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हैदराबाद में BJP प्रत्याशी माधवी लता को गले लगाने वाली ASI उमा देवी निलंबित, प्रचार के दौरान का वीडियो ओवैसी समर्थकों ने सोशल मीडिया पर किया था वायरल

माधवी लता का यहाँ मुकाबला AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से है। ओवैसी साल 2004 से यानी लगातार चार बार से यहाँ से सांसद हैं। पाँचवीं बार के लिए भी उन्होंने नामांकन करा लिया है। इसके पहले उनके अब्बा सुल्तान सलाहुद्दीन ओवैसी साल 1984 से 1999 तक यहाँ से सांसद रहे। इसके पहले वे यहाँ से विधायक थे।

हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर के. श्रीनिवास रेड्डी ने भाजपा की लोकसभा प्रत्याशी के. माधवी लता को गले लगाने वाली ASI को निलंबित कर दिया है। निलंबित की गई ASI सैदाबाद में तैनात थी और उनका नाम उमा देवी है। माधवी लता हैदराबाद लोकसबा सीट से भाजपा की उम्मीदवार हैं। उमा देवी का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह माधवी लता से हाथ मिलाते और गले लगते हुए दिख रही हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर ने इसका संज्ञान लिया है। पुलिस कमिश्नर ने इस आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए उन पर कार्रवाई की और उन्हें निलंबित कर दिया। दरअसल, माधवी लता सैदाबाद थाने की सीमा में चुनाव प्रचार कर रही थीं, तब उमा देवी वर्दी में ड्यूटी पर थीं। इसी दौरान उन्होंने भाजपा उम्मीदवार से मुलाकात की थी।

दरअसल, हैदराबाद के वर्तमान सांसद असदुद्दीन ओवैसी के समर्थकों और अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने हैदराबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी इसमें टैग करना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस कमिश्नर के जाँच के जाँच के आदेश दिए और आखिर में उन्हें निलंबित कर दिया।

बता दें कि माधवी लता ने पिछले सप्ताह रामनवमी पर निकाले गए जुलूस में शामिल हुई थीं। इस दौरान उन्होंने सांकेतिक रूप से धनुष पर बाण रखकर छोड़ा था। जिस तरफ वह ऐसा कर रही थीं, उसी तरफ एक मस्जिद था। इसको लेकर विपक्षियों ने हंगामा कर दिया कि उन्होंने मस्जिद पर बाण चलाई है। शेख इमरान नाम के एक व्यक्ति ने उनके खिलाफ शिकायत भी दी।

पुलिस ने माधवी लता के खिलाफ अपने भड़काऊ हाव-भाव से एक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का मामला दर्ज किया है। यह मामला बेगम बाजार थाने में दर्ज किया गया है। उन पर धारा 295A (जानबूझकर दुर्भावनापूर्ण कार्यों से किसी धर्म के विश्वासों का अपमान कर भावनाओं को ठेस पहुँचाना) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

दरअसल, माधवी लता का यहाँ मुकाबला AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से है। ओवैसी साल 2004 से यानी लगातार चार बार से यहाँ से सांसद हैं। पाँचवीं बार के लिए भी उन्होंने नामांकन करा लिया है। इसके पहले उनके अब्बा सुल्तान सलाहुद्दीन ओवैसी साल 1984 से 1999 तक यहाँ से सांसद रहे। इसके पहले वे यहाँ से विधायक थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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