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सियाचिन पर तैनात जवानों ने डाला वोट: देश के प्रहरियों के लिए EC ने किए खास इंतजाम

नई पहल के तहत चुनाव आयोग ने दूरदराज़ इलाक़ो और दुर्गम स्थानों में तैनात भारतीय सैनिकों के लिए ऑनलाइन मतपत्र डाउनलोड करके, मतदान करने और उन्हें अपने संबंधित निर्वाचन अधिकारी को पोस्ट करने की सुविधा दी गई है।

ख़राब मौसम और दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद भारतीय सेना के जवानों ने लोकतंत्र की प्रक्रिया में हिस्सा लेते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सियाचिन ग्लेशियर और जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर तैनात जवानों ने गुरुवार (अप्रैल 11, 2019) को सशस्त्र बल मतदाता के तौर पर मतदान किया।

रक्षा विभाग के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि भारतीय सेना के जवानों ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेकर एक ज़िम्मेदार नागरिक होने का कर्तव्य पूरा किया। इसके अलावा उन्होंने बताया कि नई पहल के तहत चुनाव आयोग ने दूरदराज़ इलाक़ो और दुर्गम स्थानों में तैनात भारतीय सैनिकों के लिए ऑनलाइन मतपत्र डाउनलोड करके, मतदान करने और उन्हें अपने संबंधित निर्वाचन अधिकारी को पोस्ट करने की सुविधा दी गई है। भारतीय सैनिकों ने वोट डालकर देश लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मज़बूती को दर्शाया है।

11 अप्रैल को पहले चरण के मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई जिसके तहत देश के 18 राज्यों और दो केंद्रशासित प्रदेशों की 91 सीटों पर वोटिंग हुई। पहले चरण में सबसे ज़्यादा उत्साह पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के मतदाताओं में दिखा। वहीं ख़बर यह भी है कि बिहार में सबसे कम वोटिंग हुई और जम्मू-कश्मीर की दो सीटों पर 54.49% तक मतदान हुआ।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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