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कश्मीर में एक्शन में भारतीय सेना, लश्कर कमांडर उजैर खान समेत 2 आतंकी ढेर: 7 दिन चले एनकाउंटर के बाद भी जारी रहेगा सर्च ऑपरेशन

सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खात्मे के लिए 12 सितंबर को इस ऑपरेशन की शुरुआत की थी। ऑपरेशन के दूसरे दिन सेना के कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धोंचक और जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूँ भट बलिदान हो गए थे।

भारतीय सेना ने जवानों के बलिदान का बदला ले लिया है। दरअसल, सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर उजैर खान को मार गिराया है। उस पर 10 लाख रुपए का इनाम था। इसके अलावा सेना को एक अन्य आतंकी की भी लाश मिली है। उजैर खान के खात्मे के साथ ही अनंतनाग में बीते एक सप्ताह से चली आ रही मुठभेड़ भी खत्म हो गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कश्मीर के एडीजीपी विजय कुमार ने इस ऑपरेशन के बारे में बताया, “अभी सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा। कई सारे इलाके बाकी हैं। लोगों से अपील है कि वे उन इलाकों में न जाएँ। वहाँ कई सारे ग्रेनेड होने की आशंका है। हमें 2 से 3 आतंकियों के छिपे होने की जानकारी थी। लश्कर-ए-तैयबा कमांडर उजैर खान मारा गया है। उसके पास से हथियार भी बरामद हुआ है। एक अन्य बॉडी मिली है। तीसरे आतंकी की लाश मिलने की भी संभावना है।”

उन्होंने आगे कहा है, “अभी भी पूरे इलाके की तलाशी की जानी बाकी है। बहुत सारे ग्रेनेड पड़े हो सकते हैं। उन्हें इकट्ठा कर नष्ट किया जाएगा। फ़िलहाल, लश्कर कमांडर उजैर खान के मारे जाने के साथ ही 7 दिन से चली आ रही, मुठभेड़ समाप्त हो गई है।”

बता दें कि सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खात्मे के लिए 12 सितंबर को इस ऑपरेशन की शुरुआत की थी। इस ऑपरेशन के दूसरे दिन यानी 13 सितंबर को सेना के कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धोंचक और जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूँ भट बलिदान हो गए थे।

इसके बाद सुरक्षा बलों के खौफ से आतंकी वहाँ से भाग कर गैरोल गाँव में छिप गए थे। इन आतंकियों में लश्कर कमांडर उजैर खान भी था। गौरतलब है कि सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच यह मुठभेड़ जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित पीर पंजाल की पहाड़ियों में कोकरनाग के गैरोल में चल रही थी। इसलिए इसे ‘ऑपरेशन गैरोल’ भी कहा जा रहा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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