Monday, November 29, 2021
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टीटू दिल का बुरा नहीं था… जिसे काटकर कुंडली बॉर्डर पर टाँग दिया निहंगों ने, सुनिए उसकी पत्नी की फरियाद

पत्नी का कहना है कि टीटू कभी यह कदम नहीं उठा सकता। उन्होंने सरकार से माँग की है कि अगर उसे किसी ने बहकाया है ताे उसे सामने लाना चाहिए। टीटू से ऐसी हरकत करवाने वाले को सामने लाकर सच का पता किया जाए।

सिंघु बार्डर पर सुबह शव मिलने की बात सामने आने पर पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक युवक की पहचान पंजाब के तरन तारन जिले के रहने वाले लखबीर सिंह उर्फ टीटू के रूप में हुई। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि जब वह घटनास्थल पर पहुँची तो निहंग शव को घेरकर खड़े थे। पुलिस ने उनसे पूछताछ करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं किया। लखबीर के साथ जो बर्बरता की गई, उससे जुड़े कई वीडियो सामने आए हैं। यह घटना आधी रात को हुई लेकिन पुलिस को इसकी सूचना सुबह पाँच बजे दी गई।

लखबीर सिंह की पत्नी जसप्रीत सिंह ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहा कि पाँच साल पहले चाहे वह टीटू को छोड़ चली गई थी, लेकिन लगाव आज भी था। फोन पर टीटू बेटियों से बातें किया करता था। उन्होंने कहा कि टीटू दिल का बुरा नहीं था और ना ही कभी उसने किसी का बुरा चाहा। नशा एक ऐसी आदत थी, जिसे वह छोड़ नहीं पाया। उन्हें पूरा यकीन है कि उसने यह हरकत किसी के बहकावे में आकर ही की है। उसे किसी ने अपनी बातों में फँसाया है। किसी ने नशे या पैसों का लालच देकर ही यह काम करवाया है। 

उनका कहना है कि टीटू कभी यह कदम नहीं उठा सकता। उन्होंने सरकार से माँग की है कि अगर उसे किसी ने बहकाया है ताे उसे सामने लाना चाहिए। टीटू से ऐसी हरकत करवाने वाले को सामने लाकर सच का पता किया जाए। पति की हत्या की खबर सुनकर जसप्रीत कौर अपनी छोटी बेटी के साथ ससुराल आई है। पत्नी गुमसुम घर में एक कोने पर पलंग पर बैठी है।

लखबीर सिंह तीन बेटियों का पिता था। वह मरिटल पंजाब के तरनतारन के गाँव चीमा खुर्द का निवासी था। लखबीर सिंह की पत्नी जसप्रीत उसके नशे की आदत के चलते पाँच साल पहले मायके चली गई थी। जसप्रीत के साथ ही तीनों बेटियाँ भी रहती हैं। तीनों बेटियों में कुलदीप 8 साल, सोनिया 10 साल और तानिया 12 साल की है।

पुलिस के मुताबिक लखबीर का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है, ना ही किसी राजनीतिक दल से वह जुड़ा हुआ है। उसके खिलाफ गाँव में किसी ने लड़ाई-झगड़े तक करने की शिकायत नहीं की। दलित लखबीर सिंह मजदूरी कर गुजारा करता था। मृतक की बहन राज कौर का कहना है कि चीमा में आने के बाद वह निहंगों के साथ उठता-बैठता था। वह 13 अक्टूबर को मंडी जाने की बात कह कर घर से निकला था। उसे शक है कि कोई उसे पैसों का लालच देकर या बहकावे से दिल्ली साथ ले गया होगा।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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