Friday, October 7, 2022
Homeदेश-समाज'₹100 में उपलब्ध हैं शाहीन बाग वाली दादी बिल्किस बानो' - कंगना रनौत को...

‘₹100 में उपलब्ध हैं शाहीन बाग वाली दादी बिल्किस बानो’ – कंगना रनौत को कानूनी नोटिस, डिलीट कर दिया था विवादित ट्वीट

अब ये ट्वीट तो डिलीट कर लिया गया है, लेकिन इसके कारण कंगना रनौत कानूनी पचड़े में फँस गई हैं। जिस 'दादी' की तस्वीर पर कंगना रनौत ने टिप्पणी की, उस तस्वीर में वो शाहीन बाग़ वाली बिल्किस बानो नहीं हैं।

शाहीन बाग़ उपद्रव से सुर्ख़ियों में आई ‘दादी’ बिल्किस बानो के ‘किसान आंदोलन’ में भाग लेने की खबर के बाद कंगना रनौत ने उन पर टिप्पणी की थी, जिसके बाद बॉलीवुड अभिनेत्री को एक कानूनी नोटिस भेजा गया है। एक वायरल तस्वीर में दिख रही एक बूढ़ी महिला को लेकर कंगना रनौत ने कहा था कि ये शाहीन बाग़ वाली वही ‘दादी’ हैं, जिन्हें टाइम मैगजीन ने सबसे प्रभावशाली लोगों में शुमार किया था।

कंगना रनौत ने दावा किया था कि शाहीन बाग़ वाली ‘दादी’ अब 100 रुपए में भी उपलब्ध हैं। उन्होंने पाकिस्तानी पत्रकारों पर भारत का अंतरराष्ट्रीय PR गलत तरीके से हाईजैक करने का आरोप भी लगाया। कंगना रनौत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बात पहुँचाने के लिए हमारे अपने लोग चाहिए। अब ये ट्वीट तो डिलीट कर लिया गया है, लेकिन इसके कारण कंगना कानूनी पचड़े में फँस गई हैं।

वहीं ‘न्यूज़ 18’ की एक खबर के अनुसार, जिस ‘दादी’ की तस्वीर पर कंगना रनौत ने टिप्पणी की, उस तस्वीर में वो शाहीन बाग़ वाली बिल्किस बानो नहीं हैं। इस खबर में बताया गया है कि ये तस्वीर भारतीय किसान यूनियन के एक प्रदर्शन का है, जब पीली साड़ी में कई महिलाओं को केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए देखा गया था। बिल्किस बानो ने भी दावा किया कि ये उनकी तस्वीर नहीं है।

हालाँकि, बिल्किस बानो खुद भी मंगलवार (दिसंबर 1, 2020) को ‘किसान आंदोलन’ में हिस्सा लेने पहुँचीं, लेकिन उपद्रव की आशंका के कारण उन्हें पुलिस ने उन्हें रोक दिया था। अब वो खुद को ‘किसान की बेटी’ बताते हुए सरकार को किसानों की आवाज़ सुनने की नसीहत दे रही हैं। उन्हें सिंघु सीमा पर रोका गया। पुलिस ने उन्हें अपनी सुरक्षा में लेकर साउथ ईस्ट दिल्ली स्थित उनके आवास पर पहुँचाया।

यहाँ गौरतलब हो कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लाए गए कृषि सुधार कानूनों को लेकर जारी किसानों के ‘विरोध प्रदर्शन’ में धीरे-धीरे वह सभी लोग एक साथ आ रहे हैं, जिन्होंने पिछले दिनों शाहीन बाग जैसे आंदोलन का समर्थन किया था। भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर रावण ने भी गाजीपुर बॉर्डर पर जाकर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उदित राज ने कहा है कि वो किसानों की माँगों का समर्थन करते हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मंदिर में नमाज गंगा-जमुनी तहजीब, कर्नाटक के बीदर में पारंपरिक दशहरा पूजा मस्जिद-मुस्लिमों पर हमला: इस्लामी प्रलाप कब तक भोगते रहेंगे हिंदू

कर्नाटक के बीदर में दशहरा पूजा की जो परिपाटी निजाम काल से चल रही है, उस पर इस्लामी प्रलाप चल रहा है। इसके दबाव में पुलिस ने 9 हिंदुओं पर एफआईआर की है।

राजस्थान में छाया बिजली संकट: 23 थर्मल स्टेशनों में से 11 बंद, प्रदेश में बचा है सिर्फ 4 दिन का कोयला

राजस्थान में बिजली संकट का खतरा बढ़ता जा रहा है। कोयले की आपूर्ति न होने के कारण प्रदेश में 23 थर्मल स्टेशनों में से 11 ने बिजली उत्पादन करना बंद कर दिया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
226,757FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe