहुँचे। बाबू शेख नाम के चश्मदीद ने बताया कि सारा घटनाक्रम करीब पाँच मिनट तक चला। एक अन्य स्थानीय निवासी अराफात मुल्ला ने कहा कि उसने मिशन के पास पुलिसकर्मी को अंधाधुंध फायरिंग करते देखा। मुल्ला ने कहा, “मेरे भाई को चोटें आईं और उसे अस्पताल ले जाना पड़ा। मैं जान बचाने के लिए गैरेज में भागा।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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