Tuesday, June 18, 2024
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कक्षा 6, 7, 8, 9 और 11 में पढ़ने वाले 70 लाख विद्यार्थी बिना परीक्षा दिए होंगे प्रोन्नत, यूपी बोर्ड ने लिया फैसला

इस आदेश का प्रदेश के करीब 70 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। वहीं प्रदेश में यूपी बोर्ड के लगभग 27000 स्कूल हैं, जिनमें से 2000 स्कूल सरकारी और 4500 स्कूल सहायताप्राप्त हैं, जबकि बाकी निजी स्कूल हैं। आपको बता दें कि कोरोना की रोकथाम के लिए 24 अप्रैल को घोषित किए गए लॉकडाउन के दौरान प्रदेश के इन सभी स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएँ चल रही थीं, या फिर कुछ स्कूलों में हो चुकी थीं।

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए मंगलवार को एक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बढ़ाई गई लॉकडाउन की अवधि के बाद यूपी बोर्ड ने बड़ा फैसला लिया है। इस बीच यूपी बोर्ड ने कोरोना संकट के बीच आदेश जारी करते हुए कहा है कि यूपी बोर्ड के स्कूलों में कक्षा 6 से लेकर 9 और कक्षा 11 में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रोन्नत किया जाएगा। इसे अमल में लाने के लिए विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया।

इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा परिषद की प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला की ओर से एक आदेश जारी किया गया है। आदेश में कहा गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लॉकडाउन के कारण असाधारण परिस्थितियाँ पैदा हुई हैं। लिहाजा शैक्षिक सत्र को नियमित करने के लिए विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से अगली कक्षा में प्रोन्नत कर दिया जाए। इस निर्णय के तहत उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के स्कूलों में कक्षा 6, 7, 8, 9 और कक्षा 11 में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को शिक्षा सत्र वर्ष 2019-20 से अगली कक्षा में प्रमोशन दिया जाएगा।

माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी किया गया आदेश

परिषद की ओर से ये आदेश सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजे गए हैं। साथ ही सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित सरकारी स्कूलों व प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे सभी विद्यार्थियों को उनकी अगली कक्षा में प्रोन्नत कराना सुनिश्चित करें। विभाग ने साफ कहा कि है कि विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रोन्नत किए जाने के निर्देशों को स्कूलों में सख्ती से लागू कराएँ।

दरअसल इस आदेश का प्रदेश के करीब 70 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। वहीं प्रदेश में यूपी बोर्ड के लगभग 27000 स्कूल हैं, जिनमें से 2000 स्कूल सरकारी और 4500 स्कूल सहायताप्राप्त हैं, जबकि बाकी निजी स्कूल हैं। आपको बता दें कि कोरोना की रोकथाम के लिए 24 अप्रैल को घोषित किए गए लॉकडाउन के दौरान प्रदेश के इन सभी स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएँ चल रही थीं, या फिर कुछ स्कूलों में हो चुकी थीं।

गौरतलब है कि 18 फरवरी से प्रदेश में शुरू हुई हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएँ 6 मार्च को समाप्त हो गई थी, लेकिन इसके बाद कॉपियाँ चेक भी नहीं हो सकी। लिहाजा लॉकडाउन की समय सीमा समाप्त होते ही माध्यमिक शिक्षा परिषद की प्राथमिकता बोर्ड परीक्षाओं की कॉपी को चेक करा परीक्षा परिणाम घोषित करना होगा, जिससे कि समय से अगली कक्षाओं का संचालन हो सके। आपको बता दें कि देश में 3 मई तक लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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