Thursday, June 13, 2024
Homeदेश-समाजलॉकडाउन के बीच राशन की दुकान का जायजा लेने घूँघट-चप्पल पहनकर पहुँची SDM पल्लवी...

लॉकडाउन के बीच राशन की दुकान का जायजा लेने घूँघट-चप्पल पहनकर पहुँची SDM पल्लवी मिश्रा

एसडीएम पल्लवी मिश्रा ने बताया कि कई दुकानदार एमआरपी से पाँच या दस रुपए ज्यादा पर वस्तुएँ बेच रहे थे। ग्रामीण इलाकों में दुकानें कम होने के कारण इन सभी को चेतावनी दी गई हैं कि इसके बाद दोबारा ऐसे ही किसी और तहसील के अधिकारी से जाँच कराई जाएगी। इसके बाद उन्होंने बीस दुकानदारों को नोटिस भी दिया है।

कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण देशभर में 21 दिन का लॉकडाउन जारी है। यह लॉकडाउन आम जनता के साथ-साथ शासन और प्रशासन की भी परीक्षा साबित हो रहा है। जहाँ एक ओर कोरोना वायरस से संक्रमित आईएएस अधिकारी को विदेश से लौटने के बाद क़्वारंटाइन से घर भागने के आरोप में निलंबित किया गया है, वहीं अधिकारियों का एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है, जो दिन-रात कानून व्यवस्था बनाने से लेकर आम जनमानस की सुविधाओं का अभी ध्यान रख रहा है। ऐसे ही कुछ उदाहरणों में से एक हैं एसडीएम पल्लवी मिश्रा।

मोहनलालगंज, लखनऊ पल्लवी मिश्रा ने लॉकडाउन के दौरान राशन की दुकान, किराना स्टोर का अनोखे अंदाज में निरीक्षण किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आम जनता से कोई मनमानी कीमत ना ली जा रही हो। गरीब और मजबूर लोगों से कोई आटा, दाल, चावल, तेल आदि की रोजमर्रा की वस्तुओं की ज्यादा कीमत न वसूले इसके लिए एसडीएम पल्लवी मिश्रा ने भेष बदलकर चप्पल, और पुराने कपड़े पहनकर आम लोगों के साथ दुकान की कतार में शामिल हो गईं।

वो किसी की पहचान में न आएँ, इसके लिए उन्होंने राशन की दुकान पर घूँघट भी ओढ़ा। रिपोर्ट्स के अनुसार, एसडीएम पल्लवी मिश्रा ने बताया कि कई दुकानदार एमआरपी से पाँच या दस रुपए ज्यादा पर वस्तुएँ बेच रहे थे। ग्रामीण इलाकों में दुकानें कम होने के कारण इन सभी को चेतावनी दी गई हैं कि इसके बाद दोबारा ऐसे ही किसी और तहसील के अधिकारी से जाँच कराई जाएगी। इसके बाद उन्होंने बीस दुकानदारों को नोटिस भी दिया है।

इसके साथ ही उन्होंने इलाके की करीब 30 दुकानों की जाँच की और उनसे ‘कच्चे और पक्के’ बिल जैसी शिकायतों पर भी जानकारी इकट्ठी की। एसडीएम पल्लवी मिश्रा अक्सर अपनी कर्तव्यनिष्ठा के कारण चर्चा में रहती हैं। गत वर्ष ही उन्होंने अपनी बेटी को सरकारी स्कूल में भर्ती करवाकर उदाहरण पेश किया था।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

लड़की हिंदू, सहेली मुस्लिम… कॉलेज में कहा, ‘इस्लाम सबसे अच्छा, छोड़ दो सनातन, अमीर कश्मीरी से कराऊँगी निकाह’: देहरादून के लॉ कॉलेज में The...

थर्ड ईयर की हिंदू लड़की पर 'इस्लाम' का बखान कर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया और न मानने पर उसकी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई।

जोशीमठ को मिली पौराणिक ‘ज्योतिर्मठ’ पहचान, कोश्याकुटोली बना श्री कैंची धाम : केंद्र की मंजूरी के बाद उत्तराखंड सरकार ने बदले 2 जगहों के...

ज्तोतिर्मठ आदि गुरु शंकराचार्य की तपोस्‍थली रही है। माना जाता है कि वो यहाँ आठवीं शताब्दी में आए थे और अमर कल्‍पवृक्ष के नीचे तपस्‍या के बाद उन्‍हें दिव्‍य ज्ञान ज्‍योति की प्राप्ति हुई थी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -